US-Iran टेंशन बन सकता है गोल्डन मौका! क्यों वायरल हो रहा वॉरेन बफेट का बयान, जानें दिग्गज की मार्केट स्ट्रैटजी

मिडिल ईस्ट में US-Iran संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता बढ गई है और तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढा दी है. इस बीच वॉरेन बफेट का एक पुराना इंटरव्यू फिर सुर्खियों में है, जिसमें उन्होंने बताया था कि युद्ध, आर्थिक संकट और महामारी जैसे दौर निवेश की दुनिया में नए नहीं हैं. उनका मानना है कि ऐसे समय में घबराने के बजाय निवेशकों को मजबूत कंपनियों और लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान देना चाहिए.

वॉरेन बफेट Image Credit: Ankit Agrawal/Mint via Getty Images

Warren Buffett Investing Advice: मिडिल ईस्ट में जारी US-Iran युद्ध के कारण वैश्विक वित्तीय बाजारों में भारी उतार-चढाव देखने को मिल रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक आर्थिक सुस्ती की आशंकाओं ने शेयर बाजारों पर दबाव बढा दिया है. भारत में भी Sensex और Nifty 50 जैसे प्रमुख सूचकांकों में तेज गिरावट दर्ज की गई है. इसी बीच दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट का एक पुराना इंटरव्यू सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने संकट के समय निवेश को लेकर अहम सलाह दी थी.

संकट बाजार का हिस्सा हैं

2022 में पत्रकार चार्ली रोज को दिए गए एक इंटरव्यू में वॉरेन बफेट ने कहा था कि आर्थिक संकट, युद्ध और महामारी जैसी घटनाएं बाजार का हिस्सा रही हैं और भविष्य में भी होती रहेंगी. उन्होंने कहा था कि इतिहास में दुनिया ने सिविल वॉर, ग्रेट डिप्रेशन और कई महामारियों का सामना किया है, लेकिन इसके बावजूद अर्थव्यवस्था और कारोबार आगे बढते रहे हैं.

लंबी अवधि का नजरिया जरूरी

Berkshire Hathaway के चेयरमैन और दुनिया के सबसे सफल निवेशकों में शामिल वॉरेन बफेट हमेशा लंबी अवधि के निवेश पर जोर देते हैं. उनका मानना है कि बाजार में अस्थिरता के समय निवेशकों को घबराकर फैसले लेने के बजाय धैर्य बनाए रखना चाहिए.

बाजार कई संकट झेल चुका है

इतिहास में शेयर बाजार कई बड़े संकटों से गुजर चुका है. इनमें ग्रेट डिप्रेशन, ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस और Covid-19 महामारी जैसी घटनाएं शामिल हैं. इन सभी चुनौतियों के बावजूद वैश्विक अर्थव्यवस्था और कंपनियों की ग्रोथ लंबी अवधि में जारी रही है.

युद्ध से बढी बाजार की चिंता

मिडिल ईस्ट में US-Iran संघर्ष के चलते तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढी है. भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों के लिए यह स्थिति खास तौर पर चिंता का विषय है, क्योंकि इससे महंगाई और व्यापार घाटा बढ सकता है.

निवेशकों के लिए क्या सीख

वॉरेन बफेट की निवेश रणनीति यह बताती है कि बाजार में गिरावट या संकट अस्थायी होते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने के बजाय मजबूत कंपनियों में लंबी अवधि के निवेश पर ध्यान देना चाहिए.

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