अगले हफ्ते बाजार में रहेगी तेज हलचल, शेयर बाजार की दिशा तय करेंगे ये 5 बड़े फैक्टर
पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली और Sensex व Nifty लगातार तीसरे हफ्ते टूटकर बंद हुए. बाजार की दिशा अब कई ग्लोबल फैक्टर्स से तय होगी. निवेशकों की नजर US Federal Reserve की बैठक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमत, विदेशी निवेशकों की गतिविधि और रुपये की चाल पर रहेगी.
Indian Stock Market: शेयर मार्केट में पिछले हफ्ते भारी गिरावट देखने को मिली. लगातार तीसरे सत्र में बिकवाली के कारण बाजार दबाव में रहा. इस दौरान Sensex और Nifty में करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. पूरे हफ्ते में Sensex करीब 2410 अंक और Nifty करीब 697 अंक टूट गया. बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण आई. अब निवेशकों की नजर अगले हफ्ते आने वाले कई अहम फैक्टर्स पर रहेगी जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं.
US Fed की बैठक पर नजर
अगले हफ्ते निवेशकों की सबसे ज्यादा नजर US Federal Reserve की बैठक पर रहेगी. यह बैठक 17 मार्च से शुरू होगी और 18 मार्च को इसके नतीजे सामने आएंगे. फिलहाल अमेरिका में ब्याज दर 3.5 से 3.75 फीसदी के दायरे में है. अगर फेड ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाता है तो इसका असर ग्लोबल बाजारों के साथ साथ भारतीय बाजार पर भी पड़ सकता है.
पश्चिम एशिया का तनाव बड़ा फैक्टर
पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष भी मार्केट के लिए बड़ा रिस्क बना हुआ है. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान के साथ तनाव बढ़ गया है. इस टकराव के और बढ़ने की आशंका से ग्लोबल बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है. अगर हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर शेयर बाजार के साथ- साथ कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है.
कच्चे तेल की कीमतें तय करेंगी बाजार की दिशा
कच्चे तेल की कीमतें भी अगले हफ्ते बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं. फिलहाल Brent crude करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है. हालांकि अमेरिका ने कुछ समय के लिए देशों को रूसी तेल खरीदने की छूट दी है जिससे सप्लाई को लेकर चिंता थोड़ी कम हुई है. लेकिन अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है या Hormuz Strait में सप्लाई प्रभावित होती है तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं.
रुपया भी रहेगा अहम फैक्टर
विदेशी निवेशकों की एक्टिविटी भी बाजार की चाल तय करेंगी. मार्च के पहले आधे महीने में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 52704 करोड़ रुपये से ज्यादा की बिकवाली की है. साल 2026 में अब तक कुल निकासी 66051 करोड़ रुपये के करीब पहुंच चुकी है. रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी विदेशी निवेशकों की रणनीति को प्रभावित कर सकती हैं. इसलिए आने वाले दिनों में FPI की खरीद और बिकवाली पर बाजार की नजर रहेगी.
Latest Stories
बाजार की नजर से दूर ये 3 AI कंपनियां, क्या ये अंडर-द-रेडार स्टॉक्स बन सकते हैं अगले बड़े खिलाड़ी? 5 साल में दिया 329% तक का रिटर्न
US-Iran टेंशन बन सकता है गोल्डन मौका! क्यों वायरल हो रहा वॉरेन बफेट का बयान, जानें दिग्गज की मार्केट स्ट्रैटजी
दिग्गज निवेशकों का दम, 10 साल में कचोलिया से केडिया तक के पोर्टफोलियो ने दिया 23000% तक रिटर्न, जानें इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी
