बाजार में गिरावट के बीच क्या SIP रोक देना सही फैसला? जानिए क्या कहते हैं आंकड़े
हाल के दिनों में भी वैश्विक तनाव के कारण बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है. इस साल अब तक Nifty 50 करीब 8 प्रतिशत गिर चुका है. वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट देखी गई है. ऐसे माहौल में कई निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें अपने म्यूचुअल फंड SIP को जारी रखना चाहिए या फिलहाल रोक देना चाहिए.
Mutual Fund SIP: शेयर बाजार में निवेश करने वाले लोग जानते हैं कि बाजार हमेशा एक जैसा नहीं रहता. कभी बाजार तेजी से ऊपर जाता है तो कभी अचानक गिरावट भी देखने को मिलती है. हाल के दिनों में भी वैश्विक तनाव के कारण बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया है. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता की वजह से निवेशकों में चिंता बढ़ी है. इस गिरावट का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है.
इस साल अब तक Nifty 50 करीब 8 प्रतिशत गिर चुका है. वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी गिरावट देखी गई है. ऐसे माहौल में कई निवेशकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या उन्हें अपने म्यूचुअल फंड SIP को जारी रखना चाहिए या फिलहाल रोक देना चाहिए. एक्सपर्ट का मानना है कि बाजार की गिरावट के समय SIP बंद करना अक्सर एक बड़ी गलती साबित हो सकती है.
क्या बाजार गिरने पर SIP रोक देना चाहिए
जब बाजार में तेज गिरावट आती है तो कई निवेशक डर जाते हैं और SIP रोकने के बारे में सोचने लगते हैं. लेकिन एक्सपर्ट के अनुसार ऐसा करना सही फैसला नहीं होता. इतिहास बताता है कि हर बड़ी गिरावट के बाद बाजार में मजबूत रिकवरी भी देखने को मिलती है. साल 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट और 2020 के कोविड-19 महामारी के दौरान भी बाजार में बड़ी गिरावट आई थी. लेकिन बाद में बाजार ने तेजी से वापसी की और लंबे समय तक निवेश करने वालों को अच्छा रिटर्न मिला.
गिरावट में SIP क्यों फायदेमंद हो सकती है
जब बाजार गिरता है तो म्यूचुअल फंड की कीमतें भी कम हो जाती हैं. ऐसे समय में SIP के जरिए निवेश करने पर निवेशकों को उसी रकम में ज्यादा यूनिट मिलती हैं. जब भविष्य में बाजार फिर से ऊपर जाता है तो यही ज्यादा यूनिट निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिला सकती हैं. इसलिए गिरावट के समय SIP जारी रखना लंबी अवधि में फायदेमंद माना जाता है.
अभी निवेश कैसे करें
Equity master की एक रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा बाजार में निवेश करते समय लंबी अवधि का नजरिया रखना जरूरी है. बड़े और अच्छी तरह मैनेज किए गए म्यूचुअल फंड में निवेश जारी रखना बेहतर रणनीति हो सकती है. लार्ज कैप, फ्लेक्सी कैप, वैल्यू फंड और हाइब्रिड फंड जैसी कैटेगरी बाजार की गिरावट को बेहतर तरीके से संभाल सकती हैं. अगर किसी निवेशक का जोखिम लेने का स्तर ज्यादा है और निवेश अवधि लंबी है, तो वह मिडकैप और स्मॉलकैप फंड में भी निवेश जारी रख सकता है.
| इंडेक्स | गिरावट (2026 में अब तक) |
|---|---|
| Nifty 50 | 8% गिरावट |
| Nifty Midcap 150 | 7% गिरावट |
| Nifty Smallcap 250 | 9.7% गिरावट |
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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