Apple से Nvidia तक, दिग्गजों की निगाहें इस सेमीकंडक्टर कंपनी पर; चीन-USA की भी टिकी हैं नजरें, 1 साल में 100% उछला शेयर
Apple से Nvidia तक की टेक दुनिया जिस ताकत पर चलती है, वह कोई चिप बनाने वाली कंपनी नहीं, बल्कि मशीन बनाने वाली कंपनी है. नीदरलैंड की ASML ऐसी अत्याधुनिक मशीनें बनाती है, जिनसे दुनिया की सबसे एडवांस सेमीकंडक्टर चिप तैयार होती हैं. iPhone, AI मॉडल और डेटा सेंटर-सबकी असली नींव यही कंपनी है.
ASML: जब आप iPhone खोलते हैं, AI से सवाल पूछते हैं या क्लाउड पर फोटो सेव करते हैं, तब आप सीधे तौर पर Apple, Nvidia या Google के बारे में सोचते हैं. लेकिन सच्चाई यह है कि इन सभी टेक दिग्गजों के पीछे एक ऐसी कंपनी खड़ी है, जिसका नाम आम लोग शायद ही जानते हों. यह कंपनी खुद चिप नहीं बनाती, फिर भी दुनिया की सबसे एडवांस चिप उसी की बदौलत बनती है. यह कहानी है नीदरलैंड की कंपनी ASML की, जो डिजिटल दुनिया की असली रीढ़ बन चुकी है.
ASML क्या करती है और क्यों है खास?
ASML चिप डिजाइन या निर्माण नहीं करती. यह उन बेहद जटिल मशीनों को बनाती है जिनकी मदद से दुनिया की सबसे एडवांस चिप्स तैयार की जाती हैं. 1984 में Philips और ASM International के जॉइंट वेंचर के रूप में शुरू हुई ASML आज यूरोप की सबसे बड़ी टेक कंपनियों में गिनी जाती है. इसका सबसे अहम प्रोडक्ट है EUV (Extreme Ultraviolet) लिथोग्राफी मशीन. अगर चिप को किताब मानें, तो ASML वह प्रिंटिंग प्रेस बनाती है जिससे वह किताब छपती है. बिना ASML की मशीनों के आधुनिक प्रोसेसर बन ही नहीं सकते.
शेयर का हाल
NASDAQ पर लिस्टेट ASML के शेयर में बीते कारोबारी दिवस में लगभग 0.8 फीसदी की तेज आई. इस तेजी के बाद कंपनी के शेयर का भाव 1,497.80 USD पर पहुंच गया. बीते एक साल में इसने 103 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है.
चिप कैसे बनती है?
सिलिकॉन वेफर से चिप बनाने की शुरुआत होती है, जो एक गोल और चिकनी डिस्क होती है. इस पर कई परतें चढ़ाई जाती हैं. फिर लिथोग्राफी मशीन लाइट की मदद से बहुत छोटे-छोटे पैटर्न बनाती है. इसी प्रक्रिया को कई बार दोहराकर अरबों छोटे ट्रांजिस्टर तैयार किए जाते हैं. ट्रांजिस्टर ही असल में चिप के छोटे-छोटे स्विच होते हैं, जो डेटा को प्रोसेस करते हैं. पुरानी चिप्स के लिए DUV तकनीक का इस्तेमाल होता है, जिसे Nikon और Canon जैसी कंपनियां भी बनाती हैं. लेकिन सबसे आधुनिक चिप्स के लिए सिर्फ EUV मशीन काम करती है. गौर करने वाली बात यह है कि EUV मशीन दुनिया में केवल ASML बनाती है.
EUV तकनीक क्यों है गेम चेंजर?
EUV तकनीक की मदद से बेहद छोटे आकार के पैटर्न सिलिकॉन पर छापे जा सकते हैं. इससे एक ही चिप में ज्यादा ट्रांजिस्टर फिट होते हैं. ज्यादा ट्रांजिस्टर मतलब तेज, ताकतवर और कम बिजली खपत वाली चिप. ASML की EUV मशीन की कीमत करीब 200 मिलियन डॉलर तक होती है और इसका वजन लगभग 180 टन होता है. इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाने के लिए तीन Boeing 747 विमान लगते हैं. इसी तकनीक की वजह से iPhone जैसे स्मार्टफोन तेज चलते हैं, AI मॉडल तेजी से काम करते हैं और डेटा सेंटर ज्यादा कुशल बनते हैं. Nvidia चिप डिजाइन करती है, TSMC उन्हें बनाती है, लेकिन यह सब ASML की मशीन के बिना संभव नहीं.
ASML का मुकाबला क्यों नहीं कर पाता कोई?
EUV तकनीक विकसित करने में ASML को 17 साल से ज्यादा का समय और अरबों डॉलर का निवेश लगा. विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर आज कोई नई कंपनी शुरुआत करे तो उसे कम से कम 15 साल और 10 अरब डॉलर से ज्यादा खर्च करने होंगे, वह भी सिर्फ एक कामचलाऊ मशीन बनाने के लिए. Nikon और Canon जैसी कंपनियां ASML का कॉम्पटीटर हैं, लेकिन वे EUV के स्तर तक नहीं पहुंच पाईं. ASML की ताकत सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि उसका मजबूत सप्लाई चेन नेटवर्क भी है.
अमेरिका-चीन विवाद और ASML की भूमिका
2018 के बाद ASML अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी संघर्ष के केंद्र में आ गई. अमेरिका ने नीदरलैंड पर दबाव डाला कि वह चीन को ASML की सबसे एडवांस EUV मशीनें बेचने से रोके. बाद में DUV मशीनों पर भी पाबंदियां कड़ी कर दी गईं. Tradebrains की एक रिपोर्ट्स के अनुसार, ASML ने अब तक चीन को एक भी EUV मशीन नहीं बेची है. इस फैसले से चीन की एडवांस चिप उत्पादन क्षमता पर असर पड़ा है. इससे साफ है कि ASML सिर्फ एक कंपनी नहीं, बल्कि वैश्विक टेक पॉलिटिक्स का भी अहम हिस्सा बन चुकी है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
