पाकिस्तान के PM मार दिए जाते, अगर नहीं रुकवाता भारत-पाक युद्ध, ट्रंप का सीजफायर पर बड़ा दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध को लेकर बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि अगर वह हस्तक्षेप नहीं करते तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मारे गए होते. ट्रंप ने अमेरिकी संसद में अपने संबोधन के दौरान यह बात कही. उन्होंने एक बार फिर युद्ध रुकवाने का श्रेय खुद को दिया और इसे अपनी कूटनीतिक सफलता बताया.

ट्रंप का दावा नहीं रुकवाता भारत-पाक युद्ध तो मारे जाते पाकिस्तानी PM. Image Credit: money9live

Donald Trump: भारत- पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने कहा कि अगर वह युद्ध नहीं रुकवाते तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मारे गए होते. ट्रंप ने एक बार फिर युद्ध रुकवाने का क्रेडिट खुद लेते हुए भारत पाकिस्तान और थाईलैंड कंबोडिया के बीच तनाव का जिक्र किया. संसद में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि 35 मिलियन लोग यह कह रहे हैं कि अगर मैं भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध को नहीं रुकवाता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मारे गए होते. ट्रंप ने यह दावा भी किया की पाकिस्तान के PM सीजफायर के लिए उनके सामने गिड़गिड़ाए थे.

ट्रंप ने भारत पाकिस्तान युद्ध पर लिया क्रेडिट

अमेरिकी संसद में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अगर वह भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे युद्ध को नहीं रुकवाते तो हालात और खराब हो जाते. उन्होंने दावा किया कि 35 मिलियन लोग यह कह रहे हैं कि उनके हस्तक्षेप से बड़ी तबाही टल गई. ट्रंप पहले भी कई बार यह कह चुके हैं कि उन्होंने दोनों देशों के बीच तनाव कम कराया. उन्होंने इसे अपनी कूटनीतिक सफलता बताया.

शहबाज शरीफ की जान पर जताई चिंता

ट्रंप ने कहा कि अगर युद्ध जारी रहता तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मारे जा सकते थे. उनके इस बयान ने सबको चौंका दिया. ट्रंप ने यह बात अपने संबोधन के दौरान कही और इसे गंभीर स्थिति बताया. उन्होंने कहा कि उनका मकसद क्षेत्र में शांति कायम रखना था.

पाकिस्तान ने खारिज किया बयान

ट्रंप के इन दावों पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया सामने आ गई है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्रंप के बयान को खारिज कर दिया है. उन्होंने कहा कि ट्रंप गलत जानकारी फैला रहे हैं. शहबाज शरीफ ने इन दावों को पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद बताया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी सुरक्षा और नीतियों को लेकर सक्षम है और इस तरह के बयानों का कोई आधार नहीं है.

थाईलैंड- कंबोडिया का भी किया जिक्र

अपने भाषण में ट्रंप ने भारत पाकिस्तान के अलावा थाईलैंड और कंबोडिया के बीच तनाव का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने कई जगहों पर शांति स्थापित करने में भूमिका निभाई है. ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन ने कई संभावित संघर्षों को रोका.

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वेनेजुएला ऑपरेशन की तारीफ

ट्रंप ने अपने भाषण में वेनेजुएला से जुड़े ऑपरेशन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि एक बड़े ड्रग तस्कर को मेक्सिको में सुरक्षा अभियान के दौरान मार गिराया गया. उन्होंने दक्षिण अमेरिका के समुद्री इलाकों में ड्रग तस्करी के खिलाफ की गई कार्रवाई की भी सराहना की. ट्रंप ने कहा कि इन कदमों से अमेरिका में ड्रग्स की सप्लाई रोकने में मदद मिली. उन्होंने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को भी बड़ी सफलता बताया.

ईरान पर खुलकर नहीं बोले

ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई पर साफ तौर पर कुछ नहीं कहा. उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता कूटनीति के जरिए समस्या सुलझाने की है. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि वह कभी भी ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं देंगे. उन्होंने इस मुद्दे पर ज्यादा विस्तार नहीं किया और अगले विषय पर बढ़ गए. इससे यह साफ नहीं हो पाया कि आगे उनकी रणनीति क्या होगी.