अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अवैध टैरिफ वसूली बंद करेगा USA कस्टम्स, इस तारीख से होगा लागू

अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ को अवैध घोषित किए जाने के बाद US कस्टम्स 24 फरवरी से इनकी वसूली बंद करेगा. रॉयटर्स के अनुसार, करीब 175 अरब डॉलर के राजस्व पर रिफंड का सवाल खड़ा हो गया है. हालांकि अन्य कानूनों के तहत टैरिफ जारी रहेंगे.

ट्रंप टैरिफ Image Credit: @Money9live

अमेरिका में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अवैध करार दिए गए टैरिफ की वसूली अब बंद होने जा रही है. अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने घोषणा की है कि वह 24 फरवरी से इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ की वसूली रोक देगा. रॉयटर्स के मुताबिक, एजेंसी ने शिपर्स को भेजे संदेश में कहा कि मंगलवार, 24 फरवरी को अमेरिकी समयानुसार रात 12:01 बजे से इन टैरिफ को इकट्ठा करना बंद कर दिया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने ठहराया अवैध

सुप्रीम कोर्ट ने तीन दिन पहले ही ट्रंप प्रशासन के दौर में लगाए गए इन टैरिफ को अवैध ठहराया था. इसके बाद अब CBP सभी संबंधित टैरिफ कोड को निष्क्रिय करेगा, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के IEEPA आदेशों से जुड़े थे.

टैरिफ को लेकर नया मोड़

हालांकि, टैरिफ वसूली रोकने के फैसले के साथ ही एक नया मोड़ भी आया है. ट्रंप प्रशासन ने इन्हीं टैरिफ की जगह एक अलग कानूनी प्रावधान के तहत 15% का नया वैश्विक टैरिफ लागू किया है. इसका मतलब यह है कि पुराने टैरिफ भले ही खत्म हो रहे हों, लेकिन अन्य कानूनों के तहत लगाए गए शुल्क जारी रहेंगे.

इस पर असमंजस

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, CBP ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी कुछ दिनों तक पोर्ट्स पर टैरिफ क्यों वसूले जाते रहे. एजेंसी ने यह भी नहीं बताया कि आयातकों को संभावित रिफंड कब और कैसे मिलेगा.

हर दिन कितना रेवेन्यू

एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि IEEPA के तहत वसूले गए टैरिफ से अमेरिकी ट्रेजरी को करीब 175 अरब डॉलर तक की रकम मिली है, जो अब रिफंड के दायरे में आ सकती है. पेन-व्हार्टन बजट मॉडल के अनुसार, ये टैरिफ हर दिन करीब 50 करोड़ डॉलर से ज्यादा का रेवेन्यू दे रहे थे. CBP ने कहा है कि व्यापार समुदाय को आगे की जानकारी CSMS संदेशों के जरिए दी जाएगी. हालांकि, यह फैसला सेक्शन 232 और सेक्शन 301 जैसे अन्य कानूनों के तहत लगाए गए टैरिफ पर लागू नहीं होगा, जो फिलहाल जारी रहेंगे.

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