ऑल-टाइम हाई से 50% टूटा बिटक्वॉइन, लुढ़क कर 61000 डॉलर के स्तर पर आया; क्या है वजह?
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin में तेज गिरावट जारी है. अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 50% नीचे फिसल कर 62,000 डॉलर के अहम स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है. अमेरिका-ईरान तनाव, ETF आउटफ्लो और महंगाई के आंकड़ों से पहले निवेशकों की सतर्कता ने पूरे क्रिप्टो बाजार पर दबाव बढ़ा दिया है.
Bitcoin Price Crash: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के कारण क्रिप्टो मार्केट में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. दुनिया की सबसे लोकप्रिय क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन बुधवार को अपने ऑल-टाइम हाई लेवल $1,26,198 (करीब 1.26 लाख डॉलर) से 50% नीचे लुढ़क गई. बाजार में बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा है कि बिटक्वॉइन $62,000 का स्तर पार करने के लिए संघर्ष कर रहा है और यह फिलहाल $61,380 के आसपास ट्रेड कर रहा है.
ऑल्टकॉइन्स भी धड़ाम, बाजार को लगा बड़ा झटका
पिछले 24 घंटों में केवल बिटक्वॉइन ही नहीं, बल्कि दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी ईथर (Ethereum) भी 2% टूट गई है. पिछले एक हफ्ते की बात करें तो बिटक्वॉइन में 8% और ईथर में 11% की गिरावट आई है. अन्य प्रमुख ऑल्टकॉइन्स जैसे BNB, XRP, सोलाना (Solana), ट्रॉन (Tron), हाइपरलिक्विड, डॉजकॉइन और कार्डानो में भी पिछले एक हफ्ते में 24% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है. कॉइनमार्केटकैप के अनुसार, इस गिरावट के कारण ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप 2% घटकर $2.12 ट्रिलियन रह गया है.
क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी गिरावट?
मार्केट जानकारों के मुताबिक, इस बड़ी गिरावट के पीछे दो मुख्य कारण हैं:
- ईरान संकट: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण वैश्विक बाजारों में जोखिम बढ़ा है. निवेशक अब रिस्की एसेट्स से पैसा निकाल रहे हैं.
- अमेरिकी महंगाई के आंकड़े: निवेशक अमेरिका के आगामी सीपीआई (CPI यानी महंगाई दर) के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं. इस वजह से मार्केट में लिक्विडिटी कम है. अगर महंगाई के आंकड़े कम आते हैं, तो बिटक्वॉइन दोबारा बढ़ सकता है, लेकिन आंकड़े उम्मीद से ज्यादा रहने पर यह गिरकर $59,000 के सपोर्ट जोन तक जा सकता है.
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घबराने की जरूरत नहीं
ईटी ने कॉइनस्विच (CoinSwitch) के को-फाउंडर आशीष सिंघल के हवाले से बताया है कि इस गिरावट को व्यापक आर्थिक स्थितियों और लिक्विडिटी साइकिल के संदर्भ में देखा जाना चाहिए. पिछले दो वर्षों में स्पॉट बिटक्वॉइन ईटीएफ (ETF) में $100 बिलियन से अधिक का संस्थागत निवेश आया है. खास बात यह है कि पहले के दौर में बिटक्वॉइन 70 से 90% तक टूट जाता था, लेकिन इस बार की गिरावट उसकी तुलना में काफी कम है. यह इस बात का संकेत है कि क्रिप्टो मार्केट अब धीरे-धीरे मैच्योर हो रहा है.
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