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गिरा क्रूड का भाव, गिफ्ट निफ्टी से मिल रहे ऐसे संकेत; जानें कैसी रह सकती है आज बाजार की चाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में आई नरमी के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड और WTI की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. इसका असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है. गिफ्ट निफ्टी के ताजा संकेत बताते हैं कि बाजार की शुरुआत सतर्क रुख के साथ हो सकती है.

शेयर मार्केट Image Credit: freepik

Share Market Today: पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव फिलहाल कुछ कम होता दिखाई दे रहा है. इसका असर सोमवार को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के बाजार में देखने को मिला, जहां ब्रेंट क्रूड की कीमतों में शुरुआती कारोबार के दौरान 7 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई. वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया. हालांकि, बाद में दोनों बेंचमार्क में कुछ रिकवरी देखने को मिली. कच्चे तेल की कीमतों में आई इस नरमी का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी देखने को मिल सकता है. वहीं गिफ्ट निफ्टी में हल्की गिरावट देखने को मिल रही है.

क्यों टूटा कच्चा तेल

दरअसल, पिछले 13 दिनों तक लगातार हमलों के बाद अमेरिका ने बीते दो दिनों से ईरान पर कोई नया हमला नहीं किया है. वहीं, ईरान ने भी खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले देशों के खिलाफ कोई बड़ा जवाबी कदम नहीं उठाया है. दोनों देशों की ओर से फिलहाल तनाव में आई नरमी ने वैश्विक बाजार में तेल सप्लाई को लेकर बनी चिंताओं को कम किया है, जिसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा.

हालांकि, ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने दावा किया है कि उन्होंने रेड सी के तटीय शहरों जिजान और यनबू में सऊदी अरामको से जुड़े ठिकानों पर हमला किया है. लेकिन इस दावे की न तो सऊदी सरकार और न ही अरामको ने आधिकारिक पुष्टि की है. स्थानीय प्रशासन ने कुछ समय के लिए दोनों क्षेत्रों में आपात चेतावनी जारी की थी, जिसे बाद में वापस ले लिया गया.

महीनेभर में अब भी 20 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है ब्रेंट

सोमवार को आई गिरावट के बावजूद ब्रेंट क्रूड जुलाई महीने में अब भी 20 फीसदी से अधिक की बढ़त पर बना हुआ है. इसकी बड़ी वजह पश्चिम एशिया में बढ़ा जियो पॉलिटिकल टेंशन है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आगे बढ़कर रेड सी तक फैल गया था. इसी दौरान हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री प्रतिबंध की घोषणा भी की थी, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी. इसके अलावा, टेक्नीकल चार्ट पर ब्रेंट क्रूड ओवरबॉट स्थिति में पहुंच गया था. ऐसे में निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली.

गिफ्ट निफ्टी की चाल

सोमवार सुबह के शुरुआती सत्र में गिफ्ट निफ्टी का लाइव चार्ट लाल निशान में कारोबार करता दिखाई दे रहा है. सुबह 6:32 बजे तक इंडेक्स 0.01 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था.

आज भारतीय बाजार की चाल कैसी रह सकती है?

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए राहत की खबर मानी जाती है. इससे महंगाई पर दबाव कम हो सकता है, चालू खाते के घाटे में राहत मिल सकती है और रुपये को भी मजबूती मिल सकती है. अगर क्रूड में नरमी बनी रहती है तो ऑयल मार्केटिंग, एविएशन, पेंट, केमिकल और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के शेयरों में खरीदारी देखने को मिल सकती है.

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