Q3 नतीजे के बाद ब्रोकरेज ने इस ग्रीन एनर्जी शेयर पर टारगेट प्राइस 10% घटाया, फिर भी 68% तेजी का अनुमान
ब्रोकरेज हाउस ने अडानी ग्रीन एनर्जी पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 10% घटाकर ₹1,350 कर दिया है. Q3FY26 में कर्टेलमेंट और कमजोर विंड के चलते EBITDA और पावर सेल्स पर दबाव रहा है. ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि बैटरी स्टोरेज और ट्रांसमिशन विस्तार से आगे सुधार की उम्मीद है.
अगर आप ग्रीन एनर्जी सेक्टर के शेयरों में निवेश करना पसंद करते हैं तो आपके लिए एक अहम खबर है. ब्रोकरेज फर्म Emkay ने अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Adani Green Energy) के शेयर पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है लेकिन ब्रोकरेज 12 महीने का टारगेट प्राइस 10% घटा दिया है. आइये जानते हैं कि ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस क्या तय किया है और टारगेट घटाने के पीछे का क्या कारण है.
क्या है टारगेट प्राइस
ब्रोकरेज हाउस ने अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (Adani Green Energy) पर BUY रेटिंग बरकरार रखते हुए 12 महीने का टारगेट प्राइस 10% घटाकर ₹1,350 कर दिया है. पहले टारगेट प्राइस ₹1,500 था. कंपनी के शेयर का मौजूदा भाव लगभग ₹801 है जिससे इसमें करीब 68% तक की संभावित तेजी का अनुमान है. ब्रोकरेज रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर 2026 के लिए यह टारगेट प्राइस तय किया गया है. कंपनी का 52-वीक हाई ₹1,179 और 52-वीक लो ₹758 रहा है.
Q3FY26 के नतीजे
ब्रोकरेज हाउस के अनुसार, Q3FY26 में कर्टेलमेंट (ग्रिड उपलब्धता में कमी) और कमजोर विंड सीजन के चलते कंपनी की आय और मुनाफे पर दबाव देखने को मिला है. Q3FY26 में अदाणी ग्रीन एनर्जी का कंसोलिडेटेड EBITDA सालाना आधार पर 19% बढ़कर ₹22.4 अरब रहा. हालांकि तिमाही आधार पर इसमें 14% की गिरावट दर्ज की गई. इस दौरान कंपनी की ऑपरेशनल कैपेसिटी 49% बढ़कर 17.2 गीगावॉट पहुंच गई. इसके बावजूद पावर सेल्स में वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रही जो 35% रही है.
क्यों घटाया टारगेट
ब्रोकरेज ने कर्टेलमेंट और मौजूदा रनरेट को देखते हुए FY26 के EBITDA अनुमान में 14% की कटौती की है. साथ ही, वैल्यूएशन मल्टीपल घटाकर 12x EV/EBITDA किया गया है, जिसके चलते टारगेट प्राइस में 10% की कटौती हुई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रोजेक्ट एग्जीक्यूशन, नीति से जुड़े बदलाव, उपकरण लागत में उतार-चढ़ाव और टेक्नोलॉजी से जुड़े जोखिम कंपनी के लिए प्रमुख चुनौतियां बने रह सकते हैं. हालांकि, लंबी अवधि में बैटरी स्टोरेज और नई ट्रांसमिशन क्षमता से प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद जताई गई है.
क्या है कंपनी की आगे की योजना
ब्रोकरेज के अनुसार, सोलर और विंड सेगमेंट में CUF (कैपेसिटी यूटिलाइजेशन फैक्टर) पर मौसमी असर पड़ा है. इसके अलावा, खावड़ा प्रोजेक्ट में ट्रांसमिशन कैपेसिटी बढ़ाने में देरी हुई, जिससे कर्टेलमेंट की समस्या और बढ़ी. 2-3 गीगावॉट की ट्रांसमिशन क्षमता जो Q3 में शुरू होनी थी अब Q4 में और 1 गीगावॉट मार्च 2026 तक जुड़ने की उम्मीद है.
कंपनी ने FY26 के अंत तक 3.5 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) लगाने की योजना बनाई है जबकि FY27 में इसे लगभग दोगुना करने का लक्ष्य है. FY27 के लिए रनरेट EBITDA गाइडेंस ₹170 अरब रखी गई है, जिसमें से ₹160 अरब पावर सप्लाई से आने की उम्मीद है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.