Closing Bell: कच्चे तेल, FII बिकवाली और जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर, Sensex 416 अंक फिसला, Nifty 24000 के नीचे बंद
भारतीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुआ. Sensex 416 अंक फिसलकर 76,886 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 24,000 के नीचे 23,995 पर बंद हुआ. कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, FII बिकवाली, कमजोर वैश्विक संकेत और जियोपॉलिटिकल टेंशन का असर बाजार पर दिखा. Bank Nifty और IT शेयरों में दबाव रहा.

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को आई तेजी के बाद मंगलवार को एक बार फिर गिरावट देखने को मिली है. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और जियोपॉलिटिकल टेंशन कम न होने की आशंका की वजह से बिकवाली का दबाव हावी रहा. Nifty 23,995 के स्तर के करीब बंद हुआ. Sensex 416.72 अंक या 0.54 फीसदी गिरकर 76,886.91 पर और Nifty 97 अंक या 0.40 फीसदी गिरकर 23,995.70 पर बंद हुआ. NSE पर 1,490 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, 1,784 शेयरों में गिरावट आई और 105 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है.
सेक्टोरल इंडेक्स
बाजार में गिरावट का असर सेक्टोरल इंडेक्स पर भी देखने को मिला. Bank Nifty में 1.54 फीसदी की गिरावट हुई. इसके अलावा Nifty IT में 0.68 फीसदी, Nifty PSU Bank में 2.15 फीसदी और Nifty FMCG में 0.32 फीसदी की गिरावट हुई. वहीं Nifty Metal में 0.51 फीसदी की तेजी आई. इसके अलावा BSE Smallcap और Nifty Commodity हरे निशान में बंद हुए.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
मंगलवार के कारोबारी सत्र में कई शेयर निवेशकों के बीच चर्चा में रहे. अगर टॉप गेनर्स की बात करें तो ONGC, ADANIENT, COALINDIA और RELIANCE ने मजबूत प्रदर्शन किया. इन शेयरों में खरीदारी देखने को मिली और इन्होंने बाजार की कमजोरी के बीच बढ़त दर्ज की. खासतौर पर Metal और Energy सेक्टर के शेयरों में मजबूती रही. वहीं दूसरी ओर टॉप लूजर्स में Axis Bank, Maruti, HCL Tech और Indigo शामिल रहे. इन शेयरों पर बिकवाली का दबाव देखने को मिला.
मार्केट में क्यों आई गिरावट
शेयर बाजार में आज गिरावट की बड़ी वजह कई नकारात्मक संकेत रहे. सोमवार की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे Sensex और Nifty दबाव में आ गए. Financial, IT और Realty शेयरों में बिकवाली ज्यादा रही. कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 109 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से महंगाई और भारत के इम्पोर्ट बिल को लेकर चिंता बढ़ी.
विदेशी निवेशकों (FII) ने 1,151 करोड़ रुपये की बिकवाली की, जिससे बाजार पर दबाव बना. कमजोर वैश्विक संकेत, एशियाई बाजारों में गिरावट, जियोपॉलिटिकल टेंशन और Nifty Expiry Day की वोलैटिलिटी ने भी असर डाला. बैंकिंग शेयर RBI नियमों की चिंता से टूटे.
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