Closing Bell: दो दिन की बढ़त का सिलसिला टूटा, सेंसेक्स-निफ्टी गिरकर बंद; निवेशकों के 2 लाख करोड़ डूबे
Closing Bell: शुक्रवार 15 मई को प्रमुख इंडेक्स - सेंसेक्स और निफ्टी50 का दो दिनों से जारी बढ़त का सिलसिला टूट गया. इसकी वजह कमजोर वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये का अब तक के सबसे निचले स्तर पर गिरना रहा.

Closing Bell: भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे सत्र में बढ़त के साथ ओपन हुआ. शुक्रवार सुबह सेंसेक्स और निफ्टी में 0.6% तक की बढ़त दर्ज की गई. लेकिन दिन के कारोबार के दौरान इंडेक्स लाल निशान में आ गए. जबकि दूसरी ओर रुपया कमजोर हुआ, तेल की कीमतें बढ़ीं और एशियाई बाजार गिर गए.
शुक्रवार 15 मई को प्रमुख इंडेक्स – सेंसेक्स और निफ्टी50 का दो दिनों से जारी बढ़त का सिलसिला टूट गया. सेंसेक्स 161 अंक या 0.21 फीसदी गिरकर 75,237.99 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 29 अंक या 0.12 फीसदी की गिरावट के साथ 23,643.50 पर स्थिर हुआ.
बिकवाली का असर हर तरफ दिखा, यहां तक कि मिड और स्मॉल-कैप सेगमेंट भी गिरावट के साथ बंद हुए. BSE 150 मिडकैप इंडेक्स 0.48% गिरा, जबकि BSE 250 स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.37 फीसदी की गिरावट आई.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
Infosys, Tech Mahindra और Power Grid सेंसेक्स इंडेक्स में सबसे ज्यादा बढ़त बनाने वाले शेयरों के तौर पर बंद हुए, जबकि Tata Steel, Eternal और Reliance Industries इस इंडेक्स में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों के तौर पर बंद हुए.
सेक्टोरल इंडेक्स
निफ्टी मेटल, रियल्टी, PSU बैंक और ऑयल & गैस में 1.5 प्रतिशत तक की गिरावट आई. व्यापक बाजार भी नीचे ही रहा, जिसमें निफ्टी स्मॉलकैप100 और निफ्टी मिडकैप100 इंडेक्स में क्रमशः 0.23 प्रतिशत और 0.25 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
2 लाख करोड़ का नुकसान
निवेशकों को एक ही सेशन में 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ, क्योंकि BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सेशन के लगभग 463 लाख करोड़ रुपये से गिरकर 460.5 लाख रुपये करोड़ पर आ गया.
आज शेयर बाजार क्यों गिरा?
कच्चे तेल की कीमतों में 3% की तेजी के बीच, भारतीय शेयर बाजार आज मुनाफा वसूली (profit booking) के चलते नीचे बंद हुआ. ऐसा तब हुआ जब पहली बार रुपया 96 प्रति डॉलर के स्तर से नीचे गिर गया.
ब्रेंट क्रूड $108 प्रति बैरल से ऊपर ट्रेड कर रहा था, जबकि भारतीय रुपया 96 प्रति डॉलर से नीचे गिरने के बाद, 30 पैसे की गिरावट के साथ 95.94 प्रति अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ.
रुपया 96 के पार
शुक्रवार को इंट्राडे ट्रेड के दौरान, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, अमेरिकी डॉलर की लगातार मजबूती और अमेरिकी पॉलिसी बनाने वालों से मिले सख्त संकेतों के दबाव में रुपया 96 प्रति डॉलर के अहम स्तर को पार कर गया. बाद में, घरेलू करेंसी 21 पैसे गिरकर डॉलर के मुकाबले 95.97 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुई.
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