आखिरी दिन भी नहीं संभला मार्केट, सेंसेक्स-निफ्टी गिरकर बंद, स्मॉलकैप 2.94% टूटा; 3011 शेयर लाल निशान में
23 अक्टूबर 2026 को सेंसेक्स 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 पर और निफ्टी 87.65 अंक टूटकर 22,600 पर बंद हुआ. जानें टॉप गेनर्स, लूजर्स और बाजार का पूरा हाल.
Highlights
- सेंसेक्स 125.56 अंक गिरकर 73,123.83 पर और निफ्टी 87.65 अंक टूटकर 22,600 पर बंद हुआ.
- Nifty Midcap 100 में 2.21% और Nifty Smallcap 100 में 2.94% की गिरावट आई.
- बाजार में 3,011 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 308 शेयर लोअर सर्किट में रहे.
Closing Bell: सेंसेक्स-निफ्टी फिर गिरकर बंद, स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली; 3,011 शेयर लाल निशान में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ. सेंसेक्स 125.56 अंक यानी 0.17% गिरकर 73,123.83 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 87.65 अंक यानी 0.39% टूटकर 22,600 पर आ गया. कारोबार के दौरान निफ्टी 22,787.25 के ऊपरी स्तर और 22,372 के निचले स्तर तक पहुंचा. बाजार में सबसे ज्यादा दबाव मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर रहा. Nifty Midcap 100 में 2.21% और Nifty Smallcap 100 में 2.94% की गिरावट दर्ज की गई. बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, 3,011 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि 624 शेयरों में तेजी रही.
Nifty 50 के टॉप गेनर्स
निफ्टी 50 के शेयरों में Eternal सबसे ज्यादा चढ़ा. इसका शेयर 4.25 फीसदी की तेजी के साथ 317.40 रुपये पर बंद हुआ. Apollo Hospitals 1.65% बढ़कर 7,730 रुपये पर पहुंचा. ONGC में 1.11% की तेजी रही और यह 227.50 रुपये पर बंद हुआ. Asian Paints का शेयर 0.97% बढ़कर 2,307 रुपये पर पहुंच गया. TCS में 0.92% की बढ़त रही और इसका भाव 2,530 रुपये रहा.

Nifty 50 के टॉप लूजर्स
निफ्टी 50 में Shriram Finance सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर रहा. यह 3.98% टूटकर 865 रुपये पर बंद हुआ. Adani Enterprises में 2.86 फीसदी की गिरावट रही और यह 2,477 रुपये पर बंद हुआ. JSW Steel का शेयर 2.83% फिसलकर 1,185.50 रुपये पर आ गया. Jio Financial Services में 2.74% की गिरावट रही और यह 205.03 रुपये पर बंद हुआ. Adani Ports का शेयर 2.70% गिरकर 1,702.70 रुपये पर बंद हुआ.

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी बिकवाली
शुक्रवार को व्यापक बाजार में बिकवाली का दबाव ज्यादा रहा. Nifty Midcap 100 में 1,263.30 अंक यानी 2.21% की गिरावट आई और यह 55,800.65 पर बंद हुआ. Nifty Smallcap 100 में 536.45 अंक यानी 2.94% की गिरावट रही और यह 17,739.45 पर बंद हुआ. Nifty Mid Select 2.12% गिरा, जबकि Nifty Alpha 50 में 2.81% की कमजोरी रही. Nifty 100 में 0.73% और Nifty FPI 150 में 0.94% की गिरावट दर्ज की गई.
बैंकिंग समेत ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में
सेक्टोरल इंडेक्स में Nifty Bank 638.35 अंक यानी 1.16% गिरकर 54,287.35 पर बंद हुआ. Nifty Financial Services में 1.03% की गिरावट रही और यह 24,403 पर बंद हुआ. Nifty FMCG 0.99% फिसलकर 42,680.70 पर पहुंच गया. Nifty Auto में 0.60% की गिरावट रही और यह 24,862.30 पर बंद हुआ. Nifty IT 0.27% गिरकर 31,995.50 पर बंद हुआ.
इसके अलावा Nifty Div Opps 50 में 1.25% और Nifty GrowwSECT 15 में 0.25% की गिरावट दर्ज की गई.
3,011 शेयरों में गिरावट, 308 शेयर लोअर सर्किट में
NSE के आंकड़ों के मुताबिक, कुल 3,724 शेयरों में कारोबार हुआ. इनमें 624 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 3,011 शेयर गिरावट में रहे. 89 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ. 52 हफ्ते के उच्च स्तर पर पहुंचने वाले शेयरों की संख्या 23 रही, जबकि 655 शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गए. कुल 47 शेयर अपर सर्किट में और 308 शेयर लोअर सर्किट में रहे.
ये आंकड़े बताते हैं कि बाजार में गिरावट केवल प्रमुख इंडेक्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि बड़ी संख्या में शेयरों पर बिकवाली का दबाव रहा.
रुपये में भी कमजोरी
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.1% कमजोर होकर 94.9400 पर बंद हुआ. इससे पहले इसका पिछला बंद भाव 94.8175 था.
बाजार में गिरावट की क्या रही वजह?
बाजार में गिरावट के पीछे कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली और मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों के वैल्यूएशन को लेकर चिंता प्रमुख कारण रहे. वैश्विक बाजारों से मिले संकेत भी मिले-जुले रहे. अमेरिकी S&P 500 फ्यूचर्स में खास बदलाव नहीं था, जबकि Nasdaq 100 फ्यूचर्स 0.1% ऊपर थे. MSCI Asia Pacific Index 0.1% गिरा. जापान का Topix 0.9% नीचे रहा, जबकि हांगकांग का Hang Seng 0.9% चढ़ा. Shanghai Composite में 0.2% की गिरावट रही और Euro Stoxx 50 फ्यूचर्स में खास बदलाव नहीं था.
इसे भी पढ़ें- Jio Platforms IPO ने बनाया रिकॉर्ड, 1 करोड़ एप्लीकेशन पाने वाला दुनिया का पहला इश्यू बना
Latest Stories
रिकॉर्ड हाई से 11% फिसला Nifty Midcap 100, Smallcap शेयर भी धड़ाम; क्या बड़े शेयरों में है बेहतर मौका?
4 सरकारी बैंकों में हिस्सेदारी घटाएगी सरकार, 2 और बैंकों के प्राइवेटाइजेशन की तैयारी; जानें पूरी रणनीति
शेयर बाजार की गिरावट में पैसा निकालना पड़ेगा भारी, Midcap-Smallcap निवेशक न करें ये गलती
