कोल इंडिया की सब्सिडरी कंपनी की कमजोर लिस्टिंग, 7 फीसदी तक गिरकर खुला शेयर; निवेशकों को लगा झटका

CMPDI के शेयरों की बाजार में कमजोर शुरुआत रही और यह इश्यू प्राइस 172 रुपये के मुकाबले डिस्काउंट पर लिस्ट हुआ. NSE पर यह 160 रुपये और BSE पर 162.80 रुपये पर खुला. लिस्टिंग के साथ निवेशकों को प्रति लॉट करीब 960 रुपये का नुकसान हुआ. IPO को भी सीमित सब्सक्रिप्शन मिला था.

CMPDI के शेयरों की बाजार में कमजोर शुरुआत रही Image Credit: FreePik

CMPDI IPO Listing: सोमवार को शेयर बाजार में कोल इंडिया की सब्सिडरी कंपनी CMPDI के शेयरों की लिस्टिंग उम्मीदों से कमजोर रही. कंपनी ने बाजार में एंट्री लेते ही निवेशकों को निराश किया. NSE पर शेयर 160 रुपये पर लिस्ट हुआ जो इश्यू प्राइस से नीचे रहा. वहीं BSE पर भी स्टॉक डिस्काउंट के साथ शुरू हुआ. बाजार में पहले इसके अच्छे लिस्टिंग की उम्मीद की जा रही थी. लेकिन रियल लिस्टिंग अनुमान से कमजोर रही. इससे निवेशकों को शुरुआती नुकसान उठाना पड़ा.

डिस्काउंट पर हुई लिस्टिंग

CMPDI का शेयर NSE पर 160 रुपये पर लिस्ट हुआ जो इश्यू प्राइस 172 रुपये से करीब 7 फीसदी नीचे है. वहीं BSE पर यह 162.80 रुपये पर खुला जो करीब 5 फीसदी की गिरावट है. यह लिस्टिंग बाजार की उम्मीदों से काफी कमजोर रही. आमतौर पर निवेशक IPO से पहले प्रीमियम की उम्मीद रखते हैं. लेकिन इस बार उल्टा देखने को मिला.

निवेशकों को हुआ नुकसान

लिस्टिंग के साथ ही निवेशकों को नुकसान का सामना करना पड़ा. एक लॉट में 80 शेयर थे जिसकी कुल कीमत 13760 रुपये थी. लिस्टिंग के समय निवेशकों को प्रति लॉट करीब 960 रुपये का नुकसान हुआ. इससे रिटेल निवेशकों का भरोसा थोड़ा कमजोर पड़ा है. IPO में निवेश करने वालों को शुरुआती झटका लगा है.

GMP ने दिए थे अलग संकेत

लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में CMPDI का प्रीमियम करीब 5 से 10 रुपये तक चल रहा था. इससे निवेशकों को 2 से 3 फीसदी लिस्टिंग गेन की उम्मीद थी. लेकिन असली लिस्टिंग में यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी. GMP और रियल मार्केट के बीच अंतर साफ नजर आया. यह दिखाता है कि GMP हमेशा सही संकेत नहीं देता.

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IPO को मिला कमजोर रिस्पॉन्स

CMPDI का IPO 20 मार्च से 24 मार्च के बीच खुला था. यह इश्यू कुल मिलाकर सिर्फ 1.05 गुना सब्सक्राइब हुआ. QIB कैटेगरी में 3.48 गुना सब्सक्रिप्शन मिला. लेकिन रिटेल और NII कैटेगरी में मांग कमजोर रही. रिटेल हिस्सा सिर्फ 33 फीसदी और NII हिस्सा 35 फीसदी भरा. इससे मांग की कमजोरी साफ दिखी.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.