गाड़ियों के पुर्जे बनाने वाली इन तीन कंपनियों पर रखें नजर, कर्ज जीरो, मजबूत है कैश रिजर्व, रिटर्न 318% पार
भारत का ऑटो एंसेलरी सेक्टर कुछ चुनिंदा कंपनियों के दम पर वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बना चुका है. खास बात यह है कि इनमें कई विदेशी कंपनियों की भारतीय सब्सिडियरी हैं, जो लगभग कर्ज-मुक्त हैं और मजबूत नकदी स्थिति रखती हैं. SKF India, Bosch Ltd और Schaeffler India ऐसी ही कंपनियां हैं, जिनकी फाइनेंशियल हेल्थ और मैनेजमेंट निवेशकों के लिए भरोसे का आधार हैं.
Auto ancillary stocks with zero debt: भारत के ऑटो एंसेलरी सेक्टर में कुछ ऐसी कंपनियां हैं जो अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति के लिए मशहूर हैं. ये कंपनियां लगभग कर्ज-मुक्त हैं और उनके पास अच्छी-खासी नकदी है. ये विदेशी कंपनियों की भारतीय सब्सिडियरी हैं, जो ऑटो पार्ट्स बनाती हैं. आज हम बात करेंगे तीन ऐसी प्रमुख कंपनियों की – SKF India, Bosch Ltd और Schaeffler India. ये कंपनियां बेहतरीन मैनेजमेंट और मजबूत फाइनेंशियल हेल्थ के लिए जानी जाती हैं.
SKF India Ltd
SKF India Ltd एक बड़ी कंपनी है जो बेयरिंग्स और लुब्रिकेशन सिस्टम बनाती है. ये ऑटोमोबाइल, इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट और एनर्जी जैसे कई क्षेत्रों में काम करती है. कंपनी इनोवेशन, इंजीनियरिंग और सस्टेनेबिलिटी पर बहुत जोर देती है, ताकि मोशन सॉल्यूशंस बेहतर और भरोसेमंद हों.
कंपनी के फंडामेंटल्स बहुत मजबूत हैं. इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन 9,052 करोड़ रुपये है. शेयर का मौजूदा भाव 1,828 रुपये है, जो पिछले बंद भाव 1,831 रुपये से थोड़ा कम है. हालांकि कंपनी निवेशकों को शॉर्ट टर्म से लेकर लॉन्ग टर्म में निराश ही किया है. पांच साल में इसके शेयर में 1 फीसदी से अधिक टूटे हैं. यानी 5 साल पहले शेयर जहां था, वहीं मौजूद है.
फाइनेंशियल रूप से कंपनी बहुत मजबूत है. इसका डेट टू इक्विटी रेशियो 0.00 है, यानी लगभग कोई कर्ज नहीं है. मार्च 2025 तक कंपनी के पास 710.76 करोड़ रुपये कैश और कैश इक्विवेलेंट थे. ये दिखाता है कि मैनेजमेंट बहुत अच्छा काम कर रहा है.
Bosch Ltd
Bosch Ltd भारत में टेक्नोलॉजी और इंजीनियरिंग की बड़ी कंपनी है. ये ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स, मोबिलिटी सॉल्यूशंस, इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर गुड्स बनाती है. कंपनी इनोवेशन, हाई क्वालिटी और सस्टेनेबल सॉल्यूशंस पर फोकस करती है.
कंपनी के फंडामेंटल्स काफी अच्छे हैं. इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन 1,15,446 करोड़ रुपये है. गुरुवार को कंपनी के शेयर 38,599 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुए. ये कंपनी सेक्टर में टॉप प्लेयर है. बीते पांच साल में इसके शेयर में 176 फीसदी से अधिक की तेजी आई है.
सितंबर तिमाही में कंपनी ने 5005 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया है, जो जून तिमाही के रेवेन्यू से थोड़ा कम है. हालिया तिमाही में कंपनी का मुनाफा आधा हो गया है. यह 1115 करोड़ रुपये से घटकर आधा हो गया है. डेट टू इक्विटी रेशियो सिर्फ 0.01 है, यानी लगभग कर्ज-मुक्त. मार्च 2025 तक कंपनी के पास 507.70 करोड़ रुपये कैश था.
Schaeffler India Ltd
Schaeffler India Ltd जर्मनी की Schaeffler AG की सब्सिडियरी है. ये हाई-प्रिसिजन ऑटोमोटिव और इंडस्ट्रियल कंपोनेंट्स बनाती है, जैसे इंजन, ट्रांसमिशन, चेसिस सिस्टम और बेयरिंग्स. कंपनी 1962 से भारत में है और यहां चार फैक्ट्रीज चलाती है.
कंपनी के फंडामेंटल्स मजबूत हैं. इसकी मार्केट कैपिटलाइजेशन 59,377 करोड़ रुपये है. शेयर का मौजूदा भाव 3,853 रुपये है, जो पिछले बंद 3,813 रुपये से ऊपर है. बीते पांच साल कंपनी ने निवेशकों को जमकर मुनाफा कराया है. इसने पांच साल में 318 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है. यानी एक लाख का निवेश 3 लाख 18 हजार रुपये से अधिक हो गया.
फाइनेंशियल स्थिति बेहद अच्छी है. सितंबर में खत्म हुई तिमाही में कंपनी ने 2463 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया है, जो जून तिमाही के बराबर ही है. मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी का प्रदर्शन पहले से अच्छा है. इसने सितंबर तिमाही में 287 करोड़ रुपये कमाए हैं. डेट टू इक्विटी रेशियो 0.01 है, यानी लगभग कोई लॉन्ग-टर्म कर्ज नहीं. मार्च 2025 तक कंपनी के पास 1,349.49 करोड़ रुपये कैश और कैश इक्विवेलेंट थे.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.