FII को पसंद आए ये 3 बैंकिंग स्टॉक, जून तिमाही में लगातार बढ़ाई हिस्सेदारी; शेयरों पर रखें नजर
जून 2026 तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने तीन बैंकिंग शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. इनमें जम्मू एंड कश्मीर बैंक, साउथ इंडियन बैंक और डीसीबी बैंक शामिल हैं. इन बैंकों में मजबूत मुनाफा, बेहतर एसेट क्वालिटी, लोन और डिपॉजिट ग्रोथ के चलते विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है.
Banking Stocks: जून 2026 तिमाही में विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने चुनिंदा बैंकिंग शेयरों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. आमतौर पर FII की खरीदारी को किसी कंपनी के भविष्य को लेकर पॉजिटिव संकेत माना जाता है. हालांकि केवल FII निवेश के आधार पर किसी शेयर में निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए. मजबूत फंडामेंटल और वैल्यूएशन की जांच भी जरूरी होती है. इस तिमाही में जम्मू एंड कश्मीर बैंक, साउथ इंडियन बैंक और डीसीबी बैंक ऐसे तीन बैंक रहे जिनमें FII ने अपना दांव बढ़ाया है.
Jammu and Kashmir Bank
जम्मू एंड कश्मीर बैंक में मार्च 2026 के मुकाबले जून 2026 तिमाही में FII की हिस्सेदारी 8.4 फीसदी से बढ़कर 9.4 फीसदी हो गई. बैंक पिछले कुछ सालों में मजबूत वापसी करने में सफल रहा है. बिजनेस रिस्ट्रक्चरिंग, को- लेंडिंग सिस्टम और नए बिजनेस मॉडल की वजह से बैंक का प्रदर्शन सुधरा है. लगातार बढ़ते मुनाफे ने विदेशी निवेशकों का भरोसा भी मजबूत किया है.
South Indian Bank
साउथ इंडियन बैंक में भी विदेशी निवेशकों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है. मार्च 2026 में FII की हिस्सेदारी 24.2 फीसदी थी, जो जून 2026 में बढ़कर 25.4 फीसदी हो गई. बैंक ने वित्त वर्ष 2026 में रिकॉर्ड 1455 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया. इसके साथ ही सकल एनपीए 3.2 फीसदी से घटकर 1.43 फीसदी और नेट एनपीए 0.29 फीसदी पर आ गया.
DCB Bank
डीसीबी बैंक में FII की हिस्सेदारी मार्च 2026 के 12.7 फीसदी से बढ़कर जून 2026 में 13.5 फीसदी हो गई. बैंक ने चौथी तिमाही में एडवांस में 18 फीसदी और डिपॉजिट में 21 फीसदी की सालाना बढ़ोतरी दर्ज की. बैंक का सालाना और तिमाही मुनाफा अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा. लगातार तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज होने से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है.
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मजबूत प्रदर्शन बना निवेश की वजह
इन तीनों बैंकों में एक समान बात यह रही कि सभी ने कारोबार, मुनाफे और एसेट क्वालिटी में सुधार दिखाया. खराब कर्ज में कमी, डिपॉजिट और लोन बुक में बढ़ोतरी तथा बेहतर ऑपरेशन ने विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया. यही वजह है कि जून तिमाही में FII ने इन बैंकों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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