कैसा खुलेगा आज शेयर बाजार? गिफ्ट निफ्टी से मिल रहे ऐसे संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर 10 दिनों तक हमले रोकने की बात कही है, लेकिन फिर भी ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है. वैश्विक संकेतों को देखते हुए GIFT Nifty शुक्रवार की सुबह लाल निशान में नजर आ रहा.
गुरुवार की छुट्टी के बाद शेयर बाजार आज खुलेगा. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के चलते लगातार बढ़ती अनिश्चितता ने बाजार के सेंटीमेंट को खराब कर दिया है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर 10 दिनों तक हमले रोकने की बात कही है, लेकिन फिर भी ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है. वैश्विक संकेतों को देखते हुए GIFT Nifty शुक्रवार की सुबह लाल निशान में नजर आ रहा.
गिफ्ट निफ्टी का हाल?
शुक्रवार की सुबह 7 बजे गिफ्ट निफ्टी 0.08 फीसदी की गिरावट के साथ 23,052.50 पर ट्रेड कर रहा. ट्रंप के ईरान के एनर्जी ठिकाने पर हमले रोकने के चलते सेंटीमेंट में थोड़ा सुधार देखने को मिला है.
GIFT Nifty भारतीय शेयर बाजार के लिए एक अहम शुरुआती संकेत का काम करता है, जो गुजरात के GIFT City से लगभग 21 घंटे तक चलता है. यह दुनिया भर के निवेशकों को Nifty डेरिवेटिव्स में ट्रेड करने की सुविधा देता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय रुझानों का पता चलता है.
GIFT Nifty की हलचलें, खासकर सुबह 9:00 बजे (IST) से पहले, अक्सर NSE Nifty 50 के खुलने के रुझान, सकारात्मक या नकारात्मक, का पहले से ही संकेत दे देती हैं, जिससे ट्रेडर्स को अपनी रणनीतियों में बदलाव करने में मदद मिलती है.
क्रूड की कीमतों में गिरावट
वैश्विक इक्विटी बाजार में बिकवाली के बाद तेल की कीमतें गिरीं, लेकिन अभी भी ये हाई लेवल पर बनी हुई हैं. ब्रेंट क्रूड आज सुबह 1.20 फीसदी की गिरावट के साथ 106 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा. वहीं, WTI 1.35 फीसदी की गिरावट के साथ 93.26 डॉलर प्रति बैरल पर नजर आया.
S&P 500 और Nasdaq 100 इंडेक्स
ट्रंप की टिप्पणियां, जो S&P 500 और Nasdaq 100 इंडेक्स के ट्रेडिंग के लिए बंद होने के बाद आईं, ने इन इंडेक्स के फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट्स को 0.5% ऊपर पहुंचा दिया. वॉल स्ट्रीट के बेंचमार्क सितंबर के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे और गुरुवार को एक वैश्विक इक्विटी इंडेक्स में इस हफ्ते पहली बार गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि पश्चिम एशिया में संघर्ष-विराम को लेकर शुरुआती उम्मीदें फीकी पड़ गईं. दक्षिण कोरिया और जापान में नुकसान के चलते एशियाई शेयर बाजार गिरावट के साथ खुले.
इन उतार-चढ़ावों ने युद्ध के कारण बनी एक महीने की अस्थिरता को और बढ़ा दिया है, जिससे यह साफ होता है कि भू-राजनीतिक तनाव किस तरह बाजारों को लगातार प्रभावित कर रहा है, और निवेशकों को इस अनिश्चितता में छोड़ रहा है कि क्या शत्रुता कम होगी या और बढ़ेगी. ट्रेडर होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. यह मध्य पूर्व से तेल के प्रवाह के लिए एक प्रमुख जलमार्ग है जो प्रभावी रूप से बंद पड़ा है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं और मुद्रास्फीति का दबाव भी बढ़ रहा है.
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