कच्चे तेल की महंगाई में झुलसे HPCL, BPCL, IOC के शेयर, 52 वीक लो के करीब पहुंचा ऑयल स्टॉक, इसे सबसे ज्यादा नुकसान
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों को दबाव में ला दिया है. HPCL, BPCL और IOC में गिरावट ने निवेशकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह गिरावट अभी और गहराएगी या यहां से रिकवरी की उम्मीद की जा सकती है.
Oil Stock Crash: तेल की कीमतों में अचानक आई तेजी ने शेयर बाजार में सरकारी ऑयल कंपनियों की हालत कमजोर कर दी है. गुरुवार, 19 मार्च को हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और इंडियन ऑयल (IOC) के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली. सबसे ज्यादा नुकसान में HPCL का शेयर है जो इस गिरावट की मार झेल नहीं पाया और अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर के बेहद करीब पहुंच गया है, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई है.
113 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा क्रूड ऑयल
दरअसल, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है. इजरायल और ईरान के बीच एनर्जी स्ट्रक्चर पर हो रहे हमले तेल कीमतों में उछाल की वजह बने. बुधवार को ईरान ने कतर की एक सरकारी ऊर्जा कंपनी पर अटैक किया. ऊर्जा कंपनी कतरएनर्जी ने बुधवार को कहा कि ईरानी हमलों के वजह से उसके प्रमुख गैस केंद्र रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में लगी आग से भारी नुकसान हुआ है. इस हमले के बाद सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई, जिसका असर ब्रेंट क्रूड की कीमत पर देखने को मिला. तेल 113 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल (WTI) 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है.
तेल की कीमतों में इस तेजी का सीधा असर भारत की सरकारी तेल कंपनियों पर पड़ रहा है, क्योंकि ये कंपनियां कच्चा तेल आयात करती हैं.
OMC कंपनियों पर बढ़ा दबाव
ब्रोकरेज फर्म कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के मुताबिक, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के पास खुदरा कीमतें बढ़ाने की पूरी आजादी नहीं है. ऐसे में बढ़ती लागत, जैसे कच्चे तेल की कीमत, फ्रेट और इंश्योरेंस, का बोझ इन्हें खुद ही उठाना पड़ता है.
इस हालात में मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि पिछले कुछ सालों में इन कंपनियों को मार्केटिंग मार्जिन का फायदा मिला था, लेकिन अब कमजोर कमाई इस बफर को खत्म कर सकती है.
कमाई पर सीधा असर
जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अगर कच्चे तेल की कीमत में 1 डॉलर प्रति बैरल का बदलाव होता है, तो वित्त वर्ष 2027 में इन कंपनियों के EBITDA पर करीब 7% का असर पड़ सकता है. यानी तेल की कीमतें जितनी बढ़ेंगी, कंपनियों की कमाई पर उतना ही दबाव पड़ेगा.
यह भी पढ़ें: ट्रंप का बड़ा बयान! ‘अब इजरायल नहीं करेगा हमले’…जानें क्या हैं इसके मायने और अमेरिका को क्यों लेना पड़ा ये फैसला
शेयरों का हाल
शेयर बाजार में HPCL करीब 6% गिरकर 325.4 रुपये पर ट्रेड कर रहा है, जो इसके 52 हफ्तों के निचले स्तर 319.1 रुपये के बेहद करीब है. BPCL 3.6% गिरकर 292.7 रुपये और IOC 2.4% टूटकर 144.75 रुपये पर पहुंच गया है. जब तक कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक इन सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों पर दबाव बना रह सकता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
