Nifty-Sensex 2 फीसदी से ज्यादा टूटे, तेल शेयर डूबे… फिर क्यों 12% उछला अडानी का ये स्टॉक?

शेयर बाजार में भारी गिरावट के बीच जहां तेल कंपनियों के निवेशक परेशान हैं, वहीं Adani Group के स्टॉक में आई तेज उछाल ने सबको चौंका दिया है. इस तेजी के पीछे क्या वजह है, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर.

Adani Total Gas Share Image Credit: AI Generated

Adani Stock Rise: शेयर बाजार में गुरुवार को जोरदार गिरावट देखने को मिली, जहां निफ्टी और सेंसेक्स 2% से ज्यादा टूट गए. तेल कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली से निवेशक परेशान नजर आए. लेकिन इसी कमजोरी भरे बाजार में अडानी ग्रुप का एक स्टॉक ऐसा भी रहा जिसने सबको चौंका दिया. अडानी टोटल गैस (ATGL) के शेयर में 12% से ज्यादा की तेजी आई, जिसने बाजार के ट्रेंड के उलट निवेशकों का ध्यान खींच लिया.

बाजार में बड़ी गिरावट, निवेशक मायूस

गुरुवार को सेंसेक्स 1825 अंकों की गिरावट के साथ 74,879 पर और निफ्टी 573 अंक टूटकर 23,204 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा. इस गिरावट की बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट में बढ़ती अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल रही.

तेल की कीमतें बढ़ने से भारत की सरकारी ऑयल कंपनियों, HPCL, BPCL और IOC, के शेयरों में तेज गिरावट आई. खासकर HPCL अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर के करीब पहुंच गया, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई.

यहां पढ़ें विस्तार से: कच्चे तेल की महंगाई में झुलसे HPCL, BPCL, IOC के शेयर, 52 वीक लो के करीब पहुंचा ऑयल स्टॉक, इसे सबसे ज्यादा नुकसान

भारत की ऑयल मार्केटिंग कंपनियां कच्चा तेल आयात करती हैं, इसलिए कीमत बढ़ने से उनकी लागत बढ़ती है और मुनाफे पर दबाव आता है.

फिर क्यों भागा Adani Total Gas का शेयर?

कमजोर बाजार के बीच Adani Total Gas के शेयर 12.5% उछलकर 580.45 रुपये तक पहुंच गए. दोपहर, 1:21 बजे ATGL के शेयर 560 रुपये पर ट्रेड कर रहे है. हालांकि, एक्सचेंज ने इस स्टॉक को ASM फ्रेमवर्क में रखा है. पिछले कुछ समय से अडानी ग्रुप के कई शेयर दबाव में थे. ऐसे में हल्की पॉजिटिव खबर भी तेज उछाल में बदल जाती है. ASM (Additional Surveillance Measure) में होने के बावजूद इसमें ट्रेडिंग एक्टिविटी बढ़ी, जिससे तेजी दिखी.

कंपनी ने हाल ही में इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए गैस की कीमत घटाकर 119.90 रुपये से 82.95 रुपये प्रति SCM कर दी है. यह कदम डिमांड बढ़ाने के लिए उठाया गया है. जब कीमत कम होती है, तो इंडस्ट्रियल यूजर्स ज्यादा खपत करते हैं, जिससे वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद बनती है. बाजार अक्सर ऐसे फैसलों को पॉजिटिव मानता है क्योंकि इससे भविष्य की कमाई बेहतर हो सकती है.

सप्लाई और सरकारी फैसलों का असर

दूसरा बड़ा कारण है सरकारी गैस अलोकेशन पॉलिसी, सरकार ने घरेलू गैस को PNG और CNG के लिए प्राथमिकता दी है. ATGL का बिजनेस मॉडल इन दोनों सेगमेंट्स पर मजबूत है. यानी इंडस्ट्रियल सप्लाई भले प्रभावित हो, लेकिन कंपनी का कोर रेवेन्यू सेगमेंट सुरक्षित रहता है. यह निवेशकों के लिए एक मजबूत संकेत है. कंपनी ने यह भी बताया कि पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कुछ सप्लायर्स ने गैस सप्लाई घटा दी है, जिससे इंडस्ट्रियल सप्लाई प्रभावित हुई है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.