ट्रंप का बड़ा बयान! ‘अब इजरायल नहीं करेगा हमले’…जानें क्या हैं इसके मायने और अमेरिका को क्यों लेना पड़ा ये फैसला

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ट्रंप के ताजा पोस्ट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने एनर्जी स्ट्रक्चर पर हमले से दूरी बनाते हुए ईरान को खुली चेतावनी दी है. ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका को इस हमले की जानकारी नहीं थी और कतर भी इसमें शामिल नहीं था. उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने बिना पूरी जानकारी के जवाबी कार्रवाई की.

ट्रंप Image Credit: money9live

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने ताजा बयान में साफ कहा है कि इजराइल के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले की उन्हें पहले से कोई जानकारी नहीं थी. ट्रंप ने कतर की भूमिका से भी इनकार किया और दावा किया की इजरायल अब एनर्जी सेक्टर पर कोई हमला नहीं करेगा. हलांकि पोस्ट में ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर ईरान ने कतर के ऊर्जा ढांचे पर दोबारा हमला किया, तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा.

साउथ पार्स हमले के बाद ट्रंप का बदला रुख

पश्चिम एशिया में तनाव हर दिन बढ़ता जा रहा है, पर विश्वभर में एनर्जी सप्लाई के संकट की ओर बढ़ गया जब दोनों देश अलग अलग देशों के एनर्जी ढांचे को निशाना बनाने लगे. बुधवार को को ईरान ने कतर की एक सरकारी ऊर्जा कंपनी पर अटैक किया. ऊर्जा कंपनी कतरएनर्जी ने बुधवार को कहा कि ईरानी हमलों के वजह से उसके प्रमुख गैस केंद्र रास लफान इंडस्ट्रियल सिटी में लगी आग से भारी नुकसान हुआ है. ये हमला इजराइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले की जवाबी कार्रवाई में किया गया था. साउथ पार्स गैस फील्ड जो दुनिया के सबसे बड़े गैस भंडारों में से एक माना जाता है. The Wall Street Journal की रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप को इस हमले की पहले से जानकारी थी और उन्होंने इसे तेहरान को चेतावनी देने की रणनीति के तौर पर समर्थन भी दिया था.

लेकिन अब, ट्रंप ने सोशल मीडिया ‘Truth Social’ पर पोस्ट कर लिखा है कि उन्हें इस हमले की जानकारी नहीं थी और वह ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमले के खिलाफ हैं.

ट्रंप ने क्या लिखा?

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि अमेरिका को इस हमले की जानकारी नहीं थी और कतर भी इसमें शामिल नहीं था. उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि उसने बिना पूरी जानकारी के जवाबी कार्रवाई की, जिससे कतर के LNG ढांचे को नुकसान पहुंचा. ट्रंप ने अपने पोस्ट में चेतावनी देते हुए लिखा कि अगर कतर के LNG ढांचे पर फिर हमला हुआ, तो अमेरिका पूरी ताकत के साथ जवाब देगा. इसके बावजूद, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे इस तरह की हिंसा को और बढ़ाना नहीं चाहते और आश्वासन दिलाया कि अब इजरायल की तरफ से एनर्जी सेक्टर पर कोई हमला नहीं होगा.

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Donald Trump ने अपने पोस्ट में कहा कि मध्य पूर्व में हालात को लेकर गुस्से में इजराइल ने ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड के एक हिस्से पर हमला किया, लेकिन इस कार्रवाई की अमेरिका को पहले से कोई जानकारी नहीं थी और न ही कतर किसी तरह इसमें शामिल था. उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने बिना पूरी जानकारी के कतर के LNG ढांचे पर जवाबी हमला किया. ट्रंप ने ये इसके साथ चेतावनी देते हुए लिखा कि अब अगर ईरान कतर के एनर्जी सेक्टर पर हमला किया या किसी निर्दोष को निशाना बनाया, तो अमेरिका बेहद ताकतवर जवाब देगा, जिसकी ताकत ईरान ने पहले कभी नहीं देखी होगी, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे ऐसे बड़े पैमाने की तबाही को मंजूरी नहीं देना चाहते क्योंकि इसके दूरगामी असर होंगे.

अमेरिका को क्यों लेना पड़ा यह फैसला

अमेरिका के इस रुख के पीछे सबसे बड़ी वजह वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंता मानी जा रही है. साउथ पार्स और कतर जैसे गैस हब पर हमलों ने यह संकेत दे दिया है कि अगर यह टकराव बढ़ता है, तो इसका असर पूरी दुनिया में तेल और गैस की सप्लाई पर पड़ सकता है. ऐसे में अमेरिका फिलहाल हालात को और भड़काने के बजाय नियंत्रण में रखने की रणनीति पर काम करता दिख रहा है.