ईरान के हमलों से पलटा खेल, अब अबू धाबी में भारत से महंगा डीजल, जानें कितने में मिल रहा 1 लीटर तेल
अबू धाबी और दिल्ली के बीच फ्यूल कीमतों की तुलना में इस समय एक दिलचस्प स्थिति देखने को मिल रही है. आमतौर पर खाड़ी देशों में फ्यूल सस्ता होता है लेकिन फिलहाल दिल्ली में डीजल अबु धाबी से सस्ता मिल रहा है. अबु धाबी में डीजल की कीमत करीब 4.14 दिरहम प्रति लीटर है जो रुपये में 105 अधिक बैठती है.
Fuel Price Comparison: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध में इजरायल और ईरान के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. जिससे वहां पर एनर्जी सेक्टर में दबाव बढ़ रहा है. ईरान की तरफ से लगातार बैलिस्टिक और ड्रोन हमलों की खबरें सामने आ रहे हैं, जिनमें तेल और गैस फील्ड भी निशाने पर हैं. इन हालात का असर अब फ्यूल कीमतों पर भी दिखने लगा है. स्थिति यह हो गई है कि तेल प्रोडक्शन करने वाला (UAE) अब डीजल कीमत के मामले में भारत से महंगा हो गया है. अबू धाबी में डीजल की कीमत भारतीय रुपये में करीब 105 रुपये प्रति लीटर के आसपास पहुंच गई है, जबकि दिल्ली में यह करीब 87.67 रुपये प्रति लीटर है.

अबू धाबी में क्या है फ्यूल की कीमत
अबू धाबी में अलग अलग ग्रेड के पेट्रोल और डीजल की कीमत तय की गई है. यहां Super 98 की कीमत 2.59 दिरहम प्रति लीटर है. Special 95 की कीमत 2.48 दिरहम और E Plus 91 की कीमत 2.40 दिरहम प्रति लीटर है. वहीं डीजल की कीमत 4.14 दिरहम प्रति लीटर है. रुपये में बदलने पर यह करीब 105 रुपये प्रति लीटर बैठती है. डीजल की कीमत में यह तेजी क्षेत्र में बढ़ते तनाव का असर मानी जा रही है.

दिल्ली में डीजल क्यों सस्ता
दिल्ली में डीजल की कीमत अबू धाबी के मुकाबले कम है. इसका मुख्य कारण टैक्स और प्राइसिंग सिस्टम है. भारत में सरकार समय समय पर टैक्स में बदलाव करती है. इसके अलावा स्थानीय बाजार की स्थिति और राज्य सरकारों का VAT भी कीमतों को प्रभावित करती है. पश्चिम एशिया में तनाव के बावजूद फिलहाल भारत में कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है.
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फ्यूल प्राइस पर किन चीजों का असर
फ्यूल की कीमत कई फैक्टर पर निर्भर करती है. इसमें कच्चे तेल की कीमत सबसे अहम होती है. इसके अलावा टैक्स स्ट्रक्चर, करेंसी एक्सचेंज रेट और स्थानीय नीतियां भी बड़ी भूमिका निभाती हैं. आमतौर पर खाड़ी देशों में कम टैक्स और प्रोडक्शन कॉस्ट और ट्रांसपोर्ट कॉस्ट कम होने से फ्यूल सस्ता रहता है, लेकिन मौजूदा तनाव के कारण वहां कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है.
आगे क्या हो सकता है असर
अगर ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत बढ़ती है तो दोनों जगह फ्यूल महंगा हो सकता है. वहीं अगर कीमतें घटती हैं तो कंज्यूमर को राहत मिल सकती है. फिलहाल दिल्ली में डीजल सस्ता होना भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है. लेकिन आगे कीमतों में बदलाव पूरी तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार पर निर्भर करेगा.
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