क्रिप्टो में कुछ बड़ा होने वाला है! सरकार की RBI और SEBI के साथ हुई मीटिंग में क्या हुआ?

भारत में क्रिप्टो को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और इसके पीछे बड़ी वजह है वित्त मंत्रालय की आरबीआई और सेबी के साथ हुई अहम बैठक. अब तक क्रिप्टो को लेकर भारत में सबसे बड़ी समस्या यह रही है कि इसे न तो पूरी तरह अवैध कहा गया और न ही स्पष्ट रूप से वैध. सरकार ने तीस फीसदी टैक्स और एक फीसदी टीडीएस लगाकर यह संकेत जरूर दिया था कि वह क्रिप्टो से होने वाली कमाई को ट्रैक करना चाहती है, लेकिन कानून के स्तर पर स्थिति अब भी धुंधली बनी हुई है.

इस बैठक का मकसद यही समझा जा रहा है कि क्रिप्टो को किस तरह एक रेगुलेटेड फाइनेंशियल सिस्टम के भीतर लाया जाए. सेबी इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या क्रिप्टो एक्सचेंजों को शेयर बाजार की तरह लाइसेंस और निगरानी के दायरे में लाया जा सकता है, जबकि आरबीआई सीमा पार होने वाले क्रिप्टो लेनदेन और मनी लॉन्डरिंग जैसे जोखिमों पर नजर रखना चाहता है. बजट 2026 में निवेशकों को इस दिशा में कोई बड़ा संकेत या ढांचा मिल सकता है.