India–EU FTA से बदलेगा गेम, इन 7 कंपनियों पर रखें नजर; यूरोप में मजबूत है पकड़
India–EU FTA पर साइन होने के बाद यूरोप में मजबूत मौजूदगी वाली भारतीय कंपनियां निवेशकों के फोकस में हैं. इस समझौते के तहत करीब 90 फीसदी से ज्यादा EU वस्तुओं पर शुल्क में कटौती की उम्मीद है. केमिकल, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, FMCG, समुद्री प्रोडक्ट, टेक्सटाइल और IT सेक्टर को सीधा फायदा मिल सकता है.
India EU FTA: भारत और यूरोपीय संघ के बीच Free Trade Agreement पर साइन हो चुके हैं. 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में हुए इस ऐतिहासिक समझौते पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लायन और एंतोनियो कोस्ता की मौजूदगी में मुहर लगी. यह समझौता दुनिया की दूसरी और चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है. इस FTA का सीधा फायदा उन भारतीय कंपनियों को मिलने की संभावना है, जिनकी यूरोप में पहले से मजबूत मौजूदगी है. अलग-अलग सेक्टर्स में फैली 7 प्रमुख कंपनियां निवेशकों के रडार पर आ सकती हैं.
केमिकल सेक्टर
केमिकल प्रोडक्ट्स पर EU में लगने वाला टैरिफ, जो अभी 22 फीसदी तक है, लगभग सभी प्रोडक्ट्स पर शून्य किया जाना प्रस्तावित है. इससे भारतीय केमिकल कंपनियों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी. इस सेक्टर में Navin Fluorine एक मजबूत नाम है.
फ्लोरीन केमिस्ट्री में पांच दशक से ज्यादा अनुभव रखने वाली यह कंपनी स्पेशलिटी फ्लोरोकेमिकल्स और CDMO सर्विस में वैश्विक स्तर पर पहचान रखती है. equitymaster की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप समेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों से इसे वित्त वर्ष 2025 में कुल रेवेन्यू का 56 फीसदी मिला. EU में टैरिफ शून्य होने से कंपनी की ऑर्डर बुक और मार्जिन दोनों को सपोर्ट मिलने की उम्मीद है.
फार्मा और मेडिकल डिवाइस
फार्मास्यूटिकल प्रोडक्ट पर 11 फीसदी तक का टैरिफ और मेडिकल उपकरणों पर 27.5 फीसदी तक शुल्क घटकर शून्य होने की संभावना है. यूरोप भारत के फार्मा निर्यात का करीब 19 से 21 फीसदी हिस्सा है. इस क्षेत्र में Aurobindo Pharma और Poly Medicure प्रमुख हैं.
ऑरोबिंदो फार्मा की यूरोप में 10 देशों में मौजूदगी है और वित्त वर्ष 2025 में यूरोप से उसे कुल राजस्व का 26 फीसदी मिला. वहीं Poly Medicure भारत की सबसे बड़ी मेडिकल डिवाइस निर्यातक कंपनी है, जिसकी करीब 70 फीसदी कमाई एक्सपोर्ट से आती है.
FMCG और समुद्री प्रोडक्ट
FTA के तहत EU भारतीय समुद्री प्रोडक्ट पर 26 फीसदी तक के आयात शुल्क को चरणबद्ध तरीके से शून्य करेगा. इससे झींगा और सीफूड निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलेगा. इस सेक्टर में Avanti Feeds और Apex Frozen Foods यूरोप पर तेजी से फोकस बढ़ा रही हैं. Apex Frozen Foods की यूरोप में बिक्री वित्त वर्ष 2025 में 41 फीसदी बढ़ी और जनवरी 2026 में FTA की घोषणा के बाद इसके शेयरों में 12 फीसदी की तेजी देखी गई.
टेक्सटाइल सेक्टर
टेक्सटाइल प्रोडक्ट पर टैरिफ शून्य होने से भारतीय निर्यातकों को यूरोप में बराबरी का मौका मिलेगा. Welspun Living को इसका बड़ा लाभ मिल सकता है, क्योंकि UK और यूरोप उसके निर्यात रेवेन्यू का करीब 18 फीसदी योगदान देते हैं.
IT सेक्टर
IT और ITeS सेवाओं में क्रॉस-बॉर्डर डिलीवरी आसान होने से भारतीय IT कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे. TCS जैसी कंपनियों को यूरोप में प्रोफेशनल मोबिलिटी और डिजिटल ट्रेड से फायदा मिलने की उम्मीद है. वित्त वर्ष 2025 में TCS के कुल रेवेन्यू में यूरोप की हिस्सेदारी 14.3 फीसदी रही.
कुल मिलाकर, India–EU FTA न केवल व्यापार बढ़ाने वाला कदम है, बल्कि यह भारतीय कंपनियों के लिए यूरोप में लंबी अवधि की ग्रोथ का मजबूत आधार भी तैयार करता है. निवेशकों की नजर अब इन सेक्टर्स और कंपनियों पर टिक सकती है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.




