2026 में 5 GWh तक पहुंच सकती है भारत की BESS क्षमता, 1000% तेजी संभव, रडार में रखें ये 3 केमिकल शेयर
भारत में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) सेक्टर 2026 में बड़ा उछाल लेने को तैयार है. अनुमान है कि क्षमता में 1,000% तक की बढ़ोतरी हो सकती है. इस ग्रोथ से Gujarat Fluorochemicals, Neogen Chemicals और Himadri Speciality Chemicals जैसी कंपनियों को बड़ा फायदा मिल सकता है.
भारत की क्लीन एनर्जी कहानी अब एक निर्णायक मोड़ पर खड़ी है. अब तक जहां सोलर और विंड एनर्जी पर सबसे ज्यादा चर्चा होती रही है, वहीं बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) तेजी से अगले बड़े ग्रोथ इंजन के तौर पर उभर रहा है. इंडस्ट्री अनुमानों के मुताबिक, 2026 में भारत की BESS क्षमता में करीब 1,000% यानी दस गुना तक की छलांग लग सकती है. इसी संभावित बूम के चलते कुछ चुनिंदा केमिकल शेयर निवेशकों के रडार पर आ गई हैं जिनका सीधा जुड़ाव बैटरी मटीरियल और एनर्जी स्टोरेज सप्लाई चेन से है.
2026 में 5 GWh तक पहुंच सकती है BESS की सालाना क्षमता
India Energy Storage Alliance के आंकड़ों के अनुसार, 2025 में जहां BESS की सालाना क्षमता करीब 507 MWh रही. वहीं 2026 में यह बढ़कर लगभग 5 GWh तक पहुंच सकती है. अब तक देश में कुल कमीशंड BESS क्षमता सिर्फ 708 MWh रही है. ऐसे में यह उछाल सेक्टर के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है. 2025 में रिकॉर्ड टेंडरिंग के बाद अब 2026 में कई प्रोजेक्ट्स के एक्जीक्यूशन फेज में जाने की उम्मीद है.
इन शेयरों को मिल सकता है फायदा
Gujarat Fluorochemicals
Gujarat Fluorochemicals को इसका फायदा मिल सकता है. कंपनी फ्लोरोपॉलिमर, फ्लोरोकेमिकल्स और बैटरी मटीरियल्स में मजबूत मौजूदगी रखती है. LiPF6 सॉल्ट, LFP कैथोड मटीरियल, PVDF बाइंडर और इलेक्ट्रोलाइट जैसे प्रोडक्ट्स इसे BESS और EV दोनों सेगमेंट में फायदा दिला सकते हैं. कंपनी ने बैटरी मटीरियल्स में अगले कुछ सालों में करीब ₹6,000 करोड़ के निवेश की योजना बनाई है.
Neogen Chemicals
वहीं, Neogen Chemicals भी इस रेस में तेजी से आगे बढ़ रही है. लिथियम और ब्रोमिन आधारित स्पेशियलिटी केमिकल्स में मजबूत पकड़ रखने वाली यह कंपनी बैटरी इलेक्ट्रोलाइट और इलेक्ट्रोलाइट सॉल्ट्स पर फोकस कर रही है. इसकी सब्सिडियरी Neogen Ionics के तहत दहेज में बैटरी मटीरियल प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिनका संचालन 2026 से शुरू होने की उम्मीद है. जापान की Morita Chemicals के साथ जॉइंट वेंचर इसे चीन से बाहर सप्लाई चेन डायवर्सिफिकेशन का अहम खिलाड़ी बनाता है.
Himadri Speciality Chemicals
तीसरा नाम है Himadri Speciality Chemicals, जो कार्बन मटीरियल्स और एडवांस बैटरी कंपोनेंट्स में मजबूत स्थिति में है. कंपनी कोल टार पिच जैसे अहम इनपुट्स में बैकवर्ड इंटीग्रेशन का फायदा मिलता है और वह LFP कैथोड व एनोड मटीरियल्स में बड़े पैमाने पर क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रही है. अगले 5–6 सालों में 200,000 टन LFP कैथोड मटीरियल उत्पादन का लक्ष्य इसे ग्लोबल लेवल पर एक मजबूत नॉन-चीन सप्लायर बना सकता है.
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