Gujarat Gas बनाम MGL और IGL, सप्लाई कटौती पर किस पर ज्यादा खतरा; गैस संकट से किस स्टॉक पर ज्यादा रिस्क

सरकार ने गैस सप्लाई को लेकर नई प्राथमिकता तय की है जिसमें घरेलू PNG और ट्रांसपोर्ट के लिए CNG को पहले गैस दी जाएगी. इससे इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर को मिलने वाली गैस में कटौती हो सकती है. जानकारों के अनुसार इस फैसले का असर सिटी गैस कंपनियों पर अलग अलग होगा. MGL और IGL की इंडस्ट्रियल सेगमेंट में हिस्सेदारी कम है इसलिए इन पर असर सीमित रह सकता है.

PNG और ट्रांसपोर्ट के लिए CNG को पहले गैस दी जाएगी. Image Credit: ChatGPT

Gas supply curtailment: सरकार ने हाल ही में गैस सप्लाई को लेकर प्राथमिकता तय की है. इसके तहत घरेलू PNG और ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए CNG को पहले गैस दी जाएगी. इस फैसले के बाद इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर के लिए गैस सप्लाई कम होने की आशंका जताई जा रही है. इसका असर सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों पर अलग- अलग तरीके से पड़ सकता है. जानकारों के अनुसार जिन कंपनियों की इंडस्ट्रियल गैस डिमांड पर ज्यादा निर्भरता है उन्हें ज्यादा जोखिम हो सकता है.

सरकार ने बदली गैस सप्लाई की प्राथमिकता

सरकार ने एनर्जी सिक्यूरिटी को ध्यान में रखते हुए गैस सप्लाई की प्राथमिकता तय की है. इसके तहत सबसे पहले घरेलू PNG कनेक्शन को गैस दी जाएगी. इसके बाद ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए CNG सप्लाई को प्राथमिकता मिलेगी. ऐसे में अगर गैस की कमी होती है तो इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेक्टर को मिलने वाली गैस कम की जा सकती है. इससे सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के कारोबार पर असर पड़ सकता है.

इंडस्ट्रियल डिमांड पर निर्भरता से तय होगा असर

गैस सप्लाई में कटौती का असर हर कंपनी पर अलग होगा. जिन कंपनियों की इंडस्ट्रियल और कमर्शियल गैस डिमांड में हिस्सेदारी कम है उन पर असर भी सीमित रहेगा. वहीं जिन कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा इस सेगमेंट से आता है उन पर ज्यादा दबाव पड़ सकता है. इसलिए निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि किस कंपनी की किस सेगमेंट में कितनी हिस्सेदारी है.

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MGL और IGL पर सीमित असर की संभावना

Mahanagar Gas और Indraprastha Gas पर गैस कटौती का असर अपेक्षाकृत कम हो सकता है. MGL की कुल गैस सप्लाई में इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेगमेंट की हिस्सेदारी लगभग 16 फीसदी है. वहीं IGL में यह हिस्सा करीब 13 फीसदी है. इसलिए अगर इस सेगमेंट में गैस सप्लाई कम होती है तो इन दोनों कंपनियों के वॉल्यूम पर असर सीमित रह सकता है. Mahanagar Gas के शेयर 12 मार्च को 1.21 फीसदी की तेजी के साथ 1061 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसने अपने निवेशकों को पिछले 5 साल में 10 फीसदी का नेगेटिव रिटर्न दिया है.

Gujarat Gas पर ज्यादा दबाव की आशंका

दूसरी ओर Gujarat Gas की इंडस्ट्रियल और कमर्शियल सेगमेंट पर निर्भरता ज्यादा है. कंपनी की कुल गैस सप्लाई का लगभग 49 फीसदी हिस्सा इसी सेगमेंट को जाता है. ऐसे में अगर सरकार इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए गैस सप्लाई कम करती है तो Gujarat Gas के वॉल्यूम पर ज्यादा असर पड़ सकता है. कंपनी के शेयर 12 मार्च को 0,84 फीसदी की तेजी के साथ 394 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसने अपने निवेशकों को पिछले 5 साल में 27 फीसदी का नेगेटिव रिटर्न दिया है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.