ग्लोबल पैरेंट ने भारत यूनिट को सौंपा ₹1825 करोड़ का मेगा रेल ऑर्डर, उड़ान भरने को तैयार स्टॉक? रखें नजर
सीमेंस लिमिटेड को अपनी ग्लोबल पैरेंट कंपनी से 1,825 करोड़ रुपये का बड़ा रेलवे इक्विपमेंट ऑर्डर मिला है. FY25 में कंपनी की ऑर्डर बुक 42,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है और नए ऑर्डर में 20% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज हुई है. रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर थीम पर यह स्टॉक बाजार में फोकस में बना हुआ है.

भारत में इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते कदम अब दिग्गज इंजीनियरिंग कंपनियों की तिजोरी में भारी-भरकम ऑर्डर्स के रूप में तब्दील हो रहे हैं. इस रेस में सीमेंस लिमिटेड (Siemens Ltd.) सबसे आगे नजर आ रही है. कंपनी को न केवल घरेलू बाजार से बल्कि अपने ही ग्लोबल नेटवर्क से बड़े प्रोजेक्ट्स मिल रहे हैं. ताजा खबर यह है कि सीमेंस इंडिया को अपनी ही ग्रुप कंपनी से ₹1,825 करोड़ का एक मेगा वर्क एलोकेशन मिला है, जो कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग ताकत पर ग्लोबल मुहर लगाता है. ऐसे में शेयर बाजार में ये स्टॉक को फोकस में रखना निवेशकों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है.
क्या है ऑर्डर?
सीमेंस लिमिटेड को यह भारी-भरकम ऑर्डर मुख्य रूप से रेलवे के पुर्जे बनाने के लिए मिला है. इसके तहत कंपनी बोगियों (Bogies), ट्रैक्शन मोटर्स और गियरबॉक्स की मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई करेगी. 25 मार्च, 2026 को मिले इस एलोकेशन की जानकारी हाल ही में स्टॉक एक्सचेंजों को दी गई है. यह ऑर्डर साबित करता है कि सीमेंस इंडिया अब ग्लोबल नेटवर्क के लिए एक ‘मैन्युफैक्चरिंग हब’ बन चुका है, जहां अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से हाई-प्रिसिजन रेल कंपोनेंट्स तैयार किए जा रहे हैं.
ऑर्डर बुक में शानदार उछाल
कंपनी के लिए वित्त वर्ष 2025 (FY25) के आंकड़े किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं हैं. सीमेंस की ग्रोथ को इन नंबरों से समझा जा सकता है:
- FY25 में कंपनी को ₹20,040 करोड़ के नए ऑर्डर मिले, जो पिछले साल (₹16,630 करोड़) के मुकाबले 20.5% की भारी बढ़ोतरी दिखाते हैं.
- वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक ₹42,250 करोड़ पर पहुंच गई है.
- ₹1,37,304 करोड़ के मार्केट कैप के साथ कंपनी के शेयर फिलहाल ₹3846 के स्तर पर ट्रेड कर रहे हैं.
रेलवे सेक्टर में बढ़ती पैठ
सीमेंस इंडिया एनर्जी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल इंडस्ट्रीज जैसे कई क्षेत्रों में काम करती है, लेकिन इसका ‘मोबिलिटी सेगमेंट’ (रेलवे से जुड़ा विभाग) इस वक्त सबसे ज्यादा चमक रहा है. रेलवे के आधुनिकीकरण और इलेक्ट्रिफिकेशन पर सरकार के बढ़ते खर्च का सीधा फायदा कंपनी को मिल रहा है. बोगियां और ट्रैक्शन मोटर्स जैसे क्रिटिकल सब-सिस्टम बनाने का यह नया ऑर्डर कंपनी की रेवेन्यू विजिबिलिटी को अगले कई क्वार्टर तक मजबूती दे सकता है.
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सीमेंस एजी (Siemens AG) की सहायक कंपनी के रूप में, मुंबई मुख्यालय वाली यह फर्म अब न केवल भारत की जरूरतों को पूरा कर रही है, बल्कि दुनिया भर के रेल नेटवर्क के लिए एक भरोसेमंद पार्टनर बनकर उभरी है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.