ईरान ने इजरायल पर दागीं मिसाइलें, कच्चा तेल $96 के पार; गिफ्ट निफ्टी ने अपनाया सतर्क रुख
पश्चिम एशिया में संघर्ष विराम टूटने और ईरान द्वारा इजरायल पर मिसाइल हमले किए जाने के बाद वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ गई है. इस तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर दिखा, जहां ब्रेंट क्रूड $96 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया.

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष विराम रविवार देर रात फिर वहीं आ गया जहां से दुनियाभर में तनाव का पारा ऊपर चढ़ जाता है. ईरान द्वारा इजरायल पर ताबड़तोड़ कई राउंड मिसाइल दागने के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध के बादल गहरा गए हैं. वापस से बढ़ी भू-राजनीतिक टेंशन का सीधा असर वैश्विक बाजारों पर देखने को मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक रॉकेट हो गई, जबकि भारतीय बाजार के शुरुआती संकेत देने वाले गिफ्ट निफ्टी में भी हलचल है.
कच्चे तेल के दामों में भारी उछाल
ईरानी हमले की खबर आते ही सोमवार तड़के एशियाई व्यापार में ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) की कीमत 3.6% तक उछल कर $96.47 प्रति बैरल पर पहुंच गईं. वहीं, अमेरिकी क्रूड यानी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) भी तेजी से बढ़ते हुए $94 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया. हालांकि, शुरुआती उछाल के बाद कीमतों में थोड़ा सुधार देखा गया है, जहां ब्रेंट क्रूड $95.31 और WTI $92.38 प्रति बैरल पर आ गई, लेकिन बाजार में डर का माहौल बना हुआ है.
गिफ्ट निफ्टी और एशियाई बाजारों का हाल
ग्लोबल टेंशन के बीच सोमवार सुबह भारतीय समयानुसार सुबह 06:38 बजे गिफ्ट निफ्टी (GIFT NIFTY) मामूली बढ़त के साथ 23,162.00 (+0.28%) के स्तर पर ट्रेड करता दिखा, जो भारतीय बाजार के लिए बेहद सतर्क शुरुआत का इशारा है. इसके उलट, अन्य एशियाई बाजारों में भारी घबराहट देखी गई; जापान का बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई 225 (Nikkei 225) 2,493.12 अंक यानी 3.74% तक टूटकर 64,095.00 के स्तर पर आ गया. वहीं स्ट्रेट टाइम्स भी 1.46 फीसदी की गिरावट के साथ 4,976.77 पर ट्रेड करता दिखा.
ईरान की चेतावनी, इजरायल का दावा
ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, वहां के सशस्त्र बलों ने साफ कहा है कि अगर इजरायल ने लेबनान पर हमले और अपनी शत्रुतापूर्ण हरकतें बंद नहीं कीं, तो मिसाइल अटैक जारी रहेंगे. दूसरी ओर, इजरायली सेना का दावा है कि ईरान की तरफ से दागी गईं सभी मिसाइलों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर दिया गया और इससे कोई नुकसान नहीं हुआ है.
क्या है ट्रंप का रुख
Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से इस हमले की जवाबी कार्रवाई नहीं करने को कहा है. हालांकि, जानकारों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि नेतन्याहू के पास ईरान के साथ डील स्वीकार करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा. इस बीच, ईरान लगातार मांग कर रहा है कि अमेरिका के साथ किसी भी समझौते से पहले लेबनान में सीजफायर होना चाहिए. दोनों देशों के बीच ईरानी संपत्तियों को फ्रीज करने से रोकने को लेकर भी गतिरोध बना हुआ है, जिसे ट्रंप ने खारिज कर दिया है.
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कच्चे तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंताएं इसलिए भी बढ़ गई हैं क्योंकि ओपेक प्लस (OPEC+) देशों द्वारा जुलाई से उत्पादन में 1,88,000 बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी की मंजूरी के बावजूद, होर्मुज स्ट्रेट में जारी ब्लॉकेड के कारण तेल की सप्लाई ठप पड़ी है.