18 जून से NSE और BSE पर नहीं दिखेगा Jaiprakash Associates का शेयर, जानें वजह

Jaiprakash Associates के शेयर 18 जून 2026 से बीएसई और एनएसई से डीलिस्ट हो जाएंगे. कंपनी को दोनों स्टॉक एक्सचेंजों से अंतिम मंजूरी मिल गई है. यह कदम दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत उठाया गया है, जिसमें Adani Enterprises ने 14535 करोड़ रुपये की बोली लगाकर कंपनी का अधिग्रहण किया था.

Jaiprakash Associates के शेयर 18 जून 2026 से बीएसई और एनएसई से डीलिस्ट हो जाएंगे. Image Credit:

Jaiprakash Associates के शेयरधारकों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है. कंपनी ने जानकारी दी है कि उसके शेयर 18 जून 2026 से बीएसई और एनएसई दोनों स्टॉक एक्सचेंजों से डीलिस्ट हो जाएंगे. यह फैसला कंपनी के दिवाला समाधान प्रक्रिया (Insolvency resolution process) के तहत लिया गया है, जिसमें अडानी ग्रुप की कंपनी Adani Enterprises ने Jaiprakash Associates का अधिग्रहण किया है. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की मंजूरी के बाद अब डीलिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी की जा रही है. इससे कंपनी के शेयरों में निवेश करने वाले निवेशकों पर सीधा असर पड़ेगा.

18 जून से बाद हट जाएंगे शेयर

Jaiprakash Associates ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि उसे बीएसई और एनएसई से शेयर डीलिस्टिंग की अंतिम मंजूरी मिल गई है. इसके बाद कंपनी के इक्विटी शेयर 18 जून 2026 से दोनों एक्सचेंजों पर कारोबार के लिए उपलब्ध नहीं रहेंगे. यह कदम कंपनी के स्वीकृत रेजोल्यूशन प्लान के तहत उठाया जा रहा है. डीलिस्टिंग के बाद शेयरों की बाजार में खरीद बिक्री बंद हो जाएगी.

NCLT

कंपनी की डीलिस्टिंग नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल की इलाहाबाद बेंच द्वारा मंजूर रेजोल्यूशन प्लान के अनुसार की जा रही है. Jaiprakash Associates लंबे समय से वित्तीय संकट का सामना कर रही थी और दिवाला प्रक्रिया से गुजर रही थी. ट्रिब्यूनल की मंजूरी मिलने के बाद कंपनी के स्वामित्व और ऑपरेशन में बदलाव का रास्ता साफ हुआ. अब डीलिस्टिंग उसी प्रक्रिया का अंतिम चरण माना जा रहा है.

Adani Enterprises ने खरीदी

दिवाला समाधान प्रक्रिया में कई कंपनियों ने बोली लगाई थी, लेकिन Adani Enterprises की 14535 करोड रुपये की बोली को कर्जदाताओं की समिति ने सबसे बेहतर माना. इसके बाद अडानी समूह को कंपनी के अधिग्रहण का अधिकार मिला. इस अधिग्रहण के साथ Jaiprakash Associates का कंट्रोल अब अडानी समूह के पास चला गया है. कंपनी के पुनर्गठन की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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कई क्षेत्रों में कारोबार करती है कंपनी

Jaiprakash Associates एक डॉयवर्स कारोबार वाली कंपनी रही है. कंपनी निर्माण, रियल एस्टेट, बिजली उत्पादन और होटल कारोबार से जुडी हुई है. इसके अलावा कंपनी के पास देश का प्रसिद्ध फॉर्मूला वन रेसिंग सर्किट भी है. हालांकि वित्तीय चुनौतियों के चलते कंपनी को दिवाला प्रक्रिया में जाना पडा, जिसके बाद अब इसका अधिग्रहण और डीलिस्टिंग की प्रक्रिया पूरी हो रही है.