LIC ने खरीदे 26 करोड़ से ज्यादा शेयर, Central Bank में हिस्सेदारी हुई 6.06%, जानिए पूरी डिटेल
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने FY26 के लिए चौथा अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है. बैंक ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 6 फीसदी यानी 0.60 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है. डिविडेंड पाने वाले योग्य शेयरधारकों की पहचान के लिए बैंक ने 8 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की थी.

सरकारी बीमा कंपनी Life Insurance Corporation of India यानी LIC ने Central Bank of India में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 6.06 फीसदी कर ली है. इससे पहले बैंक में LIC की हिस्सेदारी 3.16 फीसदी थी. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि LIC ने 22 मई को ओपन मार्केट के जरिए 26.26 करोड़ इक्विटी शेयर खरीदे. यह बैंक की कुल हिस्सेदारी का करीब 2.901 फीसदी है. इस खरीद के बाद बैंक में LIC की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 6.06 फीसदी हो गई है.
शेयरहोल्डिंग पैटर्न क्या कह रहा?
ताजा शेयरहोल्डिंग पैटर्न के मुताबिक बैंक में प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 89.27 फीसदी है. वहीं बीमा कंपनियों की हिस्सेदारी 3.26 फीसदी और बैंकों की हिस्सेदारी 1.20 फीसदी रही. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की हिस्सेदारी 0.75 फीसदी दर्ज की गई.
सरकार ने OFS में ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प भी इस्तेमाल किया
इस बीच सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने सरकार के चल रहे ऑफर फॉर सेल (OFS) को लेकर भी बड़ा अपडेट दिया है. बैंक ने बताया कि भारत सरकार ने, वित्त मंत्रालय के तहत वित्तीय सेवा विभाग के जरिए, OFS में ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प का इस्तेमाल करने का फैसला लिया है. पहले सरकार ने OFS के तहत 36,20,56,051 इक्विटी शेयर बेचने की योजना बनाई थी, जो बैंक की कुल पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 4 फीसदी हिस्सा है. यह OFS 22 मई को गैर-रिटेल निवेशकों के लिए खुला था, जबकि 25 मई को रिटेल निवेशकों, कर्मचारियों और उन गैर-रिटेल निवेशकों के लिए खुलेगा जिनकी बोली पहले अलॉट नहीं हो पाई थी.
अब OFS का साइज बढ़कर 8 फीसदी हुआ
सरकार ने पहले ही यह विकल्प रखा था कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 36,20,56,051 शेयर और बेचे जा सकते हैं. अब सरकार ने इस ओवरसब्सक्रिप्शन विकल्प का पूरी तरह से इस्तेमाल करने का फैसला लिया है. इसके बाद OFS का कुल आकार बढ़कर 72,41,12,102 इक्विटी शेयर हो गया है, जो बैंक की कुल पेड-अप इक्विटी कैपिटल का 8 फीसदी है. कुल ऑफर में से 7,24,11,212 शेयर यानी 10 फीसदी हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है. इसके अलावा 75 लाख शेयर बैंक के योग्य कर्मचारियों के लिए भी आरक्षित किए गए हैं. यह बैंक की कुल जारी और पेड-अप इक्विटी कैपिटल का करीब 0.1 फीसदी हिस्सा है.
Q4FY26 में कैसा रहा बैंक का प्रदर्शन?
Central Bank of India ने मार्च 2026 तिमाही में मिला-जुला वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया. बैंक का नेट प्रॉफिट Q4FY26 में घटकर 724.4 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 1,033.6 करोड़ रुपये था. यानी मुनाफे में करीब 30 फीसदी की गिरावट आई. हालांकि बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 17.8 फीसदी बढ़कर 4,002 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो बैंक के मुख्य लेंडिंग कारोबार में मजबूती दिखाती है.
एसेट क्वालिटी में हल्का सुधार
बैंक का ग्रॉस NPA मामूली सुधार के साथ 2.67 फीसदी पर आ गया, जो पिछली तिमाही में 2.70 फीसदी था. हालांकि नेट NPA थोड़ा बढ़कर 0.49 फीसदी हो गया, जो पहले 0.45 फीसदी था.
FY26 में डिपॉजिट और एडवांस में बढ़त
पूरे FY26 के दौरान बैंक के कुल डिपॉजिट 13.38 फीसदी बढ़कर 4,67,923 करोड़ रुपये पर पहुंच गए. CASA डिपॉजिट 9.75 फीसदी बढ़कर 2,20,781 करोड़ रुपये हो गया. वहीं बैंक के ग्रॉस एडवांस भी 9.75 फीसदी की बढ़त के साथ 2,20,781 करोड़ रुपये तक पहुंच गए.
बैंक ने घोषित किया डिविडेंड
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने FY26 के लिए चौथा अंतरिम डिविडेंड भी घोषित किया है. बैंक ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रत्येक इक्विटी शेयर पर 6 फीसदी यानी 0.60 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है. डिविडेंड पाने वाले योग्य शेयरधारकों की पहचान के लिए बैंक ने 8 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की थी.
Central Bank of India के शेयरों का हाल
26 मई को बाजार खुलने से पहले इसके शेयरों का भाव 31.27 रुपये था. बीते एक महीने में इसमें 13 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है.
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