Parachute और Saffola से आगे बढ़ा Marico, छोटे डिजिटल ब्रांड्स पर खेल रहा बड़ा दांव, 3 हफ्ते में 3 बड़ी डील से फोकस में आए शेयर
Marico अब केवल Parachute और Saffola जैसे पारंपरिक ब्रांड्स पर निर्भर नहीं रहना चाहती. कंपनी पिछले कुछ वर्षों में Beardo, Just Herbs, True Elements और Plix जैसे छोटे डिजिटल ब्रांड्स का अधिग्रहण कर तेजी से नया बिजनेस मॉडल तैयार कर रही है.

Marico FMCG Strategy: एक समय था जब Marico का नाम आते ही लोगों के दिमाग में Parachute नारियल तेल और Saffola जैसे भरोसेमंद ब्रांड्स आते थे. कई दशकों तक कंपनी ने इन्हीं मजबूत प्रोडक्ट्स के दम पर FMCG बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखी. लेकिन अब कंपनी की रणनीति तेजी से बदलती दिख रही है.
ट्रेडिशनल FMCG मॉडल से आगे बढ़ते हुए Marico अब छोटे डिजिटल और तेजी से बढ़ने वाले ब्रांड्स पर दांव लगा रही है. यही वजह है कि पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने लगातार कई अधिग्रहण किए हैं. कंपनी अब केवल प्रोडक्ट बेचने वाली FMCG कंपनी नहीं बल्कि नए जमाने का ब्रांड प्लेटफॉर्म बनने की दिशा में काम कर रही है.
छोटे डिजिटल ब्रांड्स पर बढ़ा फोकस
Marico ने पिछले कुछ वर्षों में कई डिजिटल फर्स्ट और निच कैटेगरी ब्रांड्स का अधिग्रहण किया है. इनमें Beardo, Just Herbs, True Elements और Plix जैसे नाम शामिल हैं. ये ऐसे ब्रांड हैं जिनकी पहचान मुख्य रूप से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और युवा ग्राहकों के बीच बनी. कंपनी का फोकस उन ब्रांड्स पर है जिनके पास पहले से मजबूत ग्राहक आधार और तेजी से बढ़ती मांग मौजूद है.
तीन हफ्तों में तीन बड़ी डील
साल 2026 की शुरुआत में Marico ने बेहद तेजी से तीन बड़े अधिग्रहण किए. कंपनी ने 4700BC, Cosmix और वियतनाम की स्किनकेयर कंपनी Skinetiq में निवेश किया. इन डील्स ने यह साफ कर दिया कि Marico अब अधिग्रहण आधारित रणनीति को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रही है.इससे कंपनी की डिजिटल और प्रीमियम कैटेगरी में पकड़ बढ़ सकती है.
पुराना बिजनेस अब भी बना हुआ मजबूत
हालांकि कंपनी लगातार नए ब्रांड्स खरीद रही है लेकिन उसका पारंपरिक कारोबार अब भी मजबूत बना हुआ है. Parachute और Saffola जैसे ब्रांड आज भी कंपनी की कमाई का बड़ा हिस्सा हैं. यही मजबूत कैश फ्लो Marico को नए अधिग्रहण करने की ताकत देता है. वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की बिक्री 13611 करोड़ रुपये तक पहुंच गई. वहीं कंपनी ने निवेशकों के लिए प्रति शेयर 4 रुपये के डिविडेंड का भी प्रस्ताव दिया है. इससे साफ है कि कंपनी ग्रोथ और स्थिरता दोनों को साथ लेकर चलना चाहती है.
अधिग्रहण रणनीति में जोखिम भी मौजूद
जानकारों का मानना है कि छोटे ब्रांड्स खरीदना आसान है लेकिन उन्हें लंबे समय तक सफल बनाना बड़ी चुनौती होती है. डिजिटल और फाउंडर आधारित कंपनियों का काम करने का तरीका पारंपरिक FMCG कंपनियों से अलग होता है. ऐसे में सभी ब्रांड्स को सफलतापूर्वक मैनेज करना आसान नहीं होगा. इसके अलावा हर अधिग्रहण भविष्य में बड़ा कारोबार बन पाए ऐसा जरूरी नहीं है. इसलिए Marico के सामने सबसे बड़ी चुनौती सही ब्रांड चुनने और उन्हें सफलतापूर्वक स्केल करने की रहेगी.
कैसे है शेयरों का प्रदर्शन
Marico का शेयर 8 मई को 0.10 फीसदी की हल्की गिरावट के साथ 831 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का मार्केट कैप 1.07 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, जो इसे देश की प्रमुख FMCG कंपनियों में शामिल करता है. स्टॉक का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 843 रुपये और निचला स्तर 680 रुपये रहा है. कंपनी का पीई रेशियो 61.2. वहीं 1.26 फीसदी का डिविडेंड यील्ड, 47.2 फीसदी ROCE और 43 फीसदी ROE है. कंपनी ने अपने निवेशकों को पिछले 5 साल में 75 फीसदी का रिटर्न दिया है.
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FMCG कंपनी बनने की तैयारी
मार्केट जानकारों का मानना है कि Marico अब केवल तेल और फूड ब्रांड्स तक सीमित नहीं रहना चाहती. कंपनी खुद को एक ऐसे प्लेटफॉर्म में बदलने की कोशिश कर रही है जो नए कंज्यूमर ब्रांड्स को पहचान सके, उनमें निवेश कर सके और उन्हें तेजी से आगे बढ़ा सके.