₹23,758 करोड़ के ऑर्डर बुक से निवेशकों के रडार पर Mazagon Dock, 5 साल में दिया 2000 फीसदी रिटर्न

डिफेंस सेक्टर की प्रमुख कंपनी Mazagon Dock Shipbuilders Limited की ऑर्डर बुक और कारोबार निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं. कंपनी के पास करीब 23758 करोड रुपये का ऑर्डर बैलेंस है, जिससे आने वाले समय में मजबूत रेवेन्यू की उम्मीद है. कंपनी के दो प्रमुख डिवीजन Shipbuilding और Submarine एंड Heavy Engineering हैं.

मझगांव डॉक Image Credit: money9live

Mazagon Dock Shipbuilders: डिफेंस सेक्टर की प्रमुख कंपनी मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड एक बार फिर निवेशकों के बीच चर्चा में है. कंपनी के पास मजबूत ऑर्डर बुक और लगातार बढ़ते प्रोजेक्ट्स हैं, जिससे इसके भविष्य को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं. खास बात यह है कि कंपनी का कारोबार दो प्रमुख डिवीजन पर आधारित है जिनमें शिपबिल्डिंग एंड सबमरीन एंड हेवी इंजीनियरिंग शामिल हैं. ऐसे में निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि कंपनी की ग्रोथ किस सेगमेंट से ज्यादा आ रही है. मौजूदा आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की ऑर्डर बुक में शिपबिल्डिंग डिवीजन की हिस्सेदारी थोड़ी ज्यादा है.

सबसे बड़ा ऑर्डर

कंपनी के शिपबिल्डिंग डिवीजन के पास सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट वैल्यू है. इस डिवीजन के प्रोजेक्ट्स की कुल वैल्यू करीब 59563 करोड़ रुपये है. इसमें भारतीय नौसेना के लिए P15B Destroyer और P17A Stealth Frigate जैसे बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं. इन प्रोजेक्ट्स की वैल्यू क्रमश 28745 करोड़ और 27254 करोड़ रुपये है. इसके अलावा भारतीय कोस्ट गार्ड के लिए कई पेट्रोल और सुरक्षा जहाज भी बनाए जा रहे हैं. इन प्रोजेक्ट्स के कारण शिपबिल्डिंग डिवीजन कंपनी के कुल काम का बड़ा हिस्सा संभाल रहा है.

₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का आर्डर

दोनों डिवीजन को मिलाकर कंपनी के पास 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स हैं. इनमें से करीब 23758 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट अभी पूरे होने बाकी हैं. यह ऑर्डर बैलेंस कंपनी के लिए आने वाले समय में स्थिर रेवेन्यू का संकेत देता है. मजबूत ऑर्डर बुक के कारण कंपनी के पास कई सालों तक काम की अच्छी पाइपलाइन बनी हुई है.

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मजबूत फाइनेंशियल प्रदर्शन

कंपनी के वित्तीय नतीजे भी मजबूत दिखाई देते हैं. चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी की इनकम बढ़कर करीब 3601 करोड़ रुपये पहुंच गई जो पिछले साल इसी तिमाही में 3144 करोड़ रुपये थी. वहीं कंपनी का नेट प्रॉफिट भी बढ़कर 880 करोड़ रुपये हो गया. कंपनी का ROCE 43 फीसदी से ज्यादा और ROE करीब 34 फीसदी है जो मजबूत प्रॉफिटेबिलिटी को दिखाता है. खास बात यह है कि कंपनी पर कर्ज भी नहीं है. कंपनी के शेयर शुक्रवार को 4.72 फीसदी की गिरावट के साथ 2328 रुपये बंद हुआ. इसने अपने निवेश को 5 साल में 1999 फीसदी का रिटर्न दिया है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.