52 हफ्ते के निचले स्तर पर TCS-Infosys-HCL Tech… क्या शुरू होने वाली है बड़ी वापसी? RSI दे रहा बड़ा संकेत
देश की बड़ी IT कंपनियां Tata Consultancy Services, Infosys और HCL Technologies अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर के आसपास ट्रेड कर रही हैं. Nifty IT Index भी इस साल अब तक करीब 26 फीसदी टूट चुका है. ऐसे में अब निवेशकों के बीच बड़ा सवाल है कि क्या यह गिरावट डर की वजह से आई है या फिर लंबे समय के निवेशकों के लिए बड़ा मौका बन रही है.
IT Sector: भारतीय शेयर बाजार में IT सेक्टर इस समय भारी दबाव में दिखाई दे रहा है. देश की बड़ी IT कंपनियां Tata Consultancy Services, Infosys और HCL Technologies अपने 52 हफ्ते के निचले स्तर के आसपास ट्रेड कर रही हैं. Nifty IT Index भी इस साल अब तक करीब 26 फीसदी टूट चुका है. ऐसे में अब निवेशकों के बीच बड़ा सवाल है कि क्या यह गिरावट डर की वजह से आई है या फिर लंबे समय के निवेशकों के लिए बड़ा मौका बन रही है.
बाजार में डर का सबसे बड़ा कारण AI यानी Artificial Intelligence को माना जा रहा है. निवेशकों को चिंता है कि AI टेक्नोलॉजी आने वाले समय में पारंपरिक IT सेवाओं का काम कम कर सकती है. इसके अलावा अमेरिका में टेक खर्च कम होने और वैश्विक आर्थिक सुस्ती के डर ने भी IT शेयरों पर दबाव बढ़ाया है.
AI का डर कितना बड़ा
- OpenAI जैसी कंपनियों की नई AI टेक्नोलॉजी आने के बाद यह चिंता बढ़ी है कि कई IT सेवाएं ऑटोमेट हो सकती हैं.
- इस वजह से निवेशकों को लग रहा है कि IT कंपनियों के Deal Size और कमाई पर असर पड़ सकता है.
- हालांकि अब तक कंपनियों के नतीजों में ऐसा बड़ा असर दिखाई नहीं दिया है.
क्या बताते हैं Q4 रिजल्ट
HCL Technologies ने Q4 FY26 में मुनाफे और राजस्व दोनों में बढ़ोतरी दर्ज की. कंपनी का नेट प्रॉफिट करीब 4.2 फीसदी बढ़ा है. वहीं IT कंपनियों की Deal Pipeline भी मजबूत बनी हुई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक हालिया कॉन्ट्रैक्ट रिन्यूअल में AI की वजह से कीमतों पर दबाव के संकेत नहीं मिले हैं.
अब क्यों चर्चा में RSI
- इन IT शेयरों का RSI यानी Relative Strength Index बेहद नीचे पहुंच गया है.
- RSI एक टेक्निकल इंडिकेटर होता है, जो बताता है कि कोई शेयर ज्यादा बिक चुका है या नहीं.
- अगर RSI 30 से नीचे चला जाए, तो इसे Oversold माना जाता है.
- इस समय TCS, Infosys और HCL Tech तीनों का Weekly RSI 30 से नीचे है.
पहले भी बने थे ऐसे मौके
इतिहास देखें तो 2008 की आर्थिक मंदी और 2020 के कोविड क्रैश के दौरान भी इन IT शेयरों का RSI इसी तरह नीचे गया था. उसके बाद आने वाले सालों में इन शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली थी. विशेषज्ञों का कहना है कि Oversold स्थिति हमेशा तुरंत तेजी की गारंटी नहीं देती, लेकिन यह जरूर दिखाती है कि शेयरों में डर जरूरत से ज्यादा बढ़ गया है.
निवेशकों को क्या करना चाहिए
अभी IT सेक्टर में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, क्योंकि अमेरिका की ब्याज दरें, AI बदलाव और वैश्विक टेक खर्च जैसे कई बड़े फैक्टर अभी भी अनिश्चित हैं. लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर आकर्षक माने जा रहे हैं.
कम वैल्यूएशन, मजबूत कंपनियां और लंबी अवधि की ग्रोथ संभावना को देखते हुए कई विशेषज्ञ इसे “Contrarian Opportunity” मान रहे हैं. यानी जब बाजार डर में हो, तब धैर्य रखने वाले निवेशकों को भविष्य में बड़ा फायदा मिल सकता है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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