2032 तक डेटा सेंटरों को 13.56 GW बिजली की जरूरत, ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली इन 3 कंपनियों पर रखें नजर; 3064% तक रिटर्न

देश में AI और डिजिटल सेवाओं की तेजी से बढ़ती मांग के कारण डेटा सेंटरों का विस्तार हो रहा है, जिससे बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. अनुमान है कि 2031-32 तक डेटा सेंटरों की बिजली मांग 13.56 गीगावॉट तक पहुंच सकती है. ऐसे में ट्रांसफॉर्मर और इलेक्ट्रिकल कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के कारोबार में बड़ा अवसर दिखाई दे रहा है.

Transformers Stocks Image Credit: @AI/Money9live

Transformers Stocks: देश में AI और डिजिटल सर्विस की मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है. AI के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर भी तेजी से विकसित हो रहे हैं. साथ ही इन डेटा सेंटरों में बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ने का अनुमान है. इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में बताया कि 2031-32 तक डेटा सेंटरों की बिजली मांग 13.56 गीगावॉट तक पहुंच सकती है. बीते पांच वर्षों में यह मांग 375 मेगावॉट से बढ़कर 1500 मेगावॉट तक पहुंच चुकी है.

तेजी से बढ़ती बिजली खपत के कारण न केवल बिजली उत्पादन करने वाली कंपनियों का कारोबार बढ़ेगा, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनियों के व्यापार में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स में ट्रांसफार्मर एक बेहद महत्वपूर्ण उपकरण है. AC (Alternating Current) की वोल्टेज को बढ़ाने या घटाने के लिए ट्रांसफार्मर का उपयोग किया जाता है. इसलिए इस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के शेयरों में आने वाले वर्षों में हलचल देखने को मिल सकती है. इस रिपोर्ट में ऐसी ही कुछ कंपनियों के बारे में बताया गया है.

Indo Tech Transformers

इंडो टेक ट्रांसफॉर्मर्स लिमिटेड की शुरुआत 1992 में हुई थी. यह कंपनी बिजली और ट्रांसफार्मर का निर्माण करती है, जिनका उपयोग बिजली कंपनियों और विभिन्न उद्योगों में किया जाता है. बिजली की मांग बढ़ने से इसके शेयरों में तेजी आने की संभावना है.

स्मॉल कैप सेक्टर की इस कंपनी का मार्केट कैप लगभग 1,400 करोड़ रुपये है. कंपनी पर कर्ज लगभग न के बराबर है, क्योंकि इसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो लगभग 0.04 है. शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद इसके शेयर का भाव 1,318.80 रुपये था. शॉर्ट टर्म में इसके शेयरों में गिरावट देखी गई है, लेकिन मिड से लॉन्ग टर्म में इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. बीते तीन वर्षों में इस शेयर में 663 फीसदी और पांच वर्षों में 1200 फीसदी से अधिक की तेजी आई है. यानी पांच साल पहले लगाया गया एक लाख रुपये का निवेश आज करीब 12 लाख रुपये के बराबर हो गया है.

PITTI ENGINEERING

यह कंपनी ट्रांसफॉर्मर और रोटेटिंग इलेक्ट्रिकल मशीनरी निर्माताओं के लिए जरूरी इलेक्ट्रिकल लैमिनेशन, स्टेटर फ्रेम्स और रोटर असेंबली बनाती है. 2891 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली इस कंपनी के शेयर का भाव लगभग 770 रुपये है. इसका डेट-टू-इक्विटी रेश्यो 0.83 है. बीते पांच वर्षों में इसके शेयर में 959 फीसदी से अधिक की तेजी आई है.

Transformers & Rectifiers (India)

ट्रांसफॉर्मर्स एंड रेक्टिफायर्स (इंडिया) को इस सेक्टर में लगभग तीन दशकों का अनुभव है. कंपनी ट्रांसफॉर्मर निर्माण के लिए जानी जाती है. शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद इसके शेयर में 5 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव 276 रुपये के स्तर पर पहुंच गया. हालांकि, लॉन्ग टर्म में इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. बीते पांच वर्षों में इसके शेयरों में 3064 फीसदी से अधिक की तेजी आई है. निवेशकों के लिए सकारात्मक बात यह है कि कंपनी पर कर्ज लगभग न के बराबर है.

इन कंपनियों पर भी रख सकते हैं नजर

ट्रांसफॉर्मर सेक्टर की कंपनियों Shilchar Technologies और Voltamp Transformers पर भी नजर रखी जा सकती है. इन दोनों कंपनियों पर कर्ज शून्य है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.