मिडिल ईस्ट टेंशन ने बिगाड़ा Kalyan Jewellers समेत इन 3 स्टॉक्स का खेल, शेयर लुढ़के, क्या आगे भी रहेगा दबाव
मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनैतिक तनाव का असर उन भारतीय कंपनियों पर साफ दिख रहा है जिनका बड़ा कारोबार खाड़ी देशों से जुड़ा है. ज्वेलरी, इंफ्रास्ट्रक्चर और पावर सेक्टर की दिग्गज कंपनियां वहां बड़े प्रोजेक्ट्स और रिटेल नेटवर्क के जरिए मजबूत मौजूदगी रखती हैं, लेकिन क्षेत्र में अनिश्चितता बढ़ने से निवेशकों की चिंता भी बढ़ गई है. एयरस्पेस बंद होने, सप्लाई चेन में बाधा और प्रोजेक्ट टाइमलाइन पर असर की आशंका ने इन शेयरों पर दबाव बना दिया है. अगर हालात लंबे समय तक तनावपूर्ण बने रहते हैं तो इन कंपनियों के ऑर्डर फ्लो, ऑपरेशंस और भावनात्मक सेंटीमेंट पर असर जारी रह सकता है. तो कौन-से हैं वो शेयर यहां करें चेक.
Middle East Impact on these stocks: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों पर साफ दिखने लगा है. भारतीय शेयर बाजार भी इससे अछूते नहीं रहे. सोमवार, 2 मार्च को सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में खुले. शनिवार सुबह इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने बहरीन, यूएई और कुवैत में अमेरिकी नौसैनिक ठिकानों को निशाना बनाया. कई देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिया, यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई. इस तनाव का सीधा असर उन भारतीय कंपनियों पर पड़ सकता है जिनकी कमाई का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है. ये कंपनियां इंफ्रास्ट्रक्चर, ज्वेलरी, पावर और बड़े प्रोजेक्ट्स के जरिए खाड़ी देशों में मजबूत पकड़ रखती हैं. तो कौन-सी हैं वो कंपनियां जो इस टेंशन की मार झेल रही हैं और आगे भी इनके शेयरों में दबाव देखने को मिल सकता है.
Kalyan Jewellers India Ltd
भारत की प्रमुख ज्वेलरी रिटेल चेन कल्याण ज्वेलर्स की खाड़ी देशों में मजबूत मौजूदगी है. कंपनी के कुल कारोबार का अहम हिस्सा मिडिल ईस्ट से आता है और वहां कंपनी के 36 से ज्यादा स्टोर संचालित हैं और यह क्षेत्र इसके कंसोलिडेटेड टॉपलाइन में लगभग 12 प्रतिशत का योगदान देता है. कंपनी आगे भी यहां विस्तार की योजना बना रही है. ऐसे में क्षेत्र में बढ़ता तनाव इसके रिटेल ऑपरेशंस और ग्राहक ट्रैफिक को प्रभावित कर सकता है.
शेयर में आई गिरावट
मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते Kalyan Jewellers के शेयरों में में भी कमजोरी देखी गई. 2 मार्च को इसमें 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई, नतीजतन ये 401.75 रुपये पर बंद हुए.
Larsen & Toubro Ltd (L&T)
लार्सन एंड टुब्रो यानी L&T भारत की प्रमुख मल्टीनेशनल इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी है. आठ दशक से अधिक के अनुभव के साथ यह इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइड्रोकार्बन, पावर, प्रोसेस इंडस्ट्री और डिफेंस जैसे अहम क्षेत्रों में नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही है. एलएंडटी का अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर बुक का बड़ा हिस्सा मिडिल ईस्ट से जुड़ा है. सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों में कंपनी कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है.
L&T का अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर बुक काफी मजबूत है, जिसमें लगभग 49 प्रतिशत हिस्सा विदेशी प्रोजेक्ट्स से आता है. इस अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर बुक का 80 प्रतिशत से अधिक सऊदी अरब, यूएई और व्यापक मिडिल ईस्ट क्षेत्र में फोकस है. हाल ही में कंपनी ने मिडिल ईस्ट और भारत में लगभग 10,000 करोड़ रुपये तक के नए कॉन्ट्रैक्ट भी हासिल किए हैं. यदि क्षेत्रीय तनाव बढ़ता है तो प्रोजेक्ट टाइमलाइन, लॉजिस्टिक्स और भुगतान चक्र प्रभावित हो सकते हैं.
शेयर पर असर
तनाव बढ़ने से Larsen & Toubroके शेयरों में तेज गिरावट आई, क्योंकि निवेशकों को प्रोजेक्ट्स की रफ्तार और भुगतान पर असर की आशंका है. 2 मार्च को इसके शेयर 7 प्रतिशत से ज्यादा गिर गए. जिसके चलते ये 3,975 रुपये पर पहुंच गए.
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KEC International Ltd
KEC इंटरनेशनल आरपीजी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है और यह पावर ट्रांसमिशन व इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में वैश्विक स्तर पर सक्रिय है. मुंबई मुख्यालय वाली यह कंपनी दुनिया की बड़ी पावर ट्रांसमिशन टावर निर्माताओं में गिनी जाती है और भारत, दुबई, ब्राजील व मैक्सिको में इसकी मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं हैं.
कंपनी की सऊदी अरब और यूएई में मजबूत मौजूदगी है. हाल ही में इसे सऊदी अरब में 380 केवी ट्रांसमिशन लाइन और जीआईएस सबस्टेशन से जुड़े बड़े ऑर्डर मिले हैं. प्रबंधन ने हाल की तिमाही कॉल में बताया था कि कंपनी मिडिल ईस्ट में कई प्रोजेक्ट्स के लिए सबसे कम बोलीदाता बनकर उभरी है और आगामी तिमाही में इन ऑर्डर्स के मिलने की उम्मीद है. ऐसे में क्षेत्रीय अस्थिरता से नए ऑर्डर्स और प्रोजेक्ट एक्जीक्यूशन पर असर पड़ सकता है.
शेयर लुढ़के
KEC International के शेयर भी इस भू-राजनैतिक तनाव की भेंट चढ़ गए. इसके शेयर सोमवार को करीब 4 फीसदी गिरकर 550 रुपये पर पहुंच गए. ऐसे हालात जारी रहने पर शेयर में और दबाव पड़ने की आशंका है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
