न घर बेचती, न जमीन खरीदती; फिर भी रियल एस्टेट बूम से कमाई कर रही यह कंपनी, मुकुल अग्रवाल ने लगाया 126 करोड़ का दांव
दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल ने Capacit'e Infraprojects में 6.62 फीसदी हिस्सेदारी ले रखी है. यह कंपनी Lodha, Godrej, DLF, Raymond और कई सरकारी एजेंसियों के लिए कंस्ट्रक्शन का काम करती है. 31 मार्च 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक 13,498 करोड़ रुपये रहा.

Mukul Agrawal Portfolio: देश के रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी की चर्चा आमतौर पर घर बेचने वाली कंपनियों के इर्द गिर्द होती है. लेकिन इस सेक्टर में कुछ ऐसी कंपनियां भी हैं जो खुद न जमीन खरीदती हैं, न फ्लैट बेचती हैं, फिर भी रियल एस्टेट बूम से फायदा कमाती हैं. ऐसी ही एक कंपनी है Capacit’e Infraprojects, जिसमें दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल की 6.62 फीसदी हिस्सेदारी है. मौजूदा कीमतों के हिसाब से उनकी हिस्सेदारी का वैल्यू करीब 126 करोड़ रुपये है.
बिल्डर के लिए काम करने वाली कंपनी
Capacit’e Infraprojects एक EPC कंपनी है जो रिहायशी, कमर्शियल और मिक्स्ड यूज प्रोजेक्ट्स का कंस्ट्रक्शन करती है. कंपनी हाई राइज और सुपर हाई राइज इमारतों, मॉल, होटल, हॉस्पिटल, डाटा सेंटर, मेट्रो स्टेशन और टाउनशिप जैसे प्रोजेक्ट्स पर काम करती है. आसान शब्दों में कहें तो यह घर बेचने वाली कंपनी नहीं, बल्कि उन टावरों और इमारतों को बनाने वाली कंपनी है जिन्हें बाद में डेवलपर्स ग्राहकों को बेचते हैं.
Lodha, Godrej, DLF जैसे दिग्गज हैं ग्राहक
कंपनी का क्लाइंट बेस इसकी सबसे बड़ी ताकत माना जाता है. Capacit’e के ग्राहकों में Lodha, Godrej Properties, Oberoi Realty, Raymond, Signature Global, DLF, Prestige Group, Phoenix Mills, Brookfield और Piramal Realty जैसे नाम शामिल हैं. कंपनी कई प्रीमियम प्रोजेक्ट्स का कंस्ट्रक्शन कर चुकी है.
₹13498 करोड़ का ऑर्डर बुक
31 मार्च 2026 तक कंपनी का ऑर्डर बुक 13,498 करोड़ रुपये पर पहुंच गया था. इसमें 57 फीसदी हिस्सेदारी सरकारी प्रोजेक्ट की है जबकि 43 फीसदी प्राइवेट सेक्टर से आती है. प्रोजेक्ट्स के हिसाब से 62 फीसदी ऑर्डर रिहायशी प्रोजेक्ट, 29 फीसदी मिक्स्ड यूज प्रोजेक्ट्स और 9 फीसदी संस्थागत प्रेजेक्ट से जुडे़ हैं. मजबूत ऑर्डर बुक आने वाले वर्षों की कमाई का संकेत माना जाता है.
FY26 में कैसा रहा कंपनी का प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की ऑपरेटिंग इनकम 12 फीसदी बढ़कर 2622.7 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले वित्त वर्ष में 2,349.5 करोड़ रुपये थी. EBITDA 13 फीसदी बढ़कर 427.2 करोड़ रुपये पहुंच गया. EBITDA मार्जिन 16.3 फीसदी रहा, जो पिछले वर्ष के 16.1 फीसदी से बेहतर है.
हालांकि कंपनी का नेट प्रॉफिट 204 करोड़ रुपये से घटकर 193 करोड़ रुपये रह गया. इसका मुख्य कारण अन्य इनकम में कमी रही. दूसरी ओर ऑपरेटिंग एक्टिविटी से प्राप्त कैश फ्लो 52 करोड़ रुपये से बढ़कर 224 करोड़ रुपये हो गया.
FY27 में 20 फीसदी ग्रोथ का लक्ष्य
कंपनी मैनेजमेंट ने अगले दो वर्षों के लिए करीब 20 फीसदी सालाना रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान जताया है. CIDCO और MHADA के प्रोजेक्ट्स को भविष्य की ग्रोथ का प्रमुख आधार माना जा रहा है. मैनेजमेंट के अनुसार FY27 में CIDCO से 500 से 600 करोड़ रुपये और MHADA से 350 से 400 करोड़ रुपये तक का रेवेन्यू आ सकता है.
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क्यों खास है मुकुल अग्रवाल का यह दांव
मुकुल अग्रवाल का निवेश केवल एक रियल एस्टेट कंपनी पर दांव नहीं है. Capacit’e के जरिए उन्हें Lodha, Godrej, DLF, Raymond और कई सरकारी प्रोजेक्ट की कंस्ट्रक्शन एक्टिविटी का इनडायरेक्ट फायदा मिल सकता है. मजबूत ऑर्डर बुक, बेहतर कैश फ्लो, हाई राइज कंस्ट्रक्शन में एक्सपर्टिज और 20 फीसदी ग्रोथ गाइडेंस को देखते हुए यह शेयर निवेशकों की नजर में बना हुआ है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.