इन 4 कंपनियों पर न के बराबर कर्ज, अब म्यूचुअल फंड्स ने भी बढ़ाई हिस्सेदारी; आपने लग रखा है दांव?
मार्च 2026 तिमाही में म्यूचुअल फंड्स ने Vishal Mega Mart, DLF, Elecon Engineering और Neuland Labs जैसे शेयरों में हिस्सेदारी बढ़ाई है. यह रुझान बताता है कि बड़े निवेशक इन कंपनियों के ग्रोथ और भविष्य को लेकर सकारात्मक नजरिया रख रहे हैं. इससे इतर, इन कंपनियों का डेट टू इक्विटी रेशियो भी काफी कम है.

Mutual Fund Stake Increase Debt to Equity: मार्च 2026 तिमाही में म्यूचुअल फंड्स की निवेश रणनीति ने बाजार को एक साफ संकेत दिया है कि बड़े निवेशक अब चुनिंदा कंपनियों में भरोसा बढ़ा रहे हैं. जब संस्थागत निवेशक, खासकर म्यूचुअल फंड्स, किसी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाते हैं, तो इसे आमतौर पर उस कंपनी के भविष्य को लेकर मजबूत विश्वास के तौर पर देखा जाता है. इस तिमाही में कुछ कंपनियों में ऐसी ही स्पष्ट खरीदारी देखने को मिली, जो बताती है कि फंड मैनेजर्स लंबी अवधि के अवसरों पर दांव लगा रहे हैं और संतुलित तरीके से पोर्टफोलियो बना रहे हैं.
Vishal Mega Mart Ltd
विशाल मेगा मार्ट एक वैल्यू रिटेल चेन है, जो खासतौर पर मिडिल और कम आय वर्ग के ग्राहकों को ध्यान में रखकर सस्ते कपड़े, किराना और रोजमर्रा की जरूरत का सामान उपलब्ध कराती है. छोटे शहरों और कस्बों में इसकी मजबूत पकड़ है, जिससे यह बड़े उपभोक्ता आधार तक पहुंच बना चुकी है.
कितनी बढ़ी हिस्सेदारी?
मार्च 2026 तिमाही में कंपनी में म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 23.92 फीसदी से बढ़कर 28.89 फीसदी हो गई. साथ ही, इसमें निवेश करने वाली स्कीम्स की संख्या 32 से बढ़कर 33 हो गई. यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि संस्थागत निवेशकों को कंपनी के ग्रोथ मॉडल और उसके स्थिर बिजनेस पर भरोसा बढ़ रहा है.
स्टॉक और डेट रेशियो?
शुक्रवार, 17 अप्रैल को कंपनी के शेयर 1.19 फीसदी की तेजी के साथ 118.95 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ. विशाल मेगा मार्ट का डेट टू रेशियो 0.27 है. कंपनी का मार्केट कैप 55,565 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
DLF Ltd
DLF देश की प्रमुख रियल एस्टेट कंपनियों में शामिल है, जो रेजिडेंशियल, कमर्शियल और रिटेल प्रोजेक्ट्स में सक्रिय है. खासतौर पर गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में इसकी मजबूत मौजूदगी है. ऑफिस स्पेस और प्रीमियम हाउसिंग सेगमेंट में कंपनी लगातार विस्तार कर रही है.
कितनी बढ़ी हिस्सेदारी?
इस कंपनी में भी म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 4.12 फीसदी से बढ़कर 5.15 फीसदी हो गई है. निवेश करने वाली स्कीम्स की संख्या 39 से बढ़कर 42 हो गई. यह संकेत देता है कि रियल एस्टेट सेक्टर में मांग बढ़ने की उम्मीद के बीच निवेशक DLF के भविष्य को लेकर सकारात्मक नजरिया रख रहे हैं.
स्टॉक और डेट रेशियो
पिछले कारोबारी दिवस स्टॉक 2.04 फीसदी की तेजी के साथ 601.75 रुपये पर बंद हुआ. डीएलएफ का डेट टू इक्विटी रेशियो 0.04 है. कंपनी का मार्केट कैप 1,48,964 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
Elecon Engineering Company Ltd
एलेकॉन इंजीनियरिंग औद्योगिक गियर और मटेरियल हैंडलिंग इक्विपमेंट बनाने वाली एक जानी-मानी कंपनी है. यह पावर, सीमेंट और स्टील जैसे बड़े सेक्टर्स को सेवाएं देती है और अपनी तकनीकी विशेषज्ञता के लिए जानी जाती है.
कितनी बढ़ी हिस्सेदारी?
इस कंपनी में भी संस्थागत निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है. म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 2.45 फीसदी से बढ़कर 3.47 फीसदी हो गई, जबकि स्कीम्स की संख्या 19 से बढ़कर 20 हो गई. यह इशारा करता है कि इंडस्ट्रियल सेक्टर में स्थिर मांग और कंपनी की मजबूत पोजिशनिंग निवेशकों को आकर्षित कर रही है.
स्टॉक और डेट रेशियो
शुक्रवार, 17 अप्रैल को कंपनी के शेयर 1.60 फीसदी की तेजी के साथ 412.75 रुपये पर बंद हुआ. कंपनी का डेट टू इक्विटी रेशियो 0.12 है. कंपनी का मार्केट कैप 9,263 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
Neuland Laboratories Ltd
न्यूलैंड लैबोरेट्रीज एक फार्मा कंपनी है, जो API (Active Pharmaceutical Ingredients) और कस्टम मैन्युफैक्चरिंग में विशेषज्ञता रखती है. यह वैश्विक स्तर पर काम करती है और जटिल दवाओं के निर्माण में अपनी पहचान बना चुकी है.
कितनी बढ़ी हिस्सेदारी?
इस कंपनी में म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 10.39 फीसदी से बढ़कर 11.35 फीसदी हो गई, जबकि स्कीम्स की संख्या 30 से बढ़कर 31 हो गई. यह लगातार बढ़ती हिस्सेदारी दर्शाती है कि निवेशकों को कंपनी की रिसर्च कैपेसिटी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में उसके अवसरों पर भरोसा है.
स्टॉक और डेट रेशियो का हाल?
स्टॉक 1.97 फीसदी की तेजी के साथ 15,295 रुपये पर ट्रेड करते हुए बंद हुआ. कंपनी का डेट टू इक्विटी रेशियो 0.16 है. कंपनी का मार्केट कैप 19,632 करोड़ रुपये दर्ज किया गया.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.