रडार पर रखें ट्रांसमिशन सेक्टर के ये 3 स्टॉक, ₹1.70 लाख करोड़ तक पहुंचा ऑर्डर बुक
भारत में बिजली की बढ़ती मांग, नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार और ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में तेज निवेश से पावर ट्रांसमिशन कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं. मजबूत ऑर्डर बुक के कारण इन कंपनियों को आने वाले वर्षों में बेहतर रेवेन्यू और डेवलपमेंट की उम्मीद है.
Power Transmission Sector Stocks : भारत में बिजली की बढ़ती मांग, ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट का विस्तार और बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पावर ट्रांसमिशन सेक्टर के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं. इसी वजह से इस क्षेत्र की कंपनियों को लगातार नए ऑर्डर मिल रहे हैं और उनकी ऑर्डर बुक मजबूत होती जा रही है. मजबूत ऑर्डर बुक कंपनियों को आने वाले वर्षों के लिए बेहतर रेवेन्यू और विकास की स्पष्टता प्रदान करती है. इस रिपोर्ट में पावर ट्रांसमिशन सेक्टर की उन तीन कंपनियों के बारे में बताया गया है, जो अपने दमदार ऑर्डर बुक के दम पर निवेशकों की पसंद बनते जा रहे हैं.
KEC International
KEC इंटरनेशनल लिमिटेड आरपीजी ग्रुप की प्रमुख इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कंपनी है. कंपनी पावर ट्रांसमिशन, रेलवे, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑयल एवं गैस पाइपलाइन और केबल्स जैसे कई क्षेत्रों में काम करती है.
कंपनी का मौजूदा ऑर्डर बुक और L1 पोजीशन मिलाकर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक है. यह आंकड़ा कंपनी के भविष्य के कारोबार और परियोजनाओं की मजबूत स्थिति को दर्शाता है.
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 21,918 करोड़ रुपये के आधार पर कंपनी का ऑर्डर बुक-टू-रेवेन्यू रेश्यो 1.8 गुना है. इससे साफ संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में कंपनी के पास पर्याप्त काम मौजूद है, जो उसके रेवेन्यू को सपोर्ट दे सकता है. 13,258 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली यह कंपनी बाजार में 498 रुपये के आसपास कारोबार कर रही है.
Adani Energy Solutions Ltd
अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड, जो पहले अडानी ट्रांसमिशन के नाम से जानी जाती थी, देश की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर की पावर ट्रांसमिशन कंपनियों में शामिल है. कंपनी ट्रांसमिशन नेटवर्क के डेवलपमेंट, ऑपरेशन और रखरखाव के साथ-साथ स्मार्ट मीटरिंग और पावर डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार में भी सक्रिय है.
कंपनी की अंडर-कंस्ट्रक्शन (UC) ऑर्डर बुक वित्त वर्ष 2026 में बढ़कर 71,779 करोड़ रुपये हो गई है, जो पिछले वित्त वर्ष के 59,936 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी अधिक है. यह बढ़ोतरी कंपनी की मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन को दर्शाती है.
बीते वर्ष कंपनी ने खावड़ा फेज-II पार्ट-A HVDC, मुंबई HVDC और अन्य महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन परियोजनाओं सहित कुल पांच बड़े प्रोजेक्ट चालू किए. इससे कंपनी का ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत हुआ है और आने वाले वक्त में कंपनी के रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है. 1,79,279 करोड़ रुपये के मार्केट कैप वाली यह कंपनी 1,492 रुपये पर कारोबार कर रही है.
Power Grid Corporation of India Ltd
पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड देश की सबसे बड़ी सरकारी बिजली ट्रांसमिशन कंपनी है. यह भारत के अधिकांश अंतरराज्यीय बिजली ट्रांसमिशन नेटवर्क का संचालन करती है और देशभर में बिजली की सप्लाई करने में अहम भूमिका निभाती है.
31 मार्च 2026 तक कंपनी के पास लगभग 1.70 लाख करोड़ रुपये के ऑर्डर बुक हैं. इसमें 47,980 करोड़ रुपये की कैपिटल वर्क-इन-प्रोग्रेस (CWIP) भी शामिल है.
2,56,207 करोड़ रुपये के मार्केट वाली यह कंपनी 283 रुपये पर कारोबार कर रही है. मजबूत ऑर्डर बुक इस बात का संकेत देता है कि अनिश्चितता के दौर में भी कंपनी के पास संभलने का मौका होगा.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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