Nifty Outlook 13 April: वीकली चार्ट पर मजबूत बुलिश कैंडल, अब आगे क्या हो रणनीति, जानें एक्सपर्ट की राय?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार का ट्रेंड फिलहाल पॉजिटिव बना हुआ है, लेकिन हालिया तेज रैली के बाद थोड़ी मुनाफावसूली या कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है. ऐसे में निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी यानी buy on dips की रणनीति अपनानी चाहिए.

10 अप्रैल को भारतीय शेयर बाजार मजबूत बढ़त के साथ बंद हुआ. सेंसेक्स 918.60 अंक यानी 1.20 प्रतिशत चढ़कर 77,550.25 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 275.50 अंक यानी 1.16 प्रतिशत बढ़कर 24,050.60 के स्तर पर बंद हुआ. बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी करीब 1.5 प्रतिशत चढ़े, जिससे ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूती दिखी. सेक्टोरल फ्रंट पर ऑटो, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, पावर, FMCG, PSU बैंक, मेटल और प्राइवेट बैंक जैसे सेक्टर्स में 1 से 2 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली. अब सवाल ये है कि ऐसे बाजार में सोमवार को क्या रणनीति रखें?
वीकली चार्ट पर मजबूत बुलिश कैंडल
Bajaj Broking के अनुसार, निफ्टी ने वीकली चार्ट पर मजबूत बुलिश कैंडल बनाई है और पिछले 8 हफ्तों में पहली बार हाईयर हाई और हाईयर लो बनाया है, जो ट्रेंड में सुधार का संकेत है. इंडेक्स ने 23,465 के पिछले हाई को पार कर मजबूती दिखाई है, लेकिन सिर्फ 6 ट्रेडिंग सेशंस में करीब 1800 अंक की तेजी के बाद अब 23,400 से 24,100 के बीच कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है. अगर निफ्टी 24,100 के ऊपर टिकता है तो आने वाले समय में 24,300 और 24,700 तक की तेजी संभव है, जबकि नीचे की ओर 23,450 से 23,100 का जोन मजबूत सपोर्ट बना रहेगा.
24,200 से 24,250 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस
SBI Securities के टेक्निकल और डेरिवेटिव रिसर्च हेड सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,200 से 24,250 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम करेगा. अगर इंडेक्स इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकता है तो शॉर्ट टर्म में 24,400 और 24,600 तक की तेजी देखने को मिल सकती है. वहीं अगर बाजार में गिरावट आती है तो 23,850 से 23,800 का जोन मजबूत सपोर्ट के रूप में काम करेगा.
सोमवार के लिए क्या रखें रणनीति
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार का ट्रेंड फिलहाल पॉजिटिव बना हुआ है, लेकिन हालिया तेज रैली के बाद थोड़ी मुनाफावसूली या कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है. ऐसे में निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी यानी buy on dips की रणनीति अपनानी चाहिए. साथ ही 24,100 के ऊपर ब्रेकआउट पर नई खरीदारी की जा सकती है, जबकि 23,800 के नीचे जाने पर अलर्ट रहना जरूरी है.
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