Nifty Outlook 4 May: 24,300 पर अटका निफ्टी, चुनाव नतीजों के बीच क्या होगी बाजार की दिशा? जानें एक्सपर्ट्स प्लान
सोमवार को शेयर बाजार में चुनाव नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की चाल का बड़ा असर देखने को मिल सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, निफ्टी के अहम लेवल और मैक्रो संकेतकों के बीच बाजार में उतार-चढ़ाव तेज रह सकता है.

Nifty Outlook 4 May: भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार (4 मई) का दिन बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है. पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी के विधानसभा चुनावों के नतीजे आने शुरू होंगे, जिससे बाजार में ‘पॉलिटिकल हीट’ बढ़ने की पूरी संभावना है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को सिर्फ चुनावी रुझानों में बहने के बजाय कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी फंड्स की चाल और टेक्निकल लेवल्स पर अधिक ध्यान देना चाहिए.
चुनावी नतीजों और एक्सपर्ट्स की राय
विधानसभा चुनावों के नतीजे शुरुआती रुझानों के साथ ही बाजार में हलचल पैदा करेंगे. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि चुनावी नतीजों का असर 1-2 दिन तक बना रह सकता है.
हरिप्रसाद के (संस्थापक, लाइवलांग वेल्थ) के अनुसार,सोमवार को मार्केट ट्रिगर राज्यों के चुनाव परिणाम होंगे. बाजार यह देखेगा कि क्या केंद्र की सत्ताधारी पार्टी पश्चिम बंगाल में सेंध लगा पाती है या तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में अपनी पैठ बना पाती है. हालांकि, वे कच्चे तेल (Brent Crude) को सबसे महत्वपूर्ण मैक्रो वेरिएबल मानते हैं, जिसका सीधा असर रुपए और कॉर्पोरेट मार्जिन पर पड़ता है.
संतोष मीणा (रिसर्च हेड, स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड) का कहना है कि सोमवार को बाजार शुरुआती तौर पर चुनाव नतीजों, विशेषकर पश्चिम बंगाल के परिणामों पर प्रतिक्रिया देगा. इसके अलावा, $120 प्रति बैरल के पास पहुंचे कच्चे तेल की कीमतों में अगर उछाल आता है, तो भारतीय बाजार पर फिर से दबाव बन सकता है.
अजीत मिश्रा (एसवीपी, रेलिगेयर ब्रोकिंग)का मानना है कि चुनावी नतीजों के साथ-साथ निवेशकों की नजर इस हफ्ते आने वाले आर्थिक आंकड़ों जैसे मैन्युफैक्चरिंग PMI (4 मई) और सर्विस PMI (6 मई) पर भी रहेगी.
गुरुवार (30 अप्रैल) के बाजार का हाल
बीते कारोबारी सत्र यानी गुरुवार को बाजार में भारी अस्थिरता देखी गई. निफ्टी ने शुरुआती तेजी दिखाई लेकिन ऊपरी स्तरों पर टिक नहीं पाया.
- निफ्टी (Nifty): गुरुवार को निफ्टी 181 अंक की बढ़त के साथ 24,177.65 के स्तर पर बंद हुआ. इंट्राडे के दौरान इसने 24,337 का उच्च स्तर छुआ था, लेकिन मुनाफावसूली के कारण यह करीब 192 अंक नीचे फिसलकर बंद हुआ.
- सेंसेक्स (Sensex): हफ्ते के दौरान सेंसेक्स में उतार-चढ़ाव बना रहा. पिछले कारोबारी सत्रों में यह 250 अंकों के करीब चढ़कर बंद हुआ था.
- दिग्गज शेयर: ITC, टेक महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बाजार को सहारा दिया, जबकि इंडिगो, डॉ. रेड्डीज और NTPC में बिकवाली देखी गई.
- रुपया: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और डॉलर की मजबूती के कारण रुपया 30 पैसे गिरकर रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ.
इस हफ्ते बाजार के लिए 5 मुख्य चुनौतियां
सिर्फ चुनाव ही नहीं, बाजार के पास इस हफ्ते रिएक्ट करने के लिए कई बड़े कारण हैं:
- कच्चा तेल और पश्चिम एशिया संकट: ईरान-अमेरिका के बीच तनाव और ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की स्थिति तेल की कीमतों को अस्थिर रख सकती है.
- Q4 अर्निंग्स: इस हफ्ते अंबुजा सीमेंट, भेल (BHEL), हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज ऑटो जैसी दिग्गज कंपनियों के नतीजे आने हैं.
- विदेशी निवेशकों (FIIs) की चाल: विदेशी फंड्स की लगातार बिकवाली ने सेंटीमेंट को कमजोर किया है.
- टेक्निकल लेवल: सैमको सिक्योरिटीज के धुपेश धामेजा के अनुसार, निफ्टी के लिए 24,200-24,300 का जोन मजबूत रेजिस्टेंस (रुकावट) बना हुआ है. जब तक बाजार इसके ऊपर नहीं टिकता, तेजी मुश्किल है. नीचे की तरफ 24,000-23,950 का स्तर तत्काल सपोर्ट का काम करेगा.
- मैक्रो डेटा: अगले कुछ दिनों में आने वाले मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर के आंकड़े अर्थव्यवस्था की रफ्तार बताएंगे.
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सोमवार को ट्रेडर्स को ‘बाय ऑन डिप्स’ (गिरावट पर खरीदारी) या ‘सेल ऑन राइज’ (बढ़त पर बिकवाली) की रणनीति के बीच बहुत सतर्क रहना होगा, क्योंकि चुनावी नतीजों के शोर के बीच असली खेल क्रूड और डॉलर की चाल तय करेगी.
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