Nifty Outlook May 13: लोअर हाई और लो आखिर किस बात का दे रहे संकेत, क्या फिर आएगी भारी बिकवाली?
Nifty Outlook May 13: निवेशकों से यह उम्मीद की जाती है कि वे कच्चे तेल की चाल, रुपए की दिशा, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और आने वाले मैक्रोइकोनॉमिक डेटा पर बारीकी से नजर रखेंगे, क्योंकि इन्हीं से निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय होने की संभावना है.

Nifty Outlook May 13: मंगलवार को भारतीय इक्विटी बाजारों में भारी गिरावट देखने को मिली. IT, वित्तीय और उपभोक्ता शेयरों में सबसे अधिक गिरावट देखने को मिली, जबकि तेल और गैस शेयरों में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली. F&O एक्सपायरी से जुड़ी पोजीशनिंग के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव भी काफी ज्यादा रहा. आगे चलकर, निवेशकों से यह उम्मीद की जाती है कि वे कच्चे तेल की चाल, रुपए की दिशा, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और आने वाले मैक्रोइकोनॉमिक डेटा पर बारीकी से नजर रखेंगे, क्योंकि इन्हीं से निकट भविष्य में बाजार की दिशा तय होने की संभावना है. आइए एक्सपर्ट्स से जानते हैं कि बुधवार को निफ्टी की चाल कैसी रहेगी?
बिकवाली का असर
HDFC सिक्योरिटीज के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट, नंदिश शाह ने कहा कि Nifty में तेज और बड़े पैमाने पर बिकवाली देखने को मिली. लगातार चौथे सत्र में गिरावट दर्ज करते हुए यह 436 अंक नीचे 23,379 पर बंद हुआ, जो मौजूदा वित्त वर्ष में इसकी एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है. इंडेक्स कमजोर शुरुआत के साथ 93 अंकों के ‘गैप-डाउन’ पर खुला और पूरे सत्र के दौरान लगातार बिकवाली के दबाव में रहा. Nifty ने अब अपने हालिया उच्च स्तर (Swing High) 24,482 से महज़ चार दिनों में 1,100 से ज्यादा अंक गंवा दिए हैं, जो बाजार में मंदी की जबरदस्त रफ्तार को दिखाता है. NSE कैश मार्केट का टर्नओवर पिछले सत्र के मुकाबले 4% बढ़ा.
बाजार में चारों ओर छाई लालिमा (गिरावट) के बीच, ONGC, Hindalco और SBI सबसे अधिक बढ़त बनाने वाले शेयरों के तौर पर उभरे. दूसरी ओर, Adani Ports, Shriram Finance और Tech Mahindra में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली.
बिकवाली का असर पूरे बाजार पर दिखा, और सभी सेक्टोरल इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए. Realty, IT और Consumer Durables सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले सेक्टर रहे.
प्रॉफिट बुकिंग
उन्होंने कहा कि व्यापक बाजार (Broader Markets) में भी वैसी ही कमजोरी देखने को मिली और सभी सेगमेंट में तेज गिरावट दर्ज की गई. Nifty Midcap 100 में 2.54% की गिरावट आई, जबकि Nifty Smallcap 100 में 3.17% की भारी गिरावट दर्ज की गई. बाजार की स्थिति (Market breadth) में काफी गिरावट आई, जैसा कि BSE के ‘एडवांस-डिक्लाइन रेशियो’ (बढ़ने-गिरने वाले शेयरों का अनुपात) 0.25 से पता चलता है. यह दर्शाता है कि हालिया तेजी के बाद व्यापक बाजार में लगातार ‘प्रॉफिट बुकिंग’ (मुनाफा वसूली) जारी है.
रुपये में लगातार गिरावट
भारतीय रुपया लगातार तीसरे दिन कमजोर हुआ और एशियाई बाजारों में आम कमजोरी के बीच यह 95.74 के अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. इस गिरावट का मुख्य कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और राजकोषीय घाटे पर उनके बुरे असर को लेकर बनी चिंताएं हैं. बढ़ते जोखिम से बचने की प्रवृत्ति (risk aversion) और विदेशी पूंजी के लगातार बाहर जाने जैसे फैक्टर्स के साथ मिलकर, इन वजहों ने रुपये को इस साल अब तक एशियाई मुद्राओं में सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बना दिया है. टेक्निकल रूप से, Nifty अब अपने 10, 20, 50, 100 और 200 DEMA से नीचे है, जो कई टाइम फ्रेम में एक व्यापक गिरावट के रुझान का संकेत देता है. 23,800 का पिछला सपोर्ट लेवल अब किसी भी पुलबैक पर रेजिस्टेंस के तौर पर काम करने की उम्मीद है. नीचे की तरफ, इमिडिएट सपोर्ट 23,100 के पास है, जो 22,182 से 24,601 तक की पिछली बढ़त के 61.8% Fibonacci Retracement से मेल खाता है.
सभी सेक्टर्स में कमजोरी
SAMCO Securities के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट, धूपेश धमेजा ने कहा कि Nifty इंडेक्स में जबरदस्त बिकवाली का दबाव देखा गया और यह 23,379.55 (-1.83%) पर बंद हुआ. यह बढ़ती वोलाटिलिटी और ऊंचे स्तरों पर ज़ोरदार अनवाइंडिंग के बीच सभी सेक्टर्स में व्यापक कमजोरी को दिखाता है. डेली चार्ट पर, इंडेक्स अपने 20-DEMA से निर्णायक रूप से नीचे फिसल गया और पिछले चार हफ्तों के निचले स्तर को तोड़ दिया. यह शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में ब्रेकडाउन और मार्केट के मूड में सावधानी की ओर बदलाव का संकेत है.
इंडेक्स अभी एक अधूरे गैप जोन में ट्रेड कर रहा है, जहां 23,150 इसकी निचली सीमा है और मौजूदा स्ट्रक्चर के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है. तकनीकी रूप से, 0.382 Fibonacci retracement जोन (~23,750) से नीचे का ब्रेकडाउन ऊंचे स्तरों पर बढ़ते सप्लाई दबाव की पुष्टि करता है, जबकि पिछली कंसोलिडेशन रेंज के पास बार-बार रिजेक्शन लगातार खरीदारी में दिलचस्पी की कमी को दिखाता है. डेली चार्ट पर ‘lower highs’ और ‘lower lows’ का बनना यह बताता है कि बेचने वाले धीरे-धीरे फिर से कंट्रोल हासिल कर रहे हैं, जिससे मोमेंटम नीचे की ओर झुका हुआ है.
डेली टाइमफ्रेम
डेली टाइमफ़्रेम पर RSI तेजी से गिरकर 40 के करीब आ गया है. यह कमजोर होते मोमेंटम और बढ़ते ‘Bearish’ रुझान का संकेत है. साथ ही, हालिया रिकवरी फेज के बाद मोमेंटम इंडिकेटर्स भी अपनी ताकत खोते हुए दिख रहे हैं. इस बीच, India VIX बढ़कर 19.3 के स्तर पर पहुंच गया है. यह बढ़ी हुई अनिश्चितता और मार्केट की वोलाटिलिटी में तेज उछाल को दिखाता है, जिससे आने वाले समय में इंट्राडे उतार-चढ़ाव ऊंचे स्तर पर बने रह सकते हैं.
रेजिस्टेंस जोन
Derivatives के नजरिए से देखें तो, PCR 0.71 के करीब है, जो मार्केट में सावधानी भरे से लेकर नकारात्मक रुझान का संकेत देता है. Option डेटा से पता चलता है कि 23,800–24,000 के स्तर पर जोरदार ‘Call writing’ हुई है, जिससे तेजी के तत्काल मोमेंटम पर रोक लगी है. वहीं, 23,200–23,000 के स्तर पर हुई ‘Put writing’ सबसे नजदीकी सपोर्ट बेस का काम कर रही है. कुल मिलाकर, इंडेक्स एक वोलाटाइल ‘Corrective Phase’ में प्रवेश कर चुका है.
जब तक यह 20-DEMA और 23,800 के रेजिस्टेंस जोन से नीचे बना रहता है, तब तक ‘sell-on-rise’ (तेजी आने पर बेचने) की रणनीति फायदेमंद रहेगी. 23,320 के नीचे एक निर्णायक गिरावट, 23,000–22,900 की ओर गिरावट की गति को तेज कर सकती है़. वहीं, 23,800 के ऊपर स्थिरता, शॉर्ट टर्म रिकवरी की गति को फिर से शुरू करने और मौजूदा बिकवाली के दबाव को कम करने के लिए जरूरी है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.