NLC India OFS: सरकार बेचेगी 3 फीसदी तक हिस्सेदारी, 303 रुपये प्रति शेयर तय किया फ्लोर प्राइस
केंद्र सरकार ने NLC India में 3 फीसदी तक हिस्सेदारी बेचने के लिए OFS लॉन्च करने की घोषणा की है. इस इश्यू का फ्लोर प्राइस 303 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है, जो बाजार भाव से करीब 10 फीसदी कम है. नॉन रिटेल निवेशक 9 जून और रिटेल निवेशक 10 जून को इसमें भाग ले सकेंगे.

NLC India OFS: केंद्र सरकार ने NLC India में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है. सरकार कंपनी में 3 फीसदी तक हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल यानी OFS के जरिए बेचेगी. इस इश्यू के लिए 303 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया गया है, जो मौजूदा बाजार भाव से करीब 10 फीसदी कम है. इस कदम का उद्देश्य विनिवेश कार्यक्रम को आगे बढ़ाना और कंपनी में पब्लिक हिस्सेदारी बढ़ाना है.
9 जून से खुलेगा OFS
कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार OFS नॉन रिेटेल निवेशकों के लिए 9 जून को खुलेगा. वहीं रिटेल निवेशक 10 जून को इसमें भाग ले सकेंगे. सरकार पहले चरण में 2 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी. यदि निवेशकों की मांग मजबूत रहती है तो ग्रीन शू विकल्प के तहत अतिरिक्त 1 फीसदी हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है.
303 रुपये रखा गया फ्लोर प्राइस
सरकार ने OFS के लिए 303 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया है. सोमवार को NLC India का शेयर एनएसई पर 336.40 रुपये पर बंद हुआ था. ऐसे में फ्लोर प्राइस बाजार वैल्यू से लगभग 10 फीसदी कम है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर माना जा रहा है.
प्रमुख माइनिंग और पावर कंपनी
NLC India देश की प्रमुख इंटीग्रेटेड माइनिंग और बिजली प्रोडक्शन कंपनियों में शामिल है. कंपनी लिग्नाइट और कोयला खनन के साथ बिजली प्रोडक्शन के कारोबार में सक्रिय है. हाल के वर्षों में कंपनी ने क्षमता विस्तार और डायवर्स पोर्टफोलियो के जरिए अपने कारोबार को मजबूत किया है.
वित्तीय प्रदर्शन रहा मजबूत
कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में ऑपरेशनल और वित्तीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया है. NLC India अपने निवेशकों को नियमित रूप से डिवेडेंड भी देती रही है. मजबूत कैश फ्लो और स्थिर कारोबार के कारण यह पब्लिक सेक्टर की प्रमुख लाभदायक कंपनियों में गिनी जाती है.
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निवेशकों की नजर रहेगी OFS पर
कंपनी के मजबूत फंडामेंटल और एनर्जी सेक्टर में रणनीतिक महत्व को देखते हुए OFS को अच्छा रिस्पांस मिल सकता है. संस्थागत और रिटेल दोनों तरह के निवेशक इस इश्यू में रुचि दिखा सकते हैं. खासकर वे निवेशक जो डिविडेंड देने वाली सरकारी कंपनियों में निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए यह अवसर महत्वपूर्ण हो सकता है.