Paytm के शेयर में आई 7% से ज्यादा की जबरदस्त तेजी, 52-वीक हाई पर पहुंचा स्टॉक; UPI MDR कनेक्शन ने दिया सहारा

Paytm के शेयर में बुधवार को 7 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई और स्टॉक 1,855.50 रुपये के 52-वीक हाई पर पहुंच गया. UPI पर नए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) फ्रेमवर्क के बाद Paytm के शेयर में यह तेजी देखने को मिली. NPCI ने 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पर्सन-टू-मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर 0.4 प्रतिशत तक MDR लागू करने का फ्रेमवर्क पेश किया है.

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Highlights

  • Paytm शेयर में 7 फीसदी से ज्यादा तेजी, स्टॉक 1,855.50 रुपये के 52-वीक हाई पर पहुंचा.
  • MDR लागू होने से Paytm के मर्चेंट पेमेंट नेटवर्क के लिए रेवेन्यू अपॉर्च्युनिटी बन सकती है.
  • कंपनी के पास करीब 1.51 करोड़ डिवाइस मर्चेंट्स हैं, जबकि UPI पेमेंट कंज्यूमर्स के लिए फ्री बने रहेंगे.

One 97 Communications यानी Paytm के शेयरों में बुधवार को तेज खरीदारी देखने को मिली. UPI पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू किए जाने के नए फ्रेमवर्क के बाद Paytm के शेयर ने NSE पर 52-वीक हाई का नया स्तर छुआ. कारोबारी सत्र के दौरान Paytm का शेयर 7 फीसदी से ज्यादा उछलकर 1,855.50 रुपये के 52-वीक हाई तक पहुंच गया. सुबह 11:15 बजे शेयर 1,749.50 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो मंगलवार के 1,730 रुपये के क्लोजिंग लेवल से 1.13 प्रतिशत ऊपर था.

शेयर ने बुधवार को 1,830 रुपये के स्तर पर मजबूत बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की. इस दौरान Paytm के शेयर में भारी ट्रेडिंग वॉल्यूम भी देखने को मिला. सुबह के सत्र में 1.09 करोड़ से ज्यादा शेयरों में कारोबार हुआ, जिनकी वैल्यू करीब 1,956 करोड़ रुपये रही.

UPI MDR से Paytm को क्यों फायदा

Paytm के शेयर में यह तेजी कंपनी की ओर से स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के बाद देखने को मिली. कंपनी ने बताया कि National Payments Corporation of India (NPCI) ने 2,000 रुपये से ज्यादा के UPI पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शंस पर 0.4 प्रतिशत तक मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का फ्रेमवर्क पेश किया है. NPCI का यह सर्कुलर 15 सितंबर 2026 को जारी किया गया है और इसका असर 15 अक्टूबर 2026 से दिखाई देगा.

नए फ्रेमवर्क के तहत UPI पेमेंट्स कंज्यूमर्स के लिए फ्री बने रहेंगे, जबकि MDR का भुगतान मर्चेंट्स की ओर से किया जाएगा. Paytm के लिए यह बदलाव इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कंपनी भारत के बड़े मर्चेंट पेमेंट नेटवर्क्स में से एक को ऑपरेट करती है.

Paytm के पास कितना बड़ा मर्चेंट नेटवर्क

Paytm का मर्चेंट पेमेंट नेटवर्क इस पूरे बदलाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. कंपनी के पास करीब 1.51 करोड़ डिवाइस मर्चेंट्स हैं. UPI पेमेंट्स पर MDR फ्रेमवर्क लागू होने के बाद इस बड़े मर्चेंट बेस से जुड़े ट्रांजैक्शंस Paytm के लिए संभावित रेवेन्यू अपॉर्च्युनिटी बन सकते हैं.

हालांकि, किसी मर्चेंट से मिलने वाला वास्तविक रेवेन्यू ट्रांजैक्शन वॉल्यूम, लागू MDR रेट और UPI इकोसिस्टम में रेवेन्यू शेयरिंग मैकेनिज्म पर निर्भर करेगा. इसलिए केवल मर्चेंट बेस के आंकड़े के आधार पर कंपनी की कमाई में होने वाली बढ़ोतरी का निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता.

कंज्यूमर्स के लिए UPI पेमेंट फ्री

नए MDR फ्रेमवर्क की एक अहम बात यह है कि UPI पेमेंट कंज्यूमर्स के लिए फ्री बना रहेगा. यानी मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू होने के बावजूद ग्राहक से इसे अलग से UPI ट्रांजैक्शन फीस के तौर पर नहीं लिया जाएगा. इसका मतलब यह है कि Paytm जैसे UPI ऐप प्रोवाइडर्स के लिए रेवेन्यू का संभावित स्रोत मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम में बनेगा, जबकि UPI का इस्तेमाल करने वाले कंज्यूमर्स पर सीधे इसका बोझ नहीं डाला जाएगा.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.