फार्मा सेक्टर की इन 2 कंपनियों ने बनाया निवेशकों को दीवाना, प्रॉफिट और डिविडेंड से मचाया तहलका; निवेशक रखें नजर
भारतीय फार्मा सेक्टर की दो दिग्गज कंपनियां पी एंड जी हेल्थ और सनोफी कंज्यूमर हेल्थकेयर अपने मजबूत प्रॉफिट, शानदार डिविडेंड और 80 फीसदी से अधिक ROCE के कारण निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं. जहां फार्मा उद्योग का औसत ROCE करीब 15 फीसदी है, वहीं इन कंपनियों का ROCE 84 फीसदी से 90 फीसदी के बीच है. दोनों कंपनियां लगभग कर्ज-मुक्त हैं और मजबूत ब्रांड पोर्टफोलियो के साथ कारोबार कर रही हैं.
Pharma Stocks India: शेयर बाजार में निवेशक अक्सर तेज ग्रोथ वाली कंपनियों की तलाश करते हैं, लेकिन कई बार सबसे मजबूत रिटर्न उन कंपनियों से मिलता है जो कम पूंजी में बड़ा मुनाफा कमाती हैं और अपने शेयरधारकों को डिविडेंड देती हैं. भारतीय फार्मा सेक्टर में इस समय दो ऐसी कंपनियां चर्चा में हैं, जिनका रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड (ROCE) 80 फीसदी से भी अधिक है. इतना ही नहीं, दोनों कंपनियां लगभग कर्ज-मुक्त हैं और अपने क्षेत्र की औसत डिविडेंड यील्ड से कहीं बेहतर रिटर्न निवेशकों को दे रही हैं. फार्मा उद्योग का औसत ROCE लगभग 15 फीसदी के आसपास है, वहीं इन दोनों कंपनियों का ROCE 84 फीसदी से 90 फीसदी के बीच है. यही वजह है कि इन्हें फार्मा सेक्टर की “कैश मशीन” कंपनियों के रूप में देखा जा रहा है.
P&G Health
इस सूची में पहला नाम पी एंड जी हेल्थ का है. यह कंपनी प्रॉक्टर एंड गैम्बल समूह का हिस्सा है, जिसकी कंपनी में लगभग 52 फीसदी हिस्सेदारी है. कंपनी भारत में विटामिन, मिनरल और सप्लीमेंट उत्पादों की प्रमुख निर्माता है. इसके पोर्टफोलियो में एवियन, न्यूरोबियन, सेवन सीज, नासिवियन, पॉलीबियन और लिवोजेन जैसे लोकप्रिय ब्रांड शामिल हैं, जिन्हें भारतीय उपभोक्ता लंबे समय से इस्तेमाल करते आ रहे हैं.
कंपनी की सबसे बड़ी खासियत इसका डिविडेंड रिकॉर्ड है. फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, उद्योग की औसत डिविडेंड यील्ड जहां लगभग 0.09 फीसदी है, वहीं पी एंड जी हेल्थ की डिविडेंड यील्ड करीब 2 फीसदी है. पिछले 12 महीनों में कंपनी ने कुल 205 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया है. कई वर्षों में कंपनी का डिविडेंड भुगतान उसके शुद्ध लाभ से भी अधिक रहा है, जो उसके मजबूत नकदी भंडार को दिखाता है.
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो मार्च 2026 में समाप्त वर्ष में कंपनी की बिक्री 1,408 करोड़ रुपये, EBITDA 457 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 327 करोड़ रुपये रहा. पिछले पांच वर्षों में कंपनी का ऑपरेशनल लाभ लगभग दोगुना हुआ है, हालांकि बिक्री वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी रही है. कंपनी का ROCE लगभग 84 फीसदी और रिटर्न ऑन इक्विटी (ROE) करीब 62 फीसदी है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.34 फीसदी गिरकर 8,993.50 रुपये पर पहुंच गया.
Sanofi Consumer Healthcare
दूसरा नाम सनोफी कंज्यूमर हेल्थकेयर इंडिया का है. यह कंपनी 2023 में सनोफी इंडिया के डिमर्जर के बाद अस्तित्व में आई थी. हालांकि कंपनी नई है, लेकिन इसके ब्रांड दशकों पुराने और बेहद लोकप्रिय हैं. इसके पोर्टफोलियो में एलेग्रा, कॉम्बिफ्लेम, एविल और डीपीयूआरए जैसे ब्रांड शामिल हैं, जिनकी बाजार में मजबूत पहचान है.
कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 10,791 करोड़ रुपये है और यह वितरकों, अस्पतालों, फार्मेसी चैनलों तथा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने प्रोडक्ट बेचती है. मार्च 2026 तक प्रमोटर हिस्सेदारी बढ़कर 71 फीसदी से अधिक हो गई.
वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की बिक्री 935 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 38 फीसदी अधिक है. EBITDA 334 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 258 करोड़ रुपये रहा. कंपनी का ROCE करीब 90 फीसदी और ROE लगभग 72 फीसदी है. शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.33 फीसदी बढ़कर 4,616.90 रुपये पर पहुंच गया है.
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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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