स्मॉलकैप शेयरों में बड़े निवेशकों की एंट्री… Mukul Agrawal-Ashish Kacholia ने इन 2 कंपनियों पर लगाया दांव
Smallcap सेक्टर में कमजोरी के बीच देश के दो बड़े निवेशकों ने कुछ चुनिंदा छोटी कंपनियों में निवेश करके बाजार का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है. दिग्गज निवेशक Mukul Agrawal और Ashish Kacholia ने हाल ही में इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर से जुड़ी Smallcap कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी है. इसके बाद इन शेयरों पर निवेशकों की नजर और बढ़ गई है.

Mukul Agrawal and Ashish Kacholia: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और Smallcap सेक्टर में कमजोरी के बीच देश के दो बड़े निवेशकों ने कुछ चुनिंदा छोटी कंपनियों में निवेश करके बाजार का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है. दिग्गज निवेशक Mukul Agrawal और Ashish Kacholia ने हाल ही में इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर से जुड़ी Smallcap कंपनियों में हिस्सेदारी खरीदी है. इसके बाद इन शेयरों पर निवेशकों की नजर और बढ़ गई है.
एक्सपर्ट का मानना है कि जब बड़े निवेशक कमजोर बाजार में भी नई हिस्सेदारी खरीदते हैं, तो इसका मतलब होता है कि उन्हें आने वाले समय में उस सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीद दिखाई दे रही है. दोनों निवेशकों ने ऐसी कंपनियों पर दांव लगाया है, जिनका कारोबार सरकार के इंफ्रा और ऊर्जा खर्च से जुड़ा हुआ है.
Mukul Agrawal
| Mukul Agrawal ने हाल ही में Safety Controls & Devices Limited में करीब 2.7 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है. यह कंपनी Lucknow की EPC कंपनी है और फायर फाइटिंग सिस्टम, पावर सबस्टेशन और सोलर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है. कंपनी का IPO अप्रैल 2026 में आया था और इसके शेयर BSE SME प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हुए थे. |
| कंपनी की ग्रोथ कैसी रही कंपनी की बिक्री FY21 में ₹27 करोड़ थी, जो FY25 में बढ़कर ₹103 करोड़ पहुंच गई. वहीं EBITDA भी ₹2 करोड़ से बढ़कर ₹17 करोड़ हो गया. कंपनी का मुनाफा भी FY21 के ₹1 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹9 करोड़ पहुंच गया. कंपनी का ROCE करीब 29 फीसदी है, जो इंडस्ट्री औसत से काफी बेहतर माना जा रहा है. हालांकि कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती Cash Flow की है. कंपनी के Debtor Days करीब 311 दिन हैं, यानी पैसा आने में काफी समय लग रहा है. |
Ashish Kacholia
| दूसरी तरफ Ashish Kacholia ने Asian Energy Services Limited में करीब 1.2 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी है. यह कंपनी Oil और Gas सेक्टर में सेवाएं देती है और seismic services, oilfield operations और reservoir imaging जैसे काम करती है. कंपनी पहले Asian Oilfield Services के नाम से जानी जाती थी. |
| Asian Energy Services की स्थिति कैसी ◉ कंपनी की बिक्री FY20 के ₹273 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹465 करोड़ पहुंच गई. ◉ वहीं पिछले 12 महीनों में कंपनी की बिक्री करीब ₹668 करोड़ तक पहुंच चुकी है. ◉ कंपनी FY23 में घाटे में चली गई थी, लेकिन अब फिर से मुनाफे में लौट आई है. ◉ Q3 FY26 में कंपनी ने ₹235 करोड़ की बिक्री और ₹18 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले कई सालों का बेहतर प्रदर्शन माना जा रहा है. |
निवेशकों को क्या देखना चाहिए
सिर्फ बड़े निवेशकों की कॉपी करके पैसा लगाना सही रणनीति नहीं होती. इन दोनों कंपनियों में ग्रोथ की संभावना जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन जोखिम भी कम नहीं हैं. Safety Controls के मामले में Cash Flow और पेमेंट रिकवरी सबसे बड़ा मुद्दा है. वहीं Asian Energy Services के लिए आने वाले तिमाहियों में मुनाफा और मार्जिन बनाए रखना अहम होगा.
Smallcap सेक्टर पर क्यों बढ़ी नजर
सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर, पावर, एनर्जी और इंडस्ट्रियल सेक्टर पर खर्च बढ़ा रही है. ऐसे में इन सेक्टर्स से जुड़ी छोटी कंपनियों को आने वाले समय में फायदा मिल सकता है. अगर कंपनियां बेहतर Execution और Cash Flow दिखाती हैं, तो Smallcap सेक्टर में फिर से अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है.
यह भी पढ़ें: 62% सस्ता मिल रहा आशीष कचोलिया का यह शेयर, 100% बढ़ा मुनाफा, कंपनी पर कर्ज लगभग जीरो
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.