कतर से गैस सप्लाई रुकी, Petronet LNG के शेयर करीब 10 फीसदी टूटे; GAIL में भी आई गिरावट
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कतर से LNG सप्लाई में रुकावट की खबर के बाद भारतीय गैस कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली. बुधवार के कारोबार में Petronet LNG का शेयर करीब 10 फीसदी तक टूट गया, जबकि GAIL जैसे शेयर भी दबाव में रहे. भारत अपनी LNG जरूरतों का बड़ा हिस्सा कतर से आयात करता है, इसलिए सप्लाई में किसी भी तरह की बाधा गैस वैल्यू चेन को प्रभावित कर सकती है.
Petronet LNG share price: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारतीय गैस कंपनियों के शेयरों पर भी दिखने लगा है. कतर ने लिक्विफाइड नेचुरल गैस यानी LNG के प्रोडक्शन और सप्लाई में रुकावट की घोषणा की है, जिसके बाद बाजार में गैस कंपनियों को लेकर चिंता बढ़ गई है. खबर सामने आते ही Petronet LNG के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई, जबकि GAIL और Gujarat Gas जैसे शेयर भी दबाव में आ गए. भारत अपनी LNG जरूरतों का बड़ा हिस्सा कतर से आयात करता है.
शेयरों में क्यों आई तेज गिरावट
बुधवार के कारोबार में Petronet LNG के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई और स्टॉक करीब 10 फीसदी तक टूट गया. वहीं GAIL में 6.34 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई. बाजार की चिंता का मुख्य कारण LNG सप्लाई में संभावित बाधा है, जिससे गैस कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और वॉल्यूम पर दबाव आ सकता है. अचानक आए इस भू-राजनीतिक घटनाक्रम ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है.
कतर से क्यों जुड़ी है भारत की बड़ी निर्भरता
भारत हर साल करीब 27 मिलियन टन LNG आयात करता है और इसमें लगभग 40 फीसदी हिस्सेदारी कतर की है. यही गैस बिजली उत्पादन, फर्टिलाइजर इंडस्ट्री, CNG डिस्ट्रीब्यूशन और पाइप्ड कुकिंग गैस जैसे कई अहम सेक्टर में इस्तेमाल होती है. ऐसे में कतर से सप्लाई में रुकावट पूरे गैस वैल्यू चेन को प्रभावित कर सकती है.
रिपोर्ट के मुताबिक, Petronet LNG ने गैस मार्केटिंग कंपनियों को जानकारी दी है कि कतर से LNG प्रोडक्शन रुक गया है. इसके बाद कुछ इंडस्ट्रीज को गैस सप्लाई में 10 फीसदी से 40 फीसदी तक कटौती की गई है, हालांकि CNG रिटेलिंग के लिए सप्लाई जारी रखी गई है.
वैश्विक कीमतों में उछाल से बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते तेल और गैस शिपमेंट भी प्रभावित हुए हैं. यह समुद्री मार्ग भारत के लिए बेहद अहम है क्योंकि करीब 50 फीसदी कच्चे तेल और 54 फीसदी LNG सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है.
यह भी पढ़ें: आज बाजार में क्यों डूबे 10 लाख करोड़ रुपये, ये 4 फैक्टर बने खलनायक; जानें डिटेल्स
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
