चीन के एक फैसले से ऑयल रिफाइनरी स्‍टॉक्‍स ने पकड़ी रफ्तार, रिलायंस से MRPL तक 5% तक उछले

चीन द्वारा डीजल और पेट्रोल के निर्यात पर अस्थायी रोक की खबर से भारतीय ऑयल और रिफाइनरी शेयरों में तेजी देखने को मिली. रिलायंस इंडस्ट्रीज, चेन्नई पेट्रोलियम और MRPL समेत कई स्टॉक्स करीब 5% तक उछल गए. चीन के एक्सपोर्ट घटने से एशिया में सप्लाई कम हो सकती है, जिससे रिफाइनिंग मार्जिन और कंपनियों की कमाई बढ़ने की उम्मीद है.

Oil Stocks Image Credit: canva/AI image

Oil & Refinery Stocks: मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध तनाव के बीच चीन के एक बड़े फैसले ने भारतीय ऑयल और रिफाइनरी कंपनियों के शेयरों में तेजी ला दी. रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने अपने प्रमुख रिफाइनरों को डीजल और पेट्रोल के एक्सपोर्ट अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए हैं. इस खबर के बाद गुरुवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज, चेन्नई पेट्रोलियम और MRPL समेत कई रिफाइनरी शेयरों में जोरदार उछाल देखने को मिला.

कौन-से शेयर कितने चढ़े?

रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर करीब 3% चढ़ गया. इसका इंट्रा डे हाई आज 1387.30 रुपये रहा. वहीं चेन्नई पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन के शेयर 5.4% तक उछल गए, जिससे ये 1053.50 रुपये पर पहुंच गए. मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स यानी MRPL का शेयर भी करीब 5.72% तक चढ़ गया, जिससे ये 202.32 रुपये पर पहुंच गया.

सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के शेयर 2.87% बढ़े. हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी HPCL का शेयर 2.37% चढ़ा, जबकि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी BPCL के शेयर में 1.37% की बढ़त दर्ज हुई.

क्‍या कहती है रिपोर्ट?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की शीर्ष आर्थिक योजना संस्था नेशनल डेवलपमेंट एंड रिफॉर्म कमीशन ने देश की बड़ी रिफाइनरी कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक की. इसमें उन्हें तुरंत प्रभाव से डीजल और पेट्रोल के निर्यात को रोकने के मौखिक निर्देश दिए गए. रिपोर्ट के अनुसार रिफाइनरों को नए एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट साइन करने से भी मना किया गया है. साथ ही पहले से तय शिपमेंट्स को रद्द करने के लिए बातचीत करने को कहा गया है.हालांकि यह प्रतिबंध जेट फ्यूल और बंकर फ्यूल पर लागू नहीं होगा, जो बॉन्डेड स्टोरेज में रखा गया है. इसके अलावा हांगकांग और मकाऊ को जाने वाली सप्लाई भी इससे बाहर रखी गई है.

यह भी पढ़ें: नोट छापने की मशीन से कम नहीं ये जनरेटर कंपनी, AI डेटा सेंटर बूम से मिलेगा बूस्‍ट, शेयर पर रखें नजर, दिया 2635% रिटर्न

इन कंपनियों को मिलती है छूट

चीन की बड़ी रिफाइनरी कंपनियां जैसे पेट्रोचाइना, सिनोपेक, CNOOC, सिनोकेम ग्रुप और झेजियांग पेट्रोकेमिकल को आमतौर पर सरकार की ओर से एक्सपोर्ट कोटा के तहत छूट मिलती है. चीन के इस फैसले का चुनिंदा भारतीय कंपनियों पर सीमित असर पड़ सकता है क्योंकि ये बड़ी मात्रा में पेट्रोलियम डेरिवेटिव्स का निर्यात करती हैं. चीन के एक्सपोर्ट घटने से एशिया में सप्लाई कम हो सकती है, जिससे रिफाइनिंग मार्जिन और कंपनियों की कमाई बढ़ने की उम्मीद है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

Latest Stories