तेल की बढ़ती कीमतों से झुलस रहा पोर्टफोलियो? इन 4 एथेनॉल स्टॉक्स पर रखें नजर, तेजी से बढ़ रही बिक्री और मुनाफा
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने भारत के आयात बिल और ईंधन लागत पर दबाव बढ़ा दिया है. ऐसे में एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों की मांग बढ़ रही है, जिससे इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियां निवेशकों के रडार पर आ गई हैं.
कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल ने सिर्फ वैश्विक बाजारों को ही नहीं, बल्कि भारत जैसे आयात-निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था को भी दबाव में ला दिया है. इसी बीच, एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों की ओर झुकाव बढ़ रहा है, जिससे इस सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की ग्रोथ संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं.
कच्चे तेल में उछाल, भारत पर बढ़ा दबाव
साल 2026 में महज तीन महीनों के भीतर कच्चे तेल की कीमतों में करीब 80% की तेजी देखी गई है. 2 जनवरी को जहां कीमत 60.75 डॉलर प्रति बैरल थी, वहीं 4 अप्रैल तक यह बढ़कर 112 डॉलर तक पहुंच गई.
इस तेजी का सीधा असर भारत के आयात बिल और ईंधन लागत पर पड़ रहा है. ऐसे में सरकार और कंपनियां दोनों ही अब वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रही हैं.
एथेनॉल की ओर शिफ्ट क्यों बढ़ रहा है?
भारत सरकार पहले ही पेट्रोल में 20% एथेनॉल ब्लेंडिंग का टारगेट तय कर चुकी है और इसके लिए नीति समर्थन और क्षमता विस्तार पर जोर दिया जा रहा है. महंगे होते तेल के बीच एथेनॉल न सिर्फ सस्ता विकल्प बनकर उभर रहा है, बल्कि इससे ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होती है.
इस बदलाव का सीधा फायदा उन कंपनियों को मिल रहा है, जो शुगर, डिस्टिलरी और बायोफ्यूल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी हैं. इन कंपनियों के लिए एथेनॉल अब बाय-प्रोडक्ट नहीं, बल्कि मुख्य बिजनेस ड्राइवर बनता जा रहा है.
EID Parry (India) Ltd. Share Price
E.I.D. Parry (India) देश की सबसे पुरानी शुगर कंपनियों में से एक है और Murugappa Group का हिस्सा है. कंपनी के पास छह शुगर प्लांट और एक डिस्टिलरी यूनिट हैं.
इसके डिस्टिलरी बिजनेस में एथेनॉल की हिस्सेदारी 56% तक पहुंच चुकी है, जो साफ दिखाता है कि कंपनी अब इसे अपने कोर ग्रोथ इंजन के रूप में देख रही है. Q3 FY26 में कंपनी की बिक्री 18.3% बढ़कर 103,160 मिलियन रुपये रही, जबकि मुनाफा करीब 5% बढ़कर 4,370 मिलियन रुपये रहा.

कंपनी के शेयरों ने बीते पांच वर्षों में निवेशकों को 155 फीसदी के करीब रिटर्न दिया है. सोमवार को कंपनी के शेयरों की शुरुआत गिरावट के साथ हुई और इस दौरान स्टॉक 800 रुपये पर ट्रेड करता दिखा. ये आंकड़ा इसके 52 वीक लो (696 रुपये) महज 14 फीसदी नीचे है.
Balrampur Chini Mills Share Price
Balrampur Chini Mills देश की दूसरी सबसे बड़ी प्राइवेट शुगर कंपनी है और इसका बिजनेस मॉडल पूरी तरह इंटीग्रेटेड है.
कंपनी के कुल रेवेन्यू में एथेनॉल की हिस्सेदारी 23-26% तक है, लेकिन इसकी अहमियत इससे कहीं ज्यादा है क्योंकि यह लगातार कैश फ्लो देता है. कंपनी ने अपनी डिस्टिलरी क्षमता बढ़ाने के लिए 7,000 मिलियन रुपये से ज्यादा का निवेश किया है और अब बायोप्लास्टिक (PLA) प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही है.
Q3 FY26 में कंपनी की बिक्री 22% बढ़कर 14,541 मिलियन रुपये और मुनाफा 1,144.7 मिलियन रुपये रहा.

कंपनी के शेयरों ने बीते पांच वर्षों में निवेशकों को 135 फीसदी के करीब मुनाफा दिया है. सोमवार को ये भी गिरावट के साथ खुला और 490 के आसपास ट्रंड करता दिखा. स्टॉक अपने 52 वीक लो (393 रुपये) से अभी 25 फीसदी ऊपर है.
Triveni Engineering Share Price
Triveni Engineering & Industries शुगर के साथ-साथ इंजीनियरिंग और डिस्टिलरी बिजनेस में भी मजबूत पकड़ रखती है.
कंपनी के अल्कोहल सेगमेंट में एथेनॉल की हिस्सेदारी 92% तक पहुंच चुकी है, जो इसे इस सेक्टर का बड़ा खिलाड़ी बनाती है. Q3 FY26 में कंपनी की बिक्री 16.5% बढ़कर 14,781 मिलियन रुपये रही, जबकि मुनाफा 82.7% उछलकर 778 मिलियन रुपये हो गया.

स्टॉक परफॉर्मेंस के मामले में कंपनी के शेयरों ने पांच वर्षों में 370 फीसदी का मुनाफा दिया है. ये स्टॉक भी सोमवार के बाजार गिरावट से अछूता नहीं रहा और लाल निशान में खुला. स्टॉक की मौजूदा कीमत 382 रुपये है. 52 वीक लो 313 रुपये है और हाई 468, यानी कंपनी का स्टॉक अभी मिड रेंज में है.
Piccadilly Agro Industries Ltd.
Piccadilly Agro Industries ने खुद को शुगर कंपनी से एक प्रीमियम डिस्टिलरी प्लेयर में बदल लिया है.
कंपनी के कुल रेवेन्यू में 90% से ज्यादा हिस्सा अब डिस्टिलरी बिजनेस का है, जिसमें एथेनॉल की भी अहम भूमिका है. Q3 FY26 में कंपनी की बिक्री 52.5% बढ़कर 3,152 मिलियन रुपये रही और मुनाफा 92.3% उछलकर 481 मिलियन रुपये पहुंच गया.

वर्ष 2025 में लिस्ट हुए इस स्टॉक में मुनाफे का आंकड़ा फिलहाल निगेटिव है. मौजूदा शेयर की कीमत 533 रुपये है. कंपनी अपने 52 वीक लो, यानी 515 रुपये के बेहद करीब है.
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किन चीजों पर निर्भर है एथेनॉल सेक्टर
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें एथेनॉल सेक्टर के लिए बड़ा अवसर जरूर बना रही हैं, लेकिन यह एकतरफा कहानी नहीं है. इस सेक्टर की ग्रोथ काफी हद तक सरकारी नीतियों, ब्लेंडिंग टारगेट, गन्ने की उपलब्धता और कच्चे माल की कीमतों पर निर्भर करती है. ऐसे में निवेशकों को इन कंपनियों में संभावनाएं दिख सकती हैं.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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