गिरते बाजार के बीच रिटेल निवेशकों को SEBI चीफ की अहम सलाह, कहा- घबराने की जरूरत नहीं

शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच SEBI चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने रिटेल निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि वैश्विक जियो-पॉलिटिकल तनाव के कारण कैपिटल मार्केट प्रभावित हुए हैं, लेकिन ऐसी अत्यधिक अस्थिरता आमतौर पर लंबे समय तक नहीं रहती. पांडे के मुताबिक भारतीय बाजार की संरचना मजबूत है और निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए.

SEBI Chief to Retail Investors amid War Tension: वैश्विक स्तर पर बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन और उसके असर से शेयर बाजारों में आई तेज अस्थिरता के बीच सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने निवेशकों को संयम बरतने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि मौजूदा जियो-पॉलिटिकल हालात के कारण पूंजी बाजार पर काफी दबाव पड़ा है, लेकिन आमतौर पर इस तरह की अत्यधिक अस्थिरता लंबे समय तक नहीं रहती.

सेबी प्रमुख के मुताबिक ऐसे दौर में बाजार की असली परीक्षा यह होती है कि उतार-चढ़ाव के बीच भी पूरा सिस्टम सुचारू और प्रभावी तरीके से काम करता रहे. उन्होंने कहा कि भारत के कैपिटल मार्केट की स्ट्रक्चर इतनी मजबूत है कि वह इस तरह के उतार-चढ़ाव को संभालने की क्षमता रखता है.

रिटेल निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह

मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तुहिन कांत पांडे ने खासतौर पर रिटेल निवेशकों को सलाह देते हुए कहा कि बाजार में मौजूदा उतार-चढ़ाव के दौर में जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर बाजारों को स्थिर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और निवेशकों को इस बीच धैर्य बनाए रखना चाहिए. उनका मानना है कि जब बाजार में अस्थिरता बढ़ती है, तब निवेशकों की मनोवैज्ञानिक प्रतिक्रिया भी तेज हो जाती है, जिससे उतार-चढ़ाव और ज्यादा बढ़ सकता है. ऐसे समय में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए शांत रहना सबसे बेहतर रणनीति होती है.

तेजी से बढ़ा है भारत का कैपिटल मार्केट

सेबी चेयरमैन ने यह भी कहा कि पिछले दस वर्षों में भारत का पूंजी बाजार काफी तेजी से विकसित हुआ है. निवेशकों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ बाजार का आकार भी लगातार बड़ा हुआ है. उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे बाजार का विस्तार होता है, वैसे-वैसे वह वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक घटनाओं से ज्यादा जुड़ जाता है. इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली घटनाओं का असर भारतीय बाजारों पर भी तुरंत देखने को मिलता है.

खबरों का बाजार पर तुरंत असर

पांडे ने कहा कि आज के डिजिटल दौर में जानकारी और राय बहुत तेजी से फैलती है. सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के कारण किसी भी खबर का असर बाजारों पर लगभग तुरंत दिखाई देने लगता है. उन्होंने कहा कि निवेशकों को यह समझना चाहिए कि बाजार अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा संवेदनशील हो गया है और वैश्विक घटनाओं पर उसकी प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है.

बाजार तक पहुंच आसान बनाने की कोशिश

सेबी प्रमुख ने सरकार द्वारा हाल ही में सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) रूल्स में किए गए बदलावों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य बाजार तक पहुंच को आसान बनाना और निवेशकों के लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाना है. सरकार और नियामक संस्थाएं लगातार ऐसे कदम उठा रही हैं जिससे पूंजी बाजार अधिक पारदर्शी और निवेशक-हितैषी बन सके.

ये भी पढ़ें- Adani Group का बड़ा प्लान! हर वर्ष ₹2 लाख करोड़ का ग्रीन निवेश, इस शेयर पर दिखेगा तगड़ा असर

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.