Nifty 1.93% और Sensex 1.78% टूटा, बैंकिंग-मेटल शेयरों में भारी बिकवाली, जानिए बाजार टूटने की 3 बड़ी वजह

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिख रहा है. सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट दर्ज की गई है, जबकि बैंकिंग और मेटल शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. वैश्विक बाजारों की कमजोरी और महंगे तेल ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे बाजार में जोखिम से बचने का रुख दिख रहा है.

बाजार में भारी बिकवाली. Image Credit: Canva

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है. शुक्रवार को घरेलू बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई, जहां लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली देखने को मिली. निवेशकों के बीच जोखिम को लेकर बढ़ी चिंता और वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों ने सेंटीमेंट को और कमजोर कर दिया. बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, महंगे होते तेल और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाते नजर आ रहे हैं.

बाजार में तेज गिरावट

दोपहर करीब 1:30 बजे तक निफ्टी 50 लगभग 1.93 प्रतिशत गिरकर 23,189 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जबकि बीएसई सेंसेक्स 1.78 प्रतिशत टूटकर 74,683 पर पहुंच गया. बाजार में गिरावट केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि लगभग सभी सेक्टरों में दबाव देखा गया. निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी, जिससे व्यापक स्तर पर बिकवाली बढ़ी.

सेक्टरों में व्यापक बिकवाली

सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो लगभग सभी सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे. सबसे ज्यादा दबाव मेटल सेक्टर में देखा गया. बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी रही. महंगाई को लेकर बढ़ती चिंता के कारण बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों की सतर्कता बढ़ गई है.

जिन प्रमुख बैंकिंग शेयरों पर दबाव देखा गया, उनमें शामिल हैं:

  • HDFC Bank
  • ICICI Bank
  • Punjab National Bank
  • IndusInd Bank

इन बड़े बैंकों की गिरावट ने भी प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बढ़ाने का काम किया.

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी कमजोरी

गिरावट केवल बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली देखने को मिली.

  • Nifty Midcap 150 करीब 2.56 प्रतिशत गिरा
  • Nifty Smallcap 250 लगभग 2.49 प्रतिशत नीचे आया

वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत

एशियाई बाजारों में भी शुक्रवार को तेज गिरावट देखने को मिली. तेल की कीमतों में तेजी और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.

  • जापान का Nikkei 225 लगभग 2 प्रतिशत गिरा
  • TOPIX करीब 1.4 प्रतिशत नीचे आया
  • दक्षिण कोरिया का KOSPI लगभग 3 प्रतिशत टूटा
  • हांगकांग का Hang Seng भी गिरावट में रहा

भारतीय बाजारों ने भी एशियाई बाजारों के इसी रुझान का फॉलो किया.

वॉल स्ट्रीट की कमजोरी का असर

अमेरिकी बाजारों में भी पिछली रात बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसका असर एशियाई बाजारों सहित भारत पर भी पड़ा.

  • Dow Jones लगभग 740 अंक गिरा
  • S&P 500 करीब 1.5 प्रतिशत नीचे आया
  • Nasdaq Composite में भी गिरावट रही

वैश्विक निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान फिलहाल कमजोर पड़ा है.

ईरान संघर्ष और तेल की कीमतें चिंता का कारण

पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़ा संघर्ष दूसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है और फिलहाल तनाव कम होने के संकेत नहीं मिल रहे हैं. ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने संघर्ष के और बढ़ने की चेतावनी दी है, जबकि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमले ईरानी नेतृत्व को कमजोर करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं. इस टकराव के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी बढ़ते असर ने निवेशकों को दहशत में डाल दिया है.

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इसी चिंता के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) करीब 96 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है. भारत जैसे देश के लिए महंगा तेल चिंता का विषय है क्योंकि देश अपनी अधिकांश तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया की स्थिति स्पष्ट नहीं होती और तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में गिरावट जारी रह सकती है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.