गोला-बारूद बनाने वाली इन 4 कंपनियों पर रखें नजर, दमदार है ऑर्डर बुक, मेक इन इंडिया स्कीम से मिल रहा सपोर्ट
भारत तेजी से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. मिसाइल और डिफेंस टेक्नोलॉजी में बढ़ते निवेश के कारण कई भारतीय कंपनियां चर्चा में हैं. सोलर इंडस्ट्रीज, भारत डायनेमिक्स, प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स और पारस डिफेंस जैसी कंपनियां बड़े ऑर्डर और नई तकनीक के दम पर 2026 में डिफेंस सेक्टर की मजबूत खिलाड़ी बनकर उभर सकती हैं.

Strong Order Book Defence Stocks: भारत तेजी से डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. खासतौर पर मिसाइल और डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सरकार का फोकस बढ़ने से कई कंपनियों को बड़ा फायदा मिल रहा है. अब सिर्फ बड़ी सरकारी कंपनियां ही नहीं, बल्कि कुछ प्राइवेट और छोटी कंपनियां भी रक्षा क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रही हैं. इन कंपनियों के पास बड़े ऑर्डर, नई तकनीक और तेजी से बढ़ता कारोबार है, जिससे 2026 इनके लिए अहम साल माना जा रहा है.
Solar Industries: मिसाइल प्रोपेलेंट में मजबूत पकड़
Solar Industries भारत की बड़ी विस्फोटक निर्माता कंपनियों में शामिल है. कंपनी मिसाइलों के लिए प्रोपेलेंट, वॉरहेड और बूस्टर सिस्टम तैयार करती है. ब्रह्मोस मिसाइल के लिए सॉलिड प्रोपेलेंट बूस्टर बनाने में भी कंपनी की अहम भूमिका रही है. इसके अलावा कंपनी नागास्त्र ड्रोन और SEBEX-2 जैसे हाई-एनर्जी एक्सप्लोसिव्स पर भी काम कर रही है.
दिसंबर 2025 तक कंपनी का ऑर्डर बुक 21 हजार करोड़ तक पहुंच गया, जिसमें 18,000 करोड़ रुपये केवल रक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं. पिछले पांच सालों में कंपनी की बिक्री और मुनाफे में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है. कंपनी का लक्ष्य अगले कुछ वर्षों में अपना कुल कारोबार दोगुना करना है.
Bharat Dynamics: सेना के लिए मिसाइल बनाने वाली सरकारी कंपनी
Bharat Dynamics भारत सरकार की प्रमुख रक्षा कंपनियों में से एक है. यह कंपनी पृथ्वी, अग्नि, आकाश और नाग जैसी मिसाइलों का निर्माण करती है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित मिसाइलों के उत्पादन में इसकी मुख्य भूमिका रहती है.
दिसंबर 2025 तक कंपनी के पास 26,000 करोड़ रुपये के ऑर्डर थे. सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और स्वदेशी रक्षा उत्पादन नीति का फायदा कंपनी को लगातार मिल रहा है. कंपनी आंध्र प्रदेश में नए प्रोपेलेंट और हथियार निर्माण प्लांट भी लगाने की तैयारी कर रही है.
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Premier Explosives: मिसाइल और अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ता कारोबार
Premier Explosives हाई-एनर्जी मटेरियल और मिसाइल प्रोपेलेंट बनाने का काम करती है. कंपनी मिसाइल, रॉकेट और सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल्स के लिए मोटर और अन्य उपकरण तैयार करती है. इसके उत्पादों में चाफ, फ्लेयर्स, स्मोक मार्कर और रक्षा क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले कई विशेष उपकरण शामिल हैं.
कंपनी के पास इस समय करीब 13,000 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है. हाल ही में रक्षा मंत्रालय से 430 करोड़ रुपये का बड़ा ऑर्डर मिलने के बाद कंपनी को मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है. कंपनी अब RDX और HMX जैसे विस्फोटक पदार्थों की उत्पादन क्षमता भी बढ़ा रही है.
Paras Defence and Space Technologies: एंटी-ड्रोन टेक्नोलॉजी पर बड़ा दांव
Paras Defence and Space Technologies रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए कई हाई-टेक उत्पाद बनाती है. कंपनी डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑप्टिक्स, मिसाइल मोटर ट्यूब और एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसे क्षेत्रों में काम कर रही है.
कंपनी के पास 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऑर्डर बुक है. कंपनी महाराष्ट्र में बड़ा ऑप्टिक्स पार्क बनाने की योजना पर भी काम कर रही है, जिससे डिफेंस और स्पेस सेक्टर में नई तकनीक विकसित की जा सकेगी.
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