ग्लोबल टेंशन सिर्फ खतरा नहीं… भारत के हथियार बने दुनिया की जरूरत, ये 3 डिफेंस स्टॉक्स बन सकते हैं अगले सितारे

भारतीय हथियार अब दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल हो रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय रक्षा तकनीक पर भरोसा और बढ़ा है. निवेशकों के लिए यह सेक्टर अब कहानी नहीं बल्कि ठोस आंकड़ों पर आधारित अवसर बन चुका है. ऐसे में कुछ डिफेंस कंपनियां निवेश की नजर से काफी अहम हो गई हैं.

डिफेंस स्टॉक Image Credit: Canva

Defence Exporting Stocks: दुनिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत का रक्षा उद्योग तेजी से मजबूत हो रहा है. अब भारत सिर्फ हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहा बल्कि हथियार और रक्षा उपकरण बेचने वाला बड़ा देश बनता जा रहा है. सरकार ने रक्षा बजट में लगातार बढ़ोतरी की है और मेक इन इंडिया नीति को तेजी से आगे बढ़ाया है. इसका सीधा असर रक्षा निर्यात पर दिख रहा है.

भारतीय हथियार अब दुनिया के कई देशों में इस्तेमाल हो रहे हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारतीय रक्षा तकनीक पर भरोसा और बढ़ा है. निवेशकों के लिए यह सेक्टर अब कहानी नहीं बल्कि ठोस आंकड़ों पर आधारित अवसर बन चुका है. ऐसे में कुछ डिफेंस कंपनियां निवेश की नजर से काफी अहम हो गई हैं.

क्यों बढ़ रहा है भारत का रक्षा निर्यात

भारत का रक्षा बजट वित्त वर्ष 2014 में 2.53 ट्रिलियन रुपये था. यह बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 6.8 ट्रिलियन रुपये हो गया है. इसी वजह से रक्षा कंपनियों को बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं. वित्त वर्ष 2014 में भारत का रक्षा निर्यात सिर्फ 6.9 अरब रुपये था. वित्त वर्ष 2025 में यह बढ़कर रिकॉर्ड 236.2 अरब रुपये पहुंच गया. भारत ने करीब 80 देशों को रक्षा उपकरण सप्लाई किए हैं. इसमें गोला बारूद रडार सिस्टम और पूरे हथियार प्लेटफॉर्म शामिल हैं.

डेटा पैटर्न्स (Data Patterns)

डेटा पैटर्न्स एक हाई एंड डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी है. यह रडार और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम बनाती है. सितंबर 2025 तक कंपनी की एक्सपोर्ट ऑर्डर बुक 782 मिलियन रुपये थी. यह कुल ऑर्डर बुक का करीब 12 प्रतिशत है. कंपनी ब्रिटेन यूरोप और साउथ अमेरिका में अपने प्रोडक्ट भेज रही है. आने वाले समय में कंपनी बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिलने की उम्मीद कर रही है.

एस्ट्रा माइक्रोवेव (Astra Microwave)

एस्ट्रा माइक्रोवेव रक्षा और स्पेस सेक्टर के लिए हाई वैल्यू सिस्टम बनाती है. कंपनी अब सिर्फ पार्ट्स सप्लायर नहीं रहना चाहती. यह पूरी सिस्टम इंटीग्रेशन पर काम कर रही है. सितंबर 2025 तक कंपनी की ऑर्डर बुक 19.2 अरब रुपये थी. इसमें करीब 7 प्रतिशत हिस्सा निर्यात का है. कंपनी अमेरिका इजराइल और सिंगापुर जैसे देशों में पहले से काम कर रही है.

जेन टेक्नोलॉजीज (Zen Technologies)

जेन टेक्नोलॉजीज ट्रेनिंग सिमुलेटर और एंटी ड्रोन सिस्टम बनाने वाली कंपनी है. सितंबर 2025 तक कंपनी की ऑर्डर बुक 6.8 अरब रुपये थी. इसमें करीब 18 प्रतिशत हिस्सा निर्यात से आया है. कंपनी अफ्रीका मिडिल ईस्ट और सीआईएस देशों पर फोकस कर रही है. इसके एंटी ड्रोन सिस्टम सस्ते और असरदार माने जाते हैं.

निवेशकों के लिए क्या संकेत

भारत का रक्षा निर्यात तेजी से बढ़ रहा है. सरकार का पूरा समर्थन इस सेक्टर को मिल रहा है. निजी कंपनियां तकनीक और विदेशी साझेदारी के दम पर आगे बढ़ रही हैं. लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह सेक्टर बड़ा अवसर बन सकता है. सही कंपनियों पर नजर रखना अब और जरूरी हो गया है.

डेटा सोर्स: Groww, EM

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.

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